अवैध खनन केस में ED का बड़ा एक्शन, पंजाब के कई जिलों में छापेमारी कर 44 जमीनों को किया अटैच

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गुरुग्राम जोनल ऑफिस की टीम ने अवैध खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ी कार्रवाई की है. पंजाब के कई जिलों में छापेमारी कर ईडी ने 44 जमीनों को अटैच कर लिया है. इनमें 85 एकड़ से ज्यादा की कृषि जमीन शामिल है, जिसकी कीमत करीब 30 करोड़ रुपये बताई जा रही है. ये जमीनें लुधियाना, रूप नगर, SAS नगर, शहीद भगत सिंह नगर समेत कई जिलों में फैली हुई है. ये संपत्तियां कुलदीप सिंह मक्कड़, अंगद सिंह मक्कड़, पुनीत सिंह मक्कड़ और उनकी कंपनियों से जुड़ी मानी जा रही है. ईडी की जांच में क्या हुआ खुलासा? ईडी की जांच हरियाणा पुलिस की उन FIRs के आधार पर शुरू हुई थी, जिनमें रेत, बोल्डर और ग्रेवल के अवैध खनन की शिकायत दर्ज थी. इस काम में M/s Mubarikpur Royalty Company, Development Strategies (India) Pvt Ltd, दिल्ली रॉयल्टी कंपनी, JSM फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और पीएस बिल्डटेक जैसी कंई कंपनियां भी शामिल थीं. इनके अलावा कई स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांट्स के मालिक भी इस नेटवर्क का हिस्सा पाए गए. जांच में खुलासा हुआ है कि अवैध खनन से करीब 300 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी. इसमें से सिर्फ अंगद सिंह मक्कड़ और उनके परिवार का हिस्सा ही 110 करोड़ रुपये से ज्यादा है. ये लोग बिना इजाजत वाली जमीनों पर खनन करते थे और फर्जी ई-रावाना बनाकर खनिज बेचते थे. खनिज की बिक्री से मिलने वाले पैसे को कैश में लिया जाता था और फिर गैंग के लोगों में बांट दिया जाता था. इस केस में ईडी पहले भी कर चुकी है कार्रवाई इससे पहले भी ईडी ने इस केस में बड़ी कार्रवाई की थी. उस वक्त दिलबाग सिंह, कुलविंदर सिंह, सुरेन्द्र पंवार और अंगद सिंह मक्कड़ को गिरफ्तार किया गया था और 122 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई थी, जिसे कोर्ट ने भी सही ठहराया था. छापेमारी में ईडी को मिले कई अहम सबूत ईडी को छापेमारी में कई अहम दस्तावेज और सबूत भी मिले हैं, जिनसे साफ है कि इस गैंग ने अवैध खनन से मोटी कमाई की और फिर उसे सफेद करने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया. इस मामले में ईडी ने अंबाला की विशेष अदालत में चार्जशीट भी दाखिल की है, जिस पर कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है. जांच अभी भी जारी है. यह भी पढ़ेंः थिएटर कमांड बनाने पर थलसेना प्रमुख ने किया एयर फोर्स चीफ का काउंटर, बोले- ‘यूनिटी ऑफ कमांड है बेहद जरूरी’

Sep 6, 2025 - 23:30
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अवैध खनन केस में ED का बड़ा एक्शन, पंजाब के कई जिलों में छापेमारी कर 44 जमीनों को किया अटैच

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गुरुग्राम जोनल ऑफिस की टीम ने अवैध खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ी कार्रवाई की है. पंजाब के कई जिलों में छापेमारी कर ईडी ने 44 जमीनों को अटैच कर लिया है. इनमें 85 एकड़ से ज्यादा की कृषि जमीन शामिल है, जिसकी कीमत करीब 30 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

ये जमीनें लुधियाना, रूप नगर, SAS नगर, शहीद भगत सिंह नगर समेत कई जिलों में फैली हुई है. ये संपत्तियां कुलदीप सिंह मक्कड़, अंगद सिंह मक्कड़, पुनीत सिंह मक्कड़ और उनकी कंपनियों से जुड़ी मानी जा रही है.

ईडी की जांच में क्या हुआ खुलासा?

ईडी की जांच हरियाणा पुलिस की उन FIRs के आधार पर शुरू हुई थी, जिनमें रेत, बोल्डर और ग्रेवल के अवैध खनन की शिकायत दर्ज थी. इस काम में M/s Mubarikpur Royalty Company, Development Strategies (India) Pvt Ltd, दिल्ली रॉयल्टी कंपनी, JSM फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और पीएस बिल्डटेक जैसी कंई कंपनियां भी शामिल थीं. इनके अलावा कई स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांट्स के मालिक भी इस नेटवर्क का हिस्सा पाए गए.

जांच में खुलासा हुआ है कि अवैध खनन से करीब 300 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी. इसमें से सिर्फ अंगद सिंह मक्कड़ और उनके परिवार का हिस्सा ही 110 करोड़ रुपये से ज्यादा है. ये लोग बिना इजाजत वाली जमीनों पर खनन करते थे और फर्जी ई-रावाना बनाकर खनिज बेचते थे. खनिज की बिक्री से मिलने वाले पैसे को कैश में लिया जाता था और फिर गैंग के लोगों में बांट दिया जाता था.

इस केस में ईडी पहले भी कर चुकी है कार्रवाई

इससे पहले भी ईडी ने इस केस में बड़ी कार्रवाई की थी. उस वक्त दिलबाग सिंह, कुलविंदर सिंह, सुरेन्द्र पंवार और अंगद सिंह मक्कड़ को गिरफ्तार किया गया था और 122 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई थी, जिसे कोर्ट ने भी सही ठहराया था.

छापेमारी में ईडी को मिले कई अहम सबूत

ईडी को छापेमारी में कई अहम दस्तावेज और सबूत भी मिले हैं, जिनसे साफ है कि इस गैंग ने अवैध खनन से मोटी कमाई की और फिर उसे सफेद करने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया. इस मामले में ईडी ने अंबाला की विशेष अदालत में चार्जशीट भी दाखिल की है, जिस पर कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है. जांच अभी भी जारी है.

यह भी पढ़ेंः थिएटर कमांड बनाने पर थलसेना प्रमुख ने किया एयर फोर्स चीफ का काउंटर, बोले- ‘यूनिटी ऑफ कमांड है बेहद जरूरी’

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