वैभव की राह में रुकावट कौन? टीम इंडिया के कोच समेत पूरी सलेक्शन टीम पर 5 'गंभीर' सवाल
आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मैच में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग 11 में जगह मिलेगी, ऐसा माना जा रहा था. लेकिन कोच और कप्तान ने पहले से परफॉर्म करते हुए आ रहे खिलाड़ियों को बैक किया. पहले मुकाबले में भारत की बुरी तरह हार के बाद साफ था कि प्लेइंग 11 में बदलाव होंगे, उम्मीद जगी कि वैभव को खिलाया जा सकता है. दूसरे मैच में भारत के 2 खिलाड़ियों का डेब्यू हुआ, लेकिन हैरानी वाली बात थी कि इसमें वैभव नहीं थे जबकि पूरी सीरीज में उनका ही क्रेज सबसे ज्यादा था. इसके बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. सब यही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर वैभव की राह में रुकावट कौन है? वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू की क्यों उठ रही है मांग वैभव सूर्यवंशी को राजस्थान रॉयल्स ने जब पिछले साल खरीदा था, उनकी उम्र सिर्फ 13 साल थी. उम्र सही है या गलत? इसको लेकर काफी बवाल हुआ और वह बस इसी वजह से चर्चा में रहे, लेकिन जब उन्होंने RR के लिए खेला तो हर मैच के साथ बड़े-बड़े रिकॉर्ड तोड़ते हुए चले गए. अपने पहले ही संस्करण उन्होंने 35 गेंदों में शतक लगाकर इतिहास रचा, वह IPL में दूसरा सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए. इसके बाद उन्होंने डोमेस्टिक, इंडिया ए, अंडर-19 टीम के लिए कमाल का खेल जारी रखा. टी20 ऐसा फॉर्मेट है, जहां बल्लेबाजों को पहली गेंद से मारने की छूट होती है. वैभव ऐसे ही खेलते हैं, लेकिन उन्हें जो चीज अलग बनाती है वो ये कि वह लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए आ रहे हैं. IPL 2026 में वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे, ऑरेंज कैप के साथ उन्होंने कई अवार्ड्स जीते. इसमें एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का अवार्ड भी था, उन्होंने 72 सिक्स लगाकर इतिहास रचा था. इस सीजन लोगों को उनकी एक चीज और पसंद आई कि वह सिर्फ अटैकिंग नहीं बल्कि परिस्थिति के अनुसार रुककर भी खेल सकते हैं. वैभव सूर्यवंशी ने प्लेऑफ के दोनों मैचों में शानदार बल्लेबाजी की थी, लेकिन दोनों में शतक से चूक गए थे. एलिमिनेटर में 97 और क्वालीफायर-2 में 96 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली. इसके बाद वह इंडिया ए के साथ श्रीलंका दौरे पर गए, जहां वनडे फॉर्मेट में खेली गई ट्राई सीरीज के फाइनल में उन्होंने 29 गेंदों में 94 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली. इसमें उन्होंने 11 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था. वैभव किस कदर छाए हुए हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हो कि इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने उन्हें वर्तमान में टी20 का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बताया है. यह भी पढ़ें- 'वैभव सूर्यवंशी को खिलाओ और उसे बाहर करो...', सुनील गावस्कर की दो टूक, दे दिया बड़ा बयान गौतम गंभीर पर उठे ये 5 सवाल 1. टॉप आर्डर के फ्लॉप होने पर भी क्यों नहीं दी जगह? सबसे बड़ा सवाल है कि जब आपने देखा कि पहले मैच में आपके टॉप आर्डर बल्लेबाज फ्लॉप रहे, तो फिर वैभव को दूसरे मैच में मौका क्यों नहीं दिया गया. क्योंकि दिग्गजों से लेकर लोगों की भी मांग यही है, अगर उन्हें खिलाकर आप हारते भी तो आपको आलोचना का शिकार नहीं होना पड़ता. 2. प्रसिद्ध और वाशिंगटन को किया किया ड्राप? अगर आप अपने पुराने खिलाड़ियों को लगातार मौके देना चाहते हो तो फिर इस लिहाज से तो प्रसिद्ध कृष्णा और वाशिंगटन सुंदर को क्यों ड्राप किया गया. क्योंकि पहले मैच में सिर्फ इनकी गलती से तो हम मैच नहीं हारे थे. 3. दो खिलाड़ियों को मौका, फिर भी वैभव सूर्यवंशी क्यों नहीं? वैभव सूर्यवंशी को लेकर आप चाहते हो कि पहली सीरीज में उन्हें सिर्फ टीम के साथ ढलने दिया जाए, मैदान पर नहीं उतारा जाए तो फिर ये बात तो सूर्यांश शेडगे पर भी लागू होती है. उनकी भी ये नेशनल टीम के साथ पहली सीरीज थी. 4. सूर्यांश की जगह वैभव सूर्यवंशी का नहीं हो सकता था डेब्यू? सूर्यांश शेडगे दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, जिन्हें आपने वाशिंगटन सुंदर की जगह खिलाया. उनका प्लस पॉइंट सिर्फ इतना था कि वह गेंदबाजी कर सकते हैं, लेकिन हमने देखा कि वह अपने 2 ओवरों में महंगे साबित हुए. देखा जाए तो पहले मैच में भी लक्ष्य कोई बहुत बड़ा नहीं था, हार बल्लेबाजों की वजह से हुई थी. अगर आप वाशिंगटन को हटाकर किसी और को लाना चाहते थे तो वो वैभव सूर्यवंशी क्यों नहीं हो सकते थे. यह भी पढ़ें- 'टीम में जगह पाने के लिए...', वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ क्यों नहीं खिलाया गया? कोच का आया बड़ा बयान 5. क्या सिर्फ ओपनिंग ही कर सकते हैं वैभव सूर्यवंशी? एक बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि क्या वैभव सूर्यवंशी सिर्फ ओपन ही कर सकते हैं? अगर टीम में आप ओपनर्स को नहीं बदलना चाहते तो क्या गौतम गंभीर वैभव को नंबर-3 के लिए तैयार नहीं कर सकते. अभी वैभव शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, टीम इंडिया को उनकी जरुरत है तो उन्हें जल्द मैदान पर उतारना चाहिए.
आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मैच में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग 11 में जगह मिलेगी, ऐसा माना जा रहा था. लेकिन कोच और कप्तान ने पहले से परफॉर्म करते हुए आ रहे खिलाड़ियों को बैक किया. पहले मुकाबले में भारत की बुरी तरह हार के बाद साफ था कि प्लेइंग 11 में बदलाव होंगे, उम्मीद जगी कि वैभव को खिलाया जा सकता है. दूसरे मैच में भारत के 2 खिलाड़ियों का डेब्यू हुआ, लेकिन हैरानी वाली बात थी कि इसमें वैभव नहीं थे जबकि पूरी सीरीज में उनका ही क्रेज सबसे ज्यादा था. इसके बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. सब यही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर वैभव की राह में रुकावट कौन है?
वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू की क्यों उठ रही है मांग
वैभव सूर्यवंशी को राजस्थान रॉयल्स ने जब पिछले साल खरीदा था, उनकी उम्र सिर्फ 13 साल थी. उम्र सही है या गलत? इसको लेकर काफी बवाल हुआ और वह बस इसी वजह से चर्चा में रहे, लेकिन जब उन्होंने RR के लिए खेला तो हर मैच के साथ बड़े-बड़े रिकॉर्ड तोड़ते हुए चले गए. अपने पहले ही संस्करण उन्होंने 35 गेंदों में शतक लगाकर इतिहास रचा, वह IPL में दूसरा सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए. इसके बाद उन्होंने डोमेस्टिक, इंडिया ए, अंडर-19 टीम के लिए कमाल का खेल जारी रखा.
टी20 ऐसा फॉर्मेट है, जहां बल्लेबाजों को पहली गेंद से मारने की छूट होती है. वैभव ऐसे ही खेलते हैं, लेकिन उन्हें जो चीज अलग बनाती है वो ये कि वह लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए आ रहे हैं. IPL 2026 में वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे, ऑरेंज कैप के साथ उन्होंने कई अवार्ड्स जीते. इसमें एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का अवार्ड भी था, उन्होंने 72 सिक्स लगाकर इतिहास रचा था. इस सीजन लोगों को उनकी एक चीज और पसंद आई कि वह सिर्फ अटैकिंग नहीं बल्कि परिस्थिति के अनुसार रुककर भी खेल सकते हैं.
वैभव सूर्यवंशी ने प्लेऑफ के दोनों मैचों में शानदार बल्लेबाजी की थी, लेकिन दोनों में शतक से चूक गए थे. एलिमिनेटर में 97 और क्वालीफायर-2 में 96 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली. इसके बाद वह इंडिया ए के साथ श्रीलंका दौरे पर गए, जहां वनडे फॉर्मेट में खेली गई ट्राई सीरीज के फाइनल में उन्होंने 29 गेंदों में 94 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली. इसमें उन्होंने 11 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था. वैभव किस कदर छाए हुए हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हो कि इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने उन्हें वर्तमान में टी20 का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बताया है.
यह भी पढ़ें- 'वैभव सूर्यवंशी को खिलाओ और उसे बाहर करो...', सुनील गावस्कर की दो टूक, दे दिया बड़ा बयान
गौतम गंभीर पर उठे ये 5 सवाल
1. टॉप आर्डर के फ्लॉप होने पर भी क्यों नहीं दी जगह? सबसे बड़ा सवाल है कि जब आपने देखा कि पहले मैच में आपके टॉप आर्डर बल्लेबाज फ्लॉप रहे, तो फिर वैभव को दूसरे मैच में मौका क्यों नहीं दिया गया. क्योंकि दिग्गजों से लेकर लोगों की भी मांग यही है, अगर उन्हें खिलाकर आप हारते भी तो आपको आलोचना का शिकार नहीं होना पड़ता.
2. प्रसिद्ध और वाशिंगटन को किया किया ड्राप? अगर आप अपने पुराने खिलाड़ियों को लगातार मौके देना चाहते हो तो फिर इस लिहाज से तो प्रसिद्ध कृष्णा और वाशिंगटन सुंदर को क्यों ड्राप किया गया. क्योंकि पहले मैच में सिर्फ इनकी गलती से तो हम मैच नहीं हारे थे.
3. दो खिलाड़ियों को मौका, फिर भी वैभव सूर्यवंशी क्यों नहीं? वैभव सूर्यवंशी को लेकर आप चाहते हो कि पहली सीरीज में उन्हें सिर्फ टीम के साथ ढलने दिया जाए, मैदान पर नहीं उतारा जाए तो फिर ये बात तो सूर्यांश शेडगे पर भी लागू होती है. उनकी भी ये नेशनल टीम के साथ पहली सीरीज थी.
4. सूर्यांश की जगह वैभव सूर्यवंशी का नहीं हो सकता था डेब्यू? सूर्यांश शेडगे दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, जिन्हें आपने वाशिंगटन सुंदर की जगह खिलाया. उनका प्लस पॉइंट सिर्फ इतना था कि वह गेंदबाजी कर सकते हैं, लेकिन हमने देखा कि वह अपने 2 ओवरों में महंगे साबित हुए. देखा जाए तो पहले मैच में भी लक्ष्य कोई बहुत बड़ा नहीं था, हार बल्लेबाजों की वजह से हुई थी. अगर आप वाशिंगटन को हटाकर किसी और को लाना चाहते थे तो वो वैभव सूर्यवंशी क्यों नहीं हो सकते थे.
यह भी पढ़ें- 'टीम में जगह पाने के लिए...', वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ क्यों नहीं खिलाया गया? कोच का आया बड़ा बयान
5. क्या सिर्फ ओपनिंग ही कर सकते हैं वैभव सूर्यवंशी? एक बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि क्या वैभव सूर्यवंशी सिर्फ ओपन ही कर सकते हैं? अगर टीम में आप ओपनर्स को नहीं बदलना चाहते तो क्या गौतम गंभीर वैभव को नंबर-3 के लिए तैयार नहीं कर सकते. अभी वैभव शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, टीम इंडिया को उनकी जरुरत है तो उन्हें जल्द मैदान पर उतारना चाहिए.
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