West Bengal Cabinet Expansion Highlights:: शुभेंदु अधिकारी के 'स्पेशल 35', बंगाल में BJP कैबिनेट का पहला विस्तार, देखें मंत्रियों की पूरी लिस्ट
Bengal Cabinet Expansion Highlights: पश्चिम बंगाल में शुभेंदु कैबिनेट का सोमवार (1 जून) को पहला विस्तार हुआ. लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 13 कैबिनेट मंत्री और 22 राज्य मंत्रियों ने शपथ ली, जिनमें से तीन को स्वतंत्र प्रभार दिया जाएगा. इससे पहले 9 मई को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (CM Suvendu Adhikari) ने पांच अन्य मंत्रियों के साथ शपथ ली थी. तब से सरकार केवल छह मंत्रियों के साथ काम कर रही थी और मुख्यमंत्री अकेले 41 विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. मुख्यमंत्री सहित 41 सदस्यों का होगा मंत्रिमंडलपश्चिम बंगाल विधानसभा के आकार के अनुसार राज्य में मुख्यमंत्री के अलावा अधिकतम 44 मंत्री बनाए जा सकते हैं. सोमवार को 35 नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद सरकार में मुख्यमंत्री को छोड़कर कुल 40 मंत्री हो जाएंगे. यानी मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 41 होगी. अनुभव को प्राथमिकता देने की रणनीतिसूत्रों का कहना है कि केवल 13 नए कैबिनेट मंत्रियों को शामिल करना भाजपा की अपेक्षाकृत छोटे मंत्रिमंडल की रणनीति को दर्शाता है. माना जा रहा है कि प्रशासनिक अनुभव रखने वाले विधायकों को ही कैबिनेट स्तर की जिम्मेदारी दी जा रही है, जबकि अन्य नेताओं को राज्य मंत्री के रूप में मौका दिया जाएगा. इससे सरकार के कामकाज को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
Bengal Cabinet Expansion Highlights: पश्चिम बंगाल में शुभेंदु कैबिनेट का सोमवार (1 जून) को पहला विस्तार हुआ. लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 13 कैबिनेट मंत्री और 22 राज्य मंत्रियों ने शपथ ली, जिनमें से तीन को स्वतंत्र प्रभार दिया जाएगा. इससे पहले 9 मई को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (CM Suvendu Adhikari) ने पांच अन्य मंत्रियों के साथ शपथ ली थी. तब से सरकार केवल छह मंत्रियों के साथ काम कर रही थी और मुख्यमंत्री अकेले 41 विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
मुख्यमंत्री सहित 41 सदस्यों का होगा मंत्रिमंडल
पश्चिम बंगाल विधानसभा के आकार के अनुसार राज्य में मुख्यमंत्री के अलावा अधिकतम 44 मंत्री बनाए जा सकते हैं. सोमवार को 35 नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद सरकार में मुख्यमंत्री को छोड़कर कुल 40 मंत्री हो जाएंगे. यानी मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 41 होगी.
अनुभव को प्राथमिकता देने की रणनीति
सूत्रों का कहना है कि केवल 13 नए कैबिनेट मंत्रियों को शामिल करना भाजपा की अपेक्षाकृत छोटे मंत्रिमंडल की रणनीति को दर्शाता है. माना जा रहा है कि प्रशासनिक अनुभव रखने वाले विधायकों को ही कैबिनेट स्तर की जिम्मेदारी दी जा रही है, जबकि अन्य नेताओं को राज्य मंत्री के रूप में मौका दिया जाएगा. इससे सरकार के कामकाज को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
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