Navshad Siddiqui Remark: 'एक की गलती पर पूरे मुसलमानों को दोषी ठहराना गलत', ISF विधायक नवशाद सिद्दीकी ने तोड़ी चुप्पी
इंडियन सेक्युलर फ्रंट के विधायक नवशाद सिद्दीकी ने एक बयान में कहा कि अगर कोई गलती करता है, तो उसके खिलाफ विरोध करना लोगों का अधिकार है. लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि किसी एक व्यक्ति की गलती के लिए सभी मुसलमानों को विरोध करने के लिए क्यों कहा जाए. उन्होंने कहा कि यही उनकी सबसे बड़ी आपत्ति है. नवशाद सिद्दीकी ने साफ कहा कि अगर कोई गलत बात करता है, तो उसका समर्थन नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अपने छह साल के राजनीतिक करियर में उन्होंने कभी इस तरह की बातें नहीं कही हैं और न ही उनकी पार्टी ऐसे किसी व्यक्ति का समर्थन करती है जो इस तरह के बयान देता हो. नवशाद सिद्दीकी ने कहा कि जिस खास भाषण को लेकर विवाद है, उस पर आज ममता बनर्जी ने भी बयान दिया है. नवशाद सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री के बयान की सराहना की और उसका स्वागत किया. नवशाद सिद्दीकी ने एक दूसरे बयान में बताया कि एक बिल के खिलाफ कुल 17 विधायकों ने वोट किया. उन्होंने कहा कि वह उन विधायकों में शामिल हैं जिन्होंने इस बिल का विरोध किया. उन्होंने कहा कि सबसे पहले उन्होंने खुद इस बिल के खिलाफ वोट किया. इसके अलावा ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ विधायकों ने भी इस बिल के खिलाफ मतदान किया. कोलकाता में दिए गए इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है. उनके बयान को राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और विधानसभा के हालिया घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है. Kolkata, West Bengal: ISF MLA Nawshad Siddiqui says, "If someone makes a mistake, it is a person’s right to protest. Why should all Muslims protest? That is my biggest objection. Secondly, if there is anything offensive, in my six-year political career I have never said such… pic.twitter.com/sg7ZO7ZcP3 — IANS (@ians_india) June 29, 2026 ये भी पढ़ें: आसमान नहीं टूट पड़ेगा... राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर क्यों ऐसा बोला सुप्रीम कोर्ट? पश्चिम बंगाल की राजनीति का उभरता चेहरा नवशाद सिद्दीकी पश्चिम बंगाल की राजनीति का उभरता हुआ चेहरा हैं. वह ISF के चेयरमैन और पश्चिम बंगाल विधानसभा में भांगर सीट से विधायक (MLA) हैं. नवशाद सिद्दीकी का जन्म 2 मई 1993 को पश्चिम बंगाल में हुआ. वह फुरफुरा शरीफ के प्रभावशाली सिद्दीकी परिवार से आते हैं, जिसकी धार्मिक और सामाजिक पहचान बंगाल में काफी मजबूत मानी जाती है. उनके बड़े भाई अब्बास सिद्दीकी ने 2021 में ISF की स्थापना की थी. नवशाद ने अलिया विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और राजनीति में आने से पहले सामाजिक व धार्मिक गतिविधियों से जुड़े रहे. उनकी पहचान खासतौर पर मुस्लिम, दलित और वंचित समुदायों की आवाज उठाने वाले युवा नेता के रूप में बनी. ये भी पढ़ें: शुभेंदु सरकार का बड़ा एक्शन, ममता बनर्जी की पार्टी का एक और नेता गिरफ्तार, जबरन वसूली वसूली समेत गंभीर आरोप
इंडियन सेक्युलर फ्रंट के विधायक नवशाद सिद्दीकी ने एक बयान में कहा कि अगर कोई गलती करता है, तो उसके खिलाफ विरोध करना लोगों का अधिकार है. लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि किसी एक व्यक्ति की गलती के लिए सभी मुसलमानों को विरोध करने के लिए क्यों कहा जाए. उन्होंने कहा कि यही उनकी सबसे बड़ी आपत्ति है. नवशाद सिद्दीकी ने साफ कहा कि अगर कोई गलत बात करता है, तो उसका समर्थन नहीं किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि अपने छह साल के राजनीतिक करियर में उन्होंने कभी इस तरह की बातें नहीं कही हैं और न ही उनकी पार्टी ऐसे किसी व्यक्ति का समर्थन करती है जो इस तरह के बयान देता हो.
नवशाद सिद्दीकी ने कहा कि जिस खास भाषण को लेकर विवाद है, उस पर आज ममता बनर्जी ने भी बयान दिया है. नवशाद सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री के बयान की सराहना की और उसका स्वागत किया. नवशाद सिद्दीकी ने एक दूसरे बयान में बताया कि एक बिल के खिलाफ कुल 17 विधायकों ने वोट किया.
उन्होंने कहा कि वह उन विधायकों में शामिल हैं जिन्होंने इस बिल का विरोध किया. उन्होंने कहा कि सबसे पहले उन्होंने खुद इस बिल के खिलाफ वोट किया. इसके अलावा ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ विधायकों ने भी इस बिल के खिलाफ मतदान किया. कोलकाता में दिए गए इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है. उनके बयान को राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और विधानसभा के हालिया घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है.
Kolkata, West Bengal: ISF MLA Nawshad Siddiqui says, "If someone makes a mistake, it is a person’s right to protest. Why should all Muslims protest? That is my biggest objection. Secondly, if there is anything offensive, in my six-year political career I have never said such… pic.twitter.com/sg7ZO7ZcP3 — IANS (@ians_india) June 29, 2026
ये भी पढ़ें: आसमान नहीं टूट पड़ेगा... राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर क्यों ऐसा बोला सुप्रीम कोर्ट?
पश्चिम बंगाल की राजनीति का उभरता चेहरा
नवशाद सिद्दीकी पश्चिम बंगाल की राजनीति का उभरता हुआ चेहरा हैं. वह ISF के चेयरमैन और पश्चिम बंगाल विधानसभा में भांगर सीट से विधायक (MLA) हैं. नवशाद सिद्दीकी का जन्म 2 मई 1993 को पश्चिम बंगाल में हुआ. वह फुरफुरा शरीफ के प्रभावशाली सिद्दीकी परिवार से आते हैं, जिसकी धार्मिक और सामाजिक पहचान बंगाल में काफी मजबूत मानी जाती है. उनके बड़े भाई अब्बास सिद्दीकी ने 2021 में ISF की स्थापना की थी.
नवशाद ने अलिया विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और राजनीति में आने से पहले सामाजिक व धार्मिक गतिविधियों से जुड़े रहे. उनकी पहचान खासतौर पर मुस्लिम, दलित और वंचित समुदायों की आवाज उठाने वाले युवा नेता के रूप में बनी.
ये भी पढ़ें: शुभेंदु सरकार का बड़ा एक्शन, ममता बनर्जी की पार्टी का एक और नेता गिरफ्तार, जबरन वसूली वसूली समेत गंभीर आरोप
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