एयरफोर्स की महिला अधिकारियों के रिटायरमेंट पर लगी रोक, परमानेंट कमीशन विवाद में HC का बड़ा फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय वायुसेना की शॉर्ट सर्विस कमीशन की महिला अधिकारियों को अंतरिम राहत देते हुए उनकी सेवानिवृत्ति पर फिलहाल रोक लगा दी है. अदालत ने आदेश दिया है कि उनकी याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होने तक उन्हें रिटायर नहीं किया जाएगा. मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी. सोमवार (29 जून, 2026) को हाईकोर्ट उस याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें महिला अधिकारियों को परमानेंट कमीशन नहीं दिए जाने के एयरफोर्स के फैसले को चुनौती दी गई है. याचिकाओं में आरोप लगाया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने मामला लंबित रहने तक उन्हें सेवा जारी रखने की इजाजत दी है, फिर भी वायुसेना ने उनका डिस्चार्ज ऑर्डर पास कर दिया. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट में बताया कि मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने महिला अधिकारियों के पक्ष में अंतरिम स्टे ऑर्डर पारित किया था, जिसके अनुसार उन्हें सेवा से रिलीज नहीं किया जाना था. वकील ने तर्क दिया कि जब कोर्ट की छुट्टियां थीं, तब एयरफोर्स ने जल्दबाजी में रिलीज ऑर्डर पारित कर दिए, जबकि मामला आर्म्ड फोर्सेड ट्रिब्यूनल (AFT) में लंबित था. उन्होंने आरोप लगाया कि एएफटी के सामने महिला अधिकारियों की सुनवाई से पहले ही 3 जून को उनका रिलीज ऑर्डर पास कर दिया गया. हाईकोर्ट ने वकील से पूछा कि उन्होंने सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया है, जिस पर याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया गया कि वह पहले एएफटी के पास ही गए थे. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद उन्होंने एएफटी का रुख किया था, लेकिन वहां समय पर सुनवाई नहीं हो पाई और उससे पहले ही महिला अधिकारियों की रिलीज के लिए ऑर्डर पास कर दिया गया. इस वजह से याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. यह भी पढ़ें:- आसमान नहीं टूट पड़ेगा... राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर क्यों ऐसा बोला सुप्रीम कोर्ट? साल 2023 और 2024 में इन महिला अधिकारियों की स्थाई कमीशन की अपील खारिज कर दी गई थी. साल 2013 में कमीशन प्राप्त इन अधिकारियों के लिए 2023 तक परमानेंट कमीशन के लिए विचार नहीं किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम संरक्षण देते हुए साफ कहा था कि जब तक उनका मामला लंबित है तब तक उन्हें सेवा से बर्खास्त नहीं किया जाएगा. महिला अधिकारियों के अनुसार वायुसेना की 2019 की ह्यूमन रिसोर्स पॉलिसी में कुछ ऐसे प्रावधान थे, जो उनके करियर के लिए हानिकारक साबित हुए. अब दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एयरफोर्स के डिस्चार्ज ऑर्डर पर रोक लगा दी है और मामले को रोस्टर बेंच के पास भेज दिया है. अगली सुनवाई 10 जुलाई को कोर्ट की छुट्टियां खत्म होने के बाद होगी. यह भी पढ़ें:- Navshad Siddiqui Remark: 'एक की गलती पर पूरे मुसलमानों को दोषी ठहराना गलत', ISF विधायक नवशाद सिद्दीकी ने तोड़ी चुप्पी

Jun 29, 2026 - 20:30
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एयरफोर्स की महिला अधिकारियों के रिटायरमेंट पर लगी रोक, परमानेंट कमीशन विवाद में HC का बड़ा फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय वायुसेना की शॉर्ट सर्विस कमीशन की महिला अधिकारियों को अंतरिम राहत देते हुए उनकी सेवानिवृत्ति पर फिलहाल रोक लगा दी है. अदालत ने आदेश दिया है कि उनकी याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होने तक उन्हें रिटायर नहीं किया जाएगा. मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी.

सोमवार (29 जून, 2026) को हाईकोर्ट उस याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें महिला अधिकारियों को परमानेंट कमीशन नहीं दिए जाने के एयरफोर्स के फैसले को चुनौती दी गई है. याचिकाओं में आरोप लगाया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने मामला लंबित रहने तक उन्हें सेवा जारी रखने की इजाजत दी है, फिर भी वायुसेना ने उनका डिस्चार्ज ऑर्डर पास कर दिया.

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट में बताया कि मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने महिला अधिकारियों के पक्ष में अंतरिम स्टे ऑर्डर पारित किया था, जिसके अनुसार उन्हें सेवा से रिलीज नहीं किया जाना था. वकील ने तर्क दिया कि जब कोर्ट की छुट्टियां थीं, तब एयरफोर्स ने जल्दबाजी में रिलीज ऑर्डर पारित कर दिए, जबकि मामला आर्म्ड फोर्सेड ट्रिब्यूनल (AFT) में लंबित था. उन्होंने आरोप लगाया कि एएफटी के सामने महिला अधिकारियों की सुनवाई से पहले ही 3 जून को उनका रिलीज ऑर्डर पास कर दिया गया.

हाईकोर्ट ने वकील से पूछा कि उन्होंने सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया है, जिस पर याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया गया कि वह पहले एएफटी के पास ही गए थे. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद उन्होंने एएफटी का रुख किया था, लेकिन वहां समय पर सुनवाई नहीं हो पाई और उससे पहले ही महिला अधिकारियों की रिलीज के लिए ऑर्डर पास कर दिया गया. इस वजह से याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

यह भी पढ़ें:- आसमान नहीं टूट पड़ेगा... राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर क्यों ऐसा बोला सुप्रीम कोर्ट?

साल 2023 और 2024 में इन महिला अधिकारियों की स्थाई कमीशन की अपील खारिज कर दी गई थी. साल 2013 में कमीशन प्राप्त इन अधिकारियों के लिए 2023 तक परमानेंट कमीशन के लिए विचार नहीं किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम संरक्षण देते हुए साफ कहा था कि जब तक उनका मामला लंबित है तब तक उन्हें सेवा से बर्खास्त नहीं किया जाएगा.

महिला अधिकारियों के अनुसार वायुसेना की 2019 की ह्यूमन रिसोर्स पॉलिसी में कुछ ऐसे प्रावधान थे, जो उनके करियर के लिए हानिकारक साबित हुए. अब दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एयरफोर्स के डिस्चार्ज ऑर्डर पर रोक लगा दी है और मामले को रोस्टर बेंच के पास भेज दिया है. अगली सुनवाई 10 जुलाई को कोर्ट की छुट्टियां खत्म होने के बाद होगी.

यह भी पढ़ें:- Navshad Siddiqui Remark: 'एक की गलती पर पूरे मुसलमानों को दोषी ठहराना गलत', ISF विधायक नवशाद सिद्दीकी ने तोड़ी चुप्पी

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