यूपी में BDS कॉलेजों की फीस तय, गाजियाबाद का ITS बना सबसे महंगा डेंटल कॉलेज
बीडीएस करने का सपना देख रहे छात्रों के लिए बेहद जरूरी खबर सामने आई है. उत्तर प्रदेश में BDS यानी बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी कोर्स करने की सोच रहे छात्रों के लिए एक बड़ी अपडेट सामने आई है. चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी निजी डेंटल कॉलेजों की सालाना फीस को तय कर दिया है. अब छात्रों और अभिभावकों को कॉलेज चुनने से पहले फीस की पूरी जानकारी मिल सकेगी. इस बार की तय की गई फीस में सबसे महंगा कॉलेज गाजियाबाद का आईटीएस डेंटल कॉलेज रहा है, जहां बीडीएस कोर्स करने के लिए छात्रों को सालाना 5 लाख 52 हजार 960 रुपये चुकाने होंगे. यह राज्य का सबसे महंगा डेंटल कॉलेज बन गया है. इन कॉलेजों में है सबसे कम फीस वहीं बात करें सबसे सस्ती डेंटल पढ़ाई की तो कुछ कॉलेज ऐसे हैं जहां छात्रों को बीडीएस कोर्स के लिए सिर्फ 2 लाख 93 हजार रुपये सालाना खर्च करने होंगे. ये हैं शामिल बरेली का इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज मेरठ का कालका डेंटल कॉलेज आजमगढ़ का डेंटल कॉलेज बाराबंकी का चंद्रा डेंटल कॉलेज गाजियाबाद का इंद्रप्रस्थ डेंटल कॉलेज फीस तय करने की प्रक्रिया फीस निर्धारण की जिम्मेदारी चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की निगरानी में बनी आठ सदस्यीय समिति को सौंपी गई थी. इस समिति ने प्रदेश के कुल 19 निजी डेंटल कॉलेजों की मौजूदा सुविधाओं, संसाधनों और शिक्षा स्तर का अध्ययन कर हर कॉलेज की फीस अलग-अलग तय की है. निर्धारित फीस की पूरी सूची चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड कर दी गई है, जिससे छात्र समय रहते जानकारी हासिल कर सकें. बाकी प्रमुख कॉलेजों की सालाना फीस सरदार पटेल डेंटल कॉलेज, लखनऊ – 4,92,480 रुपये सरस्वती डेंटल कॉलेज, लखनऊ – 4,21,920 रुपये बाबू बनारसी दास डेंटल कॉलेज, लखनऊ – 3,48,000 रुपये श्री बांके बिहारी डेंटल कॉलेज, गाजियाबाद – 3,60,000 रुपये केडी डेंटल कॉलेज, मथुरा – 3,28,000 रुपये रामा डेंटल कॉलेज, कानपुर – 3,13,000 रुपये महाराणा प्रताप डेंटल कॉलेज, कानपुर – 3,21,000 रुपये आईटीएस डेंटल कॉलेज, ग्रेटर नोएडा – 4,38,000 रुपये सुभारती डेंटल कॉलेज, मेरठ – 3,76,200 रुपये हॉस्टल और भोजन का भी शुल्क तय सरकार ने केवल शिक्षण शुल्क ही नहीं, बल्कि छात्रावास (हॉस्टल) और भोजन (फूड) के लिए भी अलग से शुल्क निर्धारित कर दिया है ताकि छात्रों को किसी तरह की आर्थिक अनिश्चितता न झेलनी पड़े.यह भी पढ़ें: रूस के राष्ट्रपति पुतिन के बारे में तो बहुत सुना होगा, अब जान लीजिए वहां के PM मिखाइल मिशुस्तिन कितने पढ़े-लिखे?
बीडीएस करने का सपना देख रहे छात्रों के लिए बेहद जरूरी खबर सामने आई है. उत्तर प्रदेश में BDS यानी बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी कोर्स करने की सोच रहे छात्रों के लिए एक बड़ी अपडेट सामने आई है. चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी निजी डेंटल कॉलेजों की सालाना फीस को तय कर दिया है. अब छात्रों और अभिभावकों को कॉलेज चुनने से पहले फीस की पूरी जानकारी मिल सकेगी.
इस बार की तय की गई फीस में सबसे महंगा कॉलेज गाजियाबाद का आईटीएस डेंटल कॉलेज रहा है, जहां बीडीएस कोर्स करने के लिए छात्रों को सालाना 5 लाख 52 हजार 960 रुपये चुकाने होंगे. यह राज्य का सबसे महंगा डेंटल कॉलेज बन गया है.
इन कॉलेजों में है सबसे कम फीस
वहीं बात करें सबसे सस्ती डेंटल पढ़ाई की तो कुछ कॉलेज ऐसे हैं जहां छात्रों को बीडीएस कोर्स के लिए सिर्फ 2 लाख 93 हजार रुपये सालाना खर्च करने होंगे.
ये हैं शामिल
- बरेली का इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज
- मेरठ का कालका डेंटल कॉलेज
- आजमगढ़ का डेंटल कॉलेज
- बाराबंकी का चंद्रा डेंटल कॉलेज
- गाजियाबाद का इंद्रप्रस्थ डेंटल कॉलेज
फीस तय करने की प्रक्रिया
फीस निर्धारण की जिम्मेदारी चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की निगरानी में बनी आठ सदस्यीय समिति को सौंपी गई थी. इस समिति ने प्रदेश के कुल 19 निजी डेंटल कॉलेजों की मौजूदा सुविधाओं, संसाधनों और शिक्षा स्तर का अध्ययन कर हर कॉलेज की फीस अलग-अलग तय की है.
निर्धारित फीस की पूरी सूची चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड कर दी गई है, जिससे छात्र समय रहते जानकारी हासिल कर सकें.
बाकी प्रमुख कॉलेजों की सालाना फीस
- सरदार पटेल डेंटल कॉलेज, लखनऊ – 4,92,480 रुपये
- सरस्वती डेंटल कॉलेज, लखनऊ – 4,21,920 रुपये
- बाबू बनारसी दास डेंटल कॉलेज, लखनऊ – 3,48,000 रुपये
- श्री बांके बिहारी डेंटल कॉलेज, गाजियाबाद – 3,60,000 रुपये
- केडी डेंटल कॉलेज, मथुरा – 3,28,000 रुपये
- रामा डेंटल कॉलेज, कानपुर – 3,13,000 रुपये
- महाराणा प्रताप डेंटल कॉलेज, कानपुर – 3,21,000 रुपये
- आईटीएस डेंटल कॉलेज, ग्रेटर नोएडा – 4,38,000 रुपये
- सुभारती डेंटल कॉलेज, मेरठ – 3,76,200 रुपये
हॉस्टल और भोजन का भी शुल्क तय
सरकार ने केवल शिक्षण शुल्क ही नहीं, बल्कि छात्रावास (हॉस्टल) और भोजन (फूड) के लिए भी अलग से शुल्क निर्धारित कर दिया है ताकि छात्रों को किसी तरह की आर्थिक अनिश्चितता न झेलनी पड़े.
यह भी पढ़ें: रूस के राष्ट्रपति पुतिन के बारे में तो बहुत सुना होगा, अब जान लीजिए वहां के PM मिखाइल मिशुस्तिन कितने पढ़े-लिखे?
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