Silent Killer Disease: क्या आपके शरीर में भी पल रहा यह साइलेंट किलर? जा सकती है जान, डॉक्टर ने दी चेतावनी

Early Signs Of High Cholesterol: हाई कोलेस्ट्रॉल को अक्सर "साइलेंट किलर" कहा जाता है, क्योंकि यह शरीर में चुपचाप बढ़ता रहता है और लंबे समय तक कोई साफ लक्षण नहीं दिखाता. कई लोग सालों तक सामान्य जिंदगी जीते रहते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर उनकी आर्टरीज में फैट जमा होता रहता है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है. सबसे चिंता की बात यह है कि ज्यादातर लोगों को इसका पता तब चलता है, जब स्थिति काफी बिगड़ चुकी होती है.   20 साल से अधिक उम्र के करीब 11.3 प्रतिशत लोगों में हाई कोलेस्ट्रॉल हाल के आंकड़ों के मुताबिक, अब सिर्फ बुजुर्ग ही नहीं बल्कि कम उम्र के लोग भी तेजी से हाई कोलेस्ट्रॉल की चपेट में आ रहे हैं. नेशनल हेल्थ एंड न्यूट्रिशन एग्जामिनेशन सर्वे 2021-2023 के अनुसार, अमेरिका में 20 साल से अधिक उम्र के करीब 11.3 प्रतिशत लोगों में हाई कोलेस्ट्रॉल पाया गया. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसकी शुरुआत 20 या 30 की उम्र में भी हो सकती है.  हार्ट डिजीज या स्ट्रोक जैसे हो सकती है स्थिति नोएडा के मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. आशीष कुमार गोविल बताते हैं कि हाई कोलेस्ट्रॉल अक्सर बिना किसी लक्षण के बढ़ता रहता है. उनका कहना है कि जब तक लोगों को इसके बारे में पता चलता है, तब तक यह हार्ट डिजीज या स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या पैदा कर सकता है. इसलिए कम उम्र से ही नियमित जांच बेहद जरूरी है.  आंखों, कोहनी, घुटनों और हाथों में दिखते हैं लक्षण डॉक्टर्स के मुताबिक, कई बार आंखें भी हाई कोलेस्ट्रॉल का संकेत देने लगती हैं. आंखों की पुतली के आसपास ग्रे या सफेद रंग का घेरा दिखना "कॉर्नियल आर्कस" कहलाता है, जो शरीर में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल की ओर इशारा कर सकता है. इसके अलावा त्वचा के नीचे पीले रंग के छोटे उभार या गांठें, जिन्हें जैंथोमास कहा जाता है, भी हाई कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकती हैं. ये अक्सर आंखों, कोहनी, घुटनों और हाथों के आसपास दिखाई देती हैं.  50 साल के लोगों के लिए ये खतरे की घंटी जर्नल ऑफ ट्रांसलेशनल मेडिसिन में प्रकाशित 2021की एक स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों में कॉर्नियल आर्कस और जैंथोमास जैसे संकेत दिखाई देते हैं, उनमें कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा ज्यादा हो सकता है. रिसर्च में यह भी कहा गया कि अगर 50 साल से कम उम्र के लोगों की आंखों के आसपास ऐसा घेरा दिखे, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.  इसे भी पढ़ें - Heart Fights Cancer: दिल धड़क रहा है यानी कैंसर से लड़ रहा है, नई स्टडी से जागी उम्मीद किस कमी के कारण हो रही है परेशानी? डॉ. गोविल के अनुसार, कम उम्र में हाई कोलेस्ट्रॉल के पीछे खराब लाइफस्टाइल सबसे बड़ा कारण बन रहा है. प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा फैट वाला खाना, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, स्मोकिंग और लगातार बढ़ता तनाव इसके जोखिम को बढ़ाते हैं. मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और फैमिली हिस्ट्री भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि हाई कोलेस्ट्रॉल का पता सिर्फ ब्लड टेस्ट से ही लगाया जा सकता है. इसलिए अगर परिवार में किसी को यह समस्या रही हो या शरीर में ऐसे संकेत दिखें, तो समय रहते लिपिड प्रोफाइल टेस्ट जरूर करवाना चाहिए. इसे भी पढ़ें- Vitamin D Deficiency: क्या बिना बात रहता है बदन दर्द और खराब मूड, कहीं इस विटामिन की कमी से तो नहीं हो रहा ऐसा? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

May 12, 2026 - 20:30
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Silent Killer Disease: क्या आपके शरीर में भी पल रहा यह साइलेंट किलर? जा सकती है जान, डॉक्टर ने दी चेतावनी

Early Signs Of High Cholesterol: हाई कोलेस्ट्रॉल को अक्सर "साइलेंट किलर" कहा जाता है, क्योंकि यह शरीर में चुपचाप बढ़ता रहता है और लंबे समय तक कोई साफ लक्षण नहीं दिखाता. कई लोग सालों तक सामान्य जिंदगी जीते रहते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर उनकी आर्टरीज में फैट जमा होता रहता है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है. सबसे चिंता की बात यह है कि ज्यादातर लोगों को इसका पता तब चलता है, जब स्थिति काफी बिगड़ चुकी होती है. 

 20 साल से अधिक उम्र के करीब 11.3 प्रतिशत लोगों में हाई कोलेस्ट्रॉल

हाल के आंकड़ों के मुताबिक, अब सिर्फ बुजुर्ग ही नहीं बल्कि कम उम्र के लोग भी तेजी से हाई कोलेस्ट्रॉल की चपेट में आ रहे हैं. नेशनल हेल्थ एंड न्यूट्रिशन एग्जामिनेशन सर्वे 2021-2023 के अनुसार, अमेरिका में 20 साल से अधिक उम्र के करीब 11.3 प्रतिशत लोगों में हाई कोलेस्ट्रॉल पाया गया. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसकी शुरुआत 20 या 30 की उम्र में भी हो सकती है. 

हार्ट डिजीज या स्ट्रोक जैसे हो सकती है स्थिति

नोएडा के मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. आशीष कुमार गोविल बताते हैं कि हाई कोलेस्ट्रॉल अक्सर बिना किसी लक्षण के बढ़ता रहता है. उनका कहना है कि जब तक लोगों को इसके बारे में पता चलता है, तब तक यह हार्ट डिजीज या स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या पैदा कर सकता है. इसलिए कम उम्र से ही नियमित जांच बेहद जरूरी है. 

आंखों, कोहनी, घुटनों और हाथों में दिखते हैं लक्षण

डॉक्टर्स के मुताबिक, कई बार आंखें भी हाई कोलेस्ट्रॉल का संकेत देने लगती हैं. आंखों की पुतली के आसपास ग्रे या सफेद रंग का घेरा दिखना "कॉर्नियल आर्कस" कहलाता है, जो शरीर में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल की ओर इशारा कर सकता है. इसके अलावा त्वचा के नीचे पीले रंग के छोटे उभार या गांठें, जिन्हें जैंथोमास कहा जाता है, भी हाई कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकती हैं. ये अक्सर आंखों, कोहनी, घुटनों और हाथों के आसपास दिखाई देती हैं. 

50 साल के लोगों के लिए ये खतरे की घंटी

जर्नल ऑफ ट्रांसलेशनल मेडिसिन में प्रकाशित 2021की एक स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों में कॉर्नियल आर्कस और जैंथोमास जैसे संकेत दिखाई देते हैं, उनमें कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा ज्यादा हो सकता है. रिसर्च में यह भी कहा गया कि अगर 50 साल से कम उम्र के लोगों की आंखों के आसपास ऐसा घेरा दिखे, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. 

इसे भी पढ़ें - Heart Fights Cancer: दिल धड़क रहा है यानी कैंसर से लड़ रहा है, नई स्टडी से जागी उम्मीद

किस कमी के कारण हो रही है परेशानी?

डॉ. गोविल के अनुसार, कम उम्र में हाई कोलेस्ट्रॉल के पीछे खराब लाइफस्टाइल सबसे बड़ा कारण बन रहा है. प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा फैट वाला खाना, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, स्मोकिंग और लगातार बढ़ता तनाव इसके जोखिम को बढ़ाते हैं. मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और फैमिली हिस्ट्री भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि हाई कोलेस्ट्रॉल का पता सिर्फ ब्लड टेस्ट से ही लगाया जा सकता है. इसलिए अगर परिवार में किसी को यह समस्या रही हो या शरीर में ऐसे संकेत दिखें, तो समय रहते लिपिड प्रोफाइल टेस्ट जरूर करवाना चाहिए.

इसे भी पढ़ें- Vitamin D Deficiency: क्या बिना बात रहता है बदन दर्द और खराब मूड, कहीं इस विटामिन की कमी से तो नहीं हो रहा ऐसा?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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