Weather Update: बस 48 घंटे और.. फिर बदलेगा मौसम का पूरा खेल! दिल्ली समेत इन राज्यों में लू पर बारिश का बड़ा वार
देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का असर जारी है, राहत के संकेत मिलने लगे हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में लू की स्थिति बनी हुई है, जहां अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. दिल्ली में बीते दिन अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास, जबकि कुछ इलाकों में 42.1 डिग्री और सफदरजंग में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री अधिक है. न्यूनतम तापमान 28 से 31 डिग्री सेल्सियस रहने से रात में भी राहत नहीं मिल रही. IMD के अनुसार कल से तापमान में गिरावट शुरू होगी और आने वाले दिनों में मौसम बदलेगा. दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार धीमी रफ्तार से आगे बढ़ा, लेकिन अब इसकी गति तेज हो गई है. मानसून बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्सों तक पहुंच चुका है. अगले दो दिनों में मौसम की परिस्थितियां अनुकूल रहने की वजह से मानसून उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ेगा. इसके बाद यह जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और गुजरात के कुछ इलाकों तक पहुंचने की संभावना है. IMD का कहना है कि अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत के बड़े हिस्से में मानसून सक्रिय हो जाएगा.गर्मी से राहत की उम्मीद. यह भी पढ़ें : थलापति विजय के लिए बड़ी खुशखबरी? AIADMK के एक और विधायक का इस्तीफा, विधानसभा में बदल जाएगा पूरा गणित गर्मी से राहत की उम्मीद दिल्ली में कल से गरज-चमक (थंडरस्टॉर्म) की गतिविधियां शुरू होने की संभावना है. अगले तीन दिन 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जबकि कुछ जगहों पर हवा की गति 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है. 2 जुलाई के आसपास पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के असर से उत्तर और पश्चिम भारत में बारिश बढ़ने की संभावना है. मौसम विभाग के सात दिन के पूर्वानुमान के अनुसार 30 जून और 1 जुलाई को गरज-चमक के साथ बारिश होगी और तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है. 2 जुलाई को कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होगी और अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. इसके बाद 3 से 5 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश की संभावना है और तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. दिल्ली में मानसून की स्थिति दिल्ली-एनसीआर में अगले पांच दिनों के दौरान मानसून से जुड़ी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. राजधानी में मानसून पहुंचने की कोई तय तारीख अभी नहीं बताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल बारिश की संभावना मुख्य रूप से 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण बन रही है. मानसून के लगातार आगे बढ़ने से आने वाले दिनों में हालात और अनुकूल होने की उम्मीद है. ऐसे में दिल्ली के लोगों को अगले दो-तीन दिन गर्मी, उमस और तेज आंधी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन सप्ताह के आखिर तक मौसम काफी सुहावना हो सकता है. 'फील्स लाइक' तापमान और बारिश का हाल मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 'फील्स लाइक' तापमान हवा में अधिक नमी के कारण बढ़ता है. ज्यादा नमी की वजह से शरीर का पसीना जल्दी नहीं सूखता, जिससे वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस होती है. जून में देशभर में सामान्य से करीब 40% कम बारिश हुई और लगभग 75% भौगोलिक क्षेत्र में 20% से ज्यादा वर्षा की कमी दर्ज की गई. मौसम विभाग ने पूरे मानसून सीजन में सामान्य का करीब 90% बारिश का अनुमान जताया है. कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है. सिक्किम में रेड अलर्ट, जबकि असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. गोवा और महाराष्ट्र के कई इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका के चलते रेड अलर्ट है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अल नीनो मानसून को प्रभावित करता है, लेकिन मौजूदा गर्मी का यही एकमात्र कारण नहीं है. यह भी पढ़ें : Explained: मानसून का इंतजार खत्म! 4 दिन बाद दिल्ली और आपके राज्य में इस दिन होगी बारिश, लेकिन अच्छी के साथ बुरी खबर क्या?
देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का असर जारी है, राहत के संकेत मिलने लगे हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में लू की स्थिति बनी हुई है, जहां अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. दिल्ली में बीते दिन अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास, जबकि कुछ इलाकों में 42.1 डिग्री और सफदरजंग में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री अधिक है. न्यूनतम तापमान 28 से 31 डिग्री सेल्सियस रहने से रात में भी राहत नहीं मिल रही. IMD के अनुसार कल से तापमान में गिरावट शुरू होगी और आने वाले दिनों में मौसम बदलेगा.
दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार धीमी रफ्तार से आगे बढ़ा, लेकिन अब इसकी गति तेज हो गई है. मानसून बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्सों तक पहुंच चुका है. अगले दो दिनों में मौसम की परिस्थितियां अनुकूल रहने की वजह से मानसून उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ेगा. इसके बाद यह जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और गुजरात के कुछ इलाकों तक पहुंचने की संभावना है. IMD का कहना है कि अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत के बड़े हिस्से में मानसून सक्रिय हो जाएगा.
गर्मी से राहत की उम्मीद.
यह भी पढ़ें : थलापति विजय के लिए बड़ी खुशखबरी? AIADMK के एक और विधायक का इस्तीफा, विधानसभा में बदल जाएगा पूरा गणित
गर्मी से राहत की उम्मीद
दिल्ली में कल से गरज-चमक (थंडरस्टॉर्म) की गतिविधियां शुरू होने की संभावना है. अगले तीन दिन 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जबकि कुछ जगहों पर हवा की गति 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है. 2 जुलाई के आसपास पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के असर से उत्तर और पश्चिम भारत में बारिश बढ़ने की संभावना है. मौसम विभाग के सात दिन के पूर्वानुमान के अनुसार 30 जून और 1 जुलाई को गरज-चमक के साथ बारिश होगी और तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है. 2 जुलाई को कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होगी और अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. इसके बाद 3 से 5 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश की संभावना है और तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है.
दिल्ली में मानसून की स्थिति
दिल्ली-एनसीआर में अगले पांच दिनों के दौरान मानसून से जुड़ी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. राजधानी में मानसून पहुंचने की कोई तय तारीख अभी नहीं बताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल बारिश की संभावना मुख्य रूप से 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण बन रही है. मानसून के लगातार आगे बढ़ने से आने वाले दिनों में हालात और अनुकूल होने की उम्मीद है. ऐसे में दिल्ली के लोगों को अगले दो-तीन दिन गर्मी, उमस और तेज आंधी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन सप्ताह के आखिर तक मौसम काफी सुहावना हो सकता है.
'फील्स लाइक' तापमान और बारिश का हाल
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 'फील्स लाइक' तापमान हवा में अधिक नमी के कारण बढ़ता है. ज्यादा नमी की वजह से शरीर का पसीना जल्दी नहीं सूखता, जिससे वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस होती है. जून में देशभर में सामान्य से करीब 40% कम बारिश हुई और लगभग 75% भौगोलिक क्षेत्र में 20% से ज्यादा वर्षा की कमी दर्ज की गई. मौसम विभाग ने पूरे मानसून सीजन में सामान्य का करीब 90% बारिश का अनुमान जताया है. कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है. सिक्किम में रेड अलर्ट, जबकि असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. गोवा और महाराष्ट्र के कई इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका के चलते रेड अलर्ट है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अल नीनो मानसून को प्रभावित करता है, लेकिन मौजूदा गर्मी का यही एकमात्र कारण नहीं है.
यह भी पढ़ें : Explained: मानसून का इंतजार खत्म! 4 दिन बाद दिल्ली और आपके राज्य में इस दिन होगी बारिश, लेकिन अच्छी के साथ बुरी खबर क्या?
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