Lemon Tree Hotels में 960 करोड़ का दांव, अलग से एक सब्सिडियरी को लिस्ट करने की भी तैयारी

Lemon Tree Hotels share: होटल चेन चलाने वाली लेमन ट्री होटल्स के शेयर सोमवार को फोकस में रहने वाले हैं क्योंकि इसने अपने ग्रुप स्ट्रक्चर को बदलने का फैसला लिया है. इसके तहत, लेमन ट्री होटल्स और उसकी सब्सिडियरी फ्लेउर होटल्स लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शनिवार को ऑर्गनाइजेशन के रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी दे दी है. इस रीस्ट्रक्चरिंग के बाद दो अलग-अलग और कॉम्प्लिमेंट्री प्लेटफॉर्म- लेमन ट्री होटल्स लिमिटेड और फ्लेउर होटल्स लिमिटेड बनेंगे. इसके अलावा, ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म वारबर्ग पिनकस (Warburg Pincus)  को भी निवेश का मौका मिलेगा. बता दें कि अमेरिकी इन्वेस्टमेंट फर्म वारबर्ग पिंकस लेमन ट्री की मौजूदा सब्सिडियरी फ्लेउर होटल्स में करीब 960 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है.  लेमन ट्री का क्या है प्लान?  लेमन ट्री होटल्स के शेयर शुक्रवार, 10 जनवरी को BSE पर 0.73 परसेंट की गिरावट के साथ 149.7 रुपये प्रति शेयर के लेवल पर बंद हुए. कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 7,418.78 करोड़ रुपये है. शनिवार को हुए शेयर परचेज एग्रीमेंट के अनुसार, वारबर्ग पिंकस की सहयोगी कंपनी कोस्टल सीडर इन्वेस्टमेंट BV (Coastal Cedar Investments BV) फ्लेउर में APG स्ट्रेटेजिक रियल एस्टेट पूल N.V. के रखे गए पूरे 41.09 परसेंट  इक्विटी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी. एग्रीमेंट को पूरा करने के लिए, वारबर्ग किस्तों में 960 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. इस लेन-देन के बाद लेमन ट्री होटल्स की सब्सिडरी Fleur Hotels भारतीय स्टॉक मार्केट पर अलग कंपनी के तौर पर लिस्ट होगी, जिसमें 12-15 महीने का वक्त लग सकता है.  दो अलग प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी प्रस्तावित योजना के तहत, लेमन ट्री होटल्स एक एसेट-लाइट मॉडल के जरिए होटलों को मैनेज करने और ब्रांडिंग पर फोकस करेगी, जबकि फ्लेउर होटल्स बड़े पैमाने पर प्रॉपर्टी का मालिकाना हक रखेगी और उन्हें डेवलप करेगी. फ्लेउर को ग्रुप के होटल ओनरशिप प्लेटफॉर्म के तौर पर प्लान किया गया है, जिसमें डेवलपमेंट की क्षमताएं और एक मजबूत पाइपलाइन है और इसके इक्विटी शेयरों को NSE और BSE पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है.     डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.) ये भी पढ़ें: D- Mart के शेयर फोकस में, Q3 856 करोड़ का मुनाफा; रेवेन्यू भी 18000 करोड़ के पार 

Jan 11, 2026 - 12:30
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Lemon Tree Hotels में 960 करोड़ का दांव, अलग से एक सब्सिडियरी को लिस्ट करने की भी तैयारी

Lemon Tree Hotels share: होटल चेन चलाने वाली लेमन ट्री होटल्स के शेयर सोमवार को फोकस में रहने वाले हैं क्योंकि इसने अपने ग्रुप स्ट्रक्चर को बदलने का फैसला लिया है. इसके तहत, लेमन ट्री होटल्स और उसकी सब्सिडियरी फ्लेउर होटल्स लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शनिवार को ऑर्गनाइजेशन के रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी दे दी है. इस रीस्ट्रक्चरिंग के बाद दो अलग-अलग और कॉम्प्लिमेंट्री प्लेटफॉर्म- लेमन ट्री होटल्स लिमिटेड और फ्लेउर होटल्स लिमिटेड बनेंगे.

इसके अलावा, ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म वारबर्ग पिनकस (Warburg Pincus)  को भी निवेश का मौका मिलेगा. बता दें कि अमेरिकी इन्वेस्टमेंट फर्म वारबर्ग पिंकस लेमन ट्री की मौजूदा सब्सिडियरी फ्लेउर होटल्स में करीब 960 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है. 

लेमन ट्री का क्या है प्लान? 

लेमन ट्री होटल्स के शेयर शुक्रवार, 10 जनवरी को BSE पर 0.73 परसेंट की गिरावट के साथ 149.7 रुपये प्रति शेयर के लेवल पर बंद हुए. कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 7,418.78 करोड़ रुपये है. शनिवार को हुए शेयर परचेज एग्रीमेंट के अनुसार, वारबर्ग पिंकस की सहयोगी कंपनी कोस्टल सीडर इन्वेस्टमेंट BV (Coastal Cedar Investments BV) फ्लेउर में APG स्ट्रेटेजिक रियल एस्टेट पूल N.V. के रखे गए पूरे 41.09 परसेंट  इक्विटी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी.

एग्रीमेंट को पूरा करने के लिए, वारबर्ग किस्तों में 960 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. इस लेन-देन के बाद लेमन ट्री होटल्स की सब्सिडरी Fleur Hotels भारतीय स्टॉक मार्केट पर अलग कंपनी के तौर पर लिस्ट होगी, जिसमें 12-15 महीने का वक्त लग सकता है. 

दो अलग प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी

प्रस्तावित योजना के तहत, लेमन ट्री होटल्स एक एसेट-लाइट मॉडल के जरिए होटलों को मैनेज करने और ब्रांडिंग पर फोकस करेगी, जबकि फ्लेउर होटल्स बड़े पैमाने पर प्रॉपर्टी का मालिकाना हक रखेगी और उन्हें डेवलप करेगी. फ्लेउर को ग्रुप के होटल ओनरशिप प्लेटफॉर्म के तौर पर प्लान किया गया है, जिसमें डेवलपमेंट की क्षमताएं और एक मजबूत पाइपलाइन है और इसके इक्विटी शेयरों को NSE और BSE पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है.

 

 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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D- Mart के शेयर फोकस में, Q3 856 करोड़ का मुनाफा; रेवेन्यू भी 18000 करोड़ के पार 

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