Swapan Dasgupta: पेशे से पत्रकार, पद्म भूषण से सम्मानित... कौन हैं स्वपन दासगुप्ता, जो शुभेंदु सरकार में बने मंत्री
पश्चिम बंगाल में कैबिनेट विस्तार के तहत भाजपा के 35 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. मंत्रिपरिषद के गठन में 13 नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, जबकि 3 विधायकों को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 विधायकों को राज्य मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई. इस क्रम में रासबिहारी विधानसभा सीट से जीत हासिल करने वाले स्वपन दासगुप्ता ने भी शुभेंदु अधिकारी के मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ली. स्वपन दासगुप्ता भारत के जाने-माने पत्रकार, लेखक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व हैं. उनका जन्म 3 अक्टूबर 1955 को एक प्रतिष्ठित बंगाली वैद्य परिवार में हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में लंबे समय तक महत्वपूर्ण योगदान दिया है और देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में उच्च पदों पर काम किया है. ये भी पढ़ें: West Bengal Cabinet Expansion Highlights:: शुभेंदु अधिकारी के 'स्पेशल 35', बंगाल में BJP कैबिनेट का पहला विस्तार, देखें मंत्रियों की पूरी लिस्ट स्वपन दासगुप्ता का करियर स्वपन दासगुप्ता ने अपने करियर के दौरान कई प्रतिष्ठित अखबारों और पत्रिकाओं में संपादकीय जिम्मेदारियां संभालीं. उन्होंने द स्टेट्समैन, द डेली टेलीग्राफ, द टाइम्स ऑफ इंडिया, द इंडियन एक्सप्रेस और इंडिया टुडे जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में काम किया. अपनी लेखन शैली, राजनीतिक समझ के कारण उन्होंने पत्रकारिता जगत में विशेष पहचान बनाई. वे साल 2003 तक अलग-अलग एडिटर के पोस्ट पर एक्टिव रहे. पत्रकारिता और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2015 में उन्हें देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया. यह सम्मान उन्हें साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में शानदार कामों के लिए दिया गया था. राज्यसभा के लिए मनोनीत किए गए थे स्वपन दासगुप्ता अप्रैल 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्वपन दासगुप्ता को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया था. इसके बाद वे राज्यसभा के सदस्य बने और वर्ष 2022 तक इस पद पर रहे. राज्यसभा में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखी और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई. राज्यसभा सदस्य रहने के दौरान स्वपन दासगुप्ता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की औपचारिक सदस्यता नहीं ली थी. वे एक लेखक, पत्रकार और राजनीतिक मामलों के जानकार के रूप में अपनी अलग पहचान बनाए हुए थे. चुनावी राजनीति में एंट्री पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में जब भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें रासबिहारी विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया, तो उनकी उम्मीदवारी काफी चर्चा में रही. लंबे समय तक पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन से जुड़े रहने के बाद चुनावी राजनीति में उनकी एंट्री को लेकर राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा हुई. रासबिहारी जैसी महत्वपूर्ण सीट से मैदान में उतरने के कारण वे चुनाव के दौरान लगातार सुर्खियों में बने रहे. कैबिनेट मंत्री के रूप में अन्य लोगों ने लिया शपथ पश्चिम बंगाल में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने वालों में स्वपन दासगुप्ता के अलावा दीपक बर्मन, तपस रॉय, डॉ. शंकर घोष, मनोज कुमार ओरांव, अर्जुन सिंह, गौरी शंकर घोष, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, कल्याण चक्रवर्ती, अजय पोद्दार, सरदवत मुखर्जी, दूध कुमार मंडल और अनूप कुमार दास शामिल हैं. ये सभी अब राज्य सरकार के महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभालेंगे. इसके अलावा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में डॉ. इंद्रनील खान, मालती राव रॉय और राजेश महतो ने शपथ ली. स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री अपने विभागों का काम सीधे संभालते हैं और उन्हें अपने विभाग के फैसले लेने का अधिकार होता है. 19 विधायकों ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की पश्चिम बंगाल में 19 विधायकों ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की. इनमें जोएल मुर्मू, हरे कृष्ण बेरा, आनंदमय बर्मन, अशोक डिंडा, नदियार चंद बाउरी, विशाल लामा, शांतनु प्रमाणिक, मौमिता बिस्वास मिश्रा, उमेश रे, पूर्णिमा चक्रवर्ती, कौशिक चौधरी, भास्कर भट्टाचार्य, दिबाकर घरामी, अमिया किस्कू, कलिता माझी, गार्गी दास घोष, बिराज बिस्वास, दीपांकर जाना और सुमना सरकार शामिल हैं. ये भी पढ़ें: Bengal Cabinet Expansion: 13 कैबिनेट और 22 राज्य मंत्रियों ने ली शपथ, शुभेंदु अधिकारी की टीम में किस-किस को मिली जगह? देखें पूरी लिस्ट
पश्चिम बंगाल में कैबिनेट विस्तार के तहत भाजपा के 35 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. मंत्रिपरिषद के गठन में 13 नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, जबकि 3 विधायकों को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 विधायकों को राज्य मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई. इस क्रम में रासबिहारी विधानसभा सीट से जीत हासिल करने वाले स्वपन दासगुप्ता ने भी शुभेंदु अधिकारी के मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ली.
स्वपन दासगुप्ता भारत के जाने-माने पत्रकार, लेखक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व हैं. उनका जन्म 3 अक्टूबर 1955 को एक प्रतिष्ठित बंगाली वैद्य परिवार में हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में लंबे समय तक महत्वपूर्ण योगदान दिया है और देश के प्रमुख समाचार संस्थानों में उच्च पदों पर काम किया है.
स्वपन दासगुप्ता का करियर
स्वपन दासगुप्ता ने अपने करियर के दौरान कई प्रतिष्ठित अखबारों और पत्रिकाओं में संपादकीय जिम्मेदारियां संभालीं. उन्होंने द स्टेट्समैन, द डेली टेलीग्राफ, द टाइम्स ऑफ इंडिया, द इंडियन एक्सप्रेस और इंडिया टुडे जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में काम किया. अपनी लेखन शैली, राजनीतिक समझ के कारण उन्होंने पत्रकारिता जगत में विशेष पहचान बनाई. वे साल 2003 तक अलग-अलग एडिटर के पोस्ट पर एक्टिव रहे. पत्रकारिता और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2015 में उन्हें देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया. यह सम्मान उन्हें साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में शानदार कामों के लिए दिया गया था.
राज्यसभा के लिए मनोनीत किए गए थे स्वपन दासगुप्ता
अप्रैल 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्वपन दासगुप्ता को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया था. इसके बाद वे राज्यसभा के सदस्य बने और वर्ष 2022 तक इस पद पर रहे. राज्यसभा में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखी और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई. राज्यसभा सदस्य रहने के दौरान स्वपन दासगुप्ता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की औपचारिक सदस्यता नहीं ली थी. वे एक लेखक, पत्रकार और राजनीतिक मामलों के जानकार के रूप में अपनी अलग पहचान बनाए हुए थे.
चुनावी राजनीति में एंट्री
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में जब भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें रासबिहारी विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया, तो उनकी उम्मीदवारी काफी चर्चा में रही. लंबे समय तक पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन से जुड़े रहने के बाद चुनावी राजनीति में उनकी एंट्री को लेकर राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा हुई. रासबिहारी जैसी महत्वपूर्ण सीट से मैदान में उतरने के कारण वे चुनाव के दौरान लगातार सुर्खियों में बने रहे.
कैबिनेट मंत्री के रूप में अन्य लोगों ने लिया शपथ
पश्चिम बंगाल में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने वालों में स्वपन दासगुप्ता के अलावा दीपक बर्मन, तपस रॉय, डॉ. शंकर घोष, मनोज कुमार ओरांव, अर्जुन सिंह, गौरी शंकर घोष, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, कल्याण चक्रवर्ती, अजय पोद्दार, सरदवत मुखर्जी, दूध कुमार मंडल और अनूप कुमार दास शामिल हैं. ये सभी अब राज्य सरकार के महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभालेंगे. इसके अलावा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में डॉ. इंद्रनील खान, मालती राव रॉय और राजेश महतो ने शपथ ली. स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री अपने विभागों का काम सीधे संभालते हैं और उन्हें अपने विभाग के फैसले लेने का अधिकार होता है.
19 विधायकों ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की
पश्चिम बंगाल में 19 विधायकों ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की. इनमें जोएल मुर्मू, हरे कृष्ण बेरा, आनंदमय बर्मन, अशोक डिंडा, नदियार चंद बाउरी, विशाल लामा, शांतनु प्रमाणिक, मौमिता बिस्वास मिश्रा, उमेश रे, पूर्णिमा चक्रवर्ती, कौशिक चौधरी, भास्कर भट्टाचार्य, दिबाकर घरामी, अमिया किस्कू, कलिता माझी, गार्गी दास घोष, बिराज बिस्वास, दीपांकर जाना और सुमना सरकार शामिल हैं.
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