Kailash Vijayvargiya Remark: 'BJP सरकार के बाद हर अधिकारी खुद को RSS से जोड़ता है,' कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि जब से भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई है, तब से लगभग हर सरकारी अधिकारी और कर्मचारी खुद को RSS से जुड़ा हुआ बताने की कोशिश करता है. उन्होंने यह भी कहा कि संगठन को सिर्फ अपनी संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि अच्छे इंसान तैयार करने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जब भी कोई अधिकारी उनसे मिलने आता है, वह अक्सर अपने या अपने परिवार के RSS से जुड़े होने की बात जरूर करता है. कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आजकल जो भी अधिकारी उनके पास आता है, वह कहता है कि वह पहले शाखा में जाता था. कोई कहता है कि उसने शाखा में बेल्ट पहनी है, बैंड बांधा है और शॉर्ट्स भी पहने हैं. विजयवर्गीय ने मजाकिया अंदाज में कहा कि BJP सरकार बनने के बाद हर अधिकारी खुद को संघ से जुड़ा हुआ बताने लगा है. उन्होंने आगे कहा कि कई अधिकारी तो अपने परिवार के पुराने संबंधों का भी जिक्र करते हैं. कुछ अधिकारियों ने उनसे कहा कि उनके पिता भी शाखा में जाते थे. किसी ने बताया कि उनके पिता शाखा के प्रमुख भी रह चुके हैं. विजयवर्गीय ने कहा कि अब इतनी भीड़ हो गई है कि हर कोई अपने तरीके से संघ से जुड़ाव दिखाने की कोशिश कर रहा है ये भी पढ़ें: कानपुर एयरपोर्ट पर ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, चलते प्रोपेलर की चपेट में आई ट्रेनी पायलट कैलाश विजयवर्गीय ने क्या कहा? हालांकि, कैलाश विजयवर्गीय ने साफ कहा कि सिर्फ संख्या बढ़ना ही सब कुछ नहीं है. उनका कहना है कि अगर संगठन बड़ा हो रहा है लेकिन अच्छे लोग नहीं बन रहे हैं, तो फिर उस विकास का ज्यादा मतलब नहीं रह जाता. उन्होंने कहा कि आज हर जगह भीड़ है, लेकिन अच्छे इंसानों की कमी साफ दिखाई देती है. संगठन और विचारधारा दोनों बढ़ रहे हैं, लेकिन अगर अच्छे चरित्र वाले लोग नहीं होंगे तो उस विचारधारा की असली ताकत कमजोर पड़ जाएगी. कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब RSS के 100 साल पूरे होने को लेकर राजनीतिक बहस तेज है. प्रियांक खड़गे ने RSS प्रमुख को लिखा लेटर हाल ही में प्रियांक खड़गे ने RSS प्रमुख मोहान भागवत को एक खुला पत्र लिखा था. इस पत्र में उन्होंने संगठन की कानूनी स्थिति, फंडिंग, पदाधिकारियों और संवैधानिक जवाबदेही से जुड़े कई सवाल पूछे थे. मोहान भागवत ने इन सवालों को खारिज कर दिया. उन्होंने इसे सिर्फ एक राजनीतिक चाल बताया और कहा कि उन्हें इन सवालों का जवाब देने की कोई जरूरत नहीं लगती. ये भी पढ़ें: नालंदा यूनिवर्सिटी में फिर से शुरू हुई 'शास्त्रार्थ' परंपरा, PM मोदी ने मन की बात में किया जिक्र, जानें क्या कुछ बताया
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि जब से भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई है, तब से लगभग हर सरकारी अधिकारी और कर्मचारी खुद को RSS से जुड़ा हुआ बताने की कोशिश करता है. उन्होंने यह भी कहा कि संगठन को सिर्फ अपनी संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि अच्छे इंसान तैयार करने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जब भी कोई अधिकारी उनसे मिलने आता है, वह अक्सर अपने या अपने परिवार के RSS से जुड़े होने की बात जरूर करता है.
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आजकल जो भी अधिकारी उनके पास आता है, वह कहता है कि वह पहले शाखा में जाता था. कोई कहता है कि उसने शाखा में बेल्ट पहनी है, बैंड बांधा है और शॉर्ट्स भी पहने हैं. विजयवर्गीय ने मजाकिया अंदाज में कहा कि BJP सरकार बनने के बाद हर अधिकारी खुद को संघ से जुड़ा हुआ बताने लगा है. उन्होंने आगे कहा कि कई अधिकारी तो अपने परिवार के पुराने संबंधों का भी जिक्र करते हैं. कुछ अधिकारियों ने उनसे कहा कि उनके पिता भी शाखा में जाते थे. किसी ने बताया कि उनके पिता शाखा के प्रमुख भी रह चुके हैं. विजयवर्गीय ने कहा कि अब इतनी भीड़ हो गई है कि हर कोई अपने तरीके से संघ से जुड़ाव दिखाने की कोशिश कर रहा है
ये भी पढ़ें: कानपुर एयरपोर्ट पर ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, चलते प्रोपेलर की चपेट में आई ट्रेनी पायलट
कैलाश विजयवर्गीय ने क्या कहा?
हालांकि, कैलाश विजयवर्गीय ने साफ कहा कि सिर्फ संख्या बढ़ना ही सब कुछ नहीं है. उनका कहना है कि अगर संगठन बड़ा हो रहा है लेकिन अच्छे लोग नहीं बन रहे हैं, तो फिर उस विकास का ज्यादा मतलब नहीं रह जाता. उन्होंने कहा कि आज हर जगह भीड़ है, लेकिन अच्छे इंसानों की कमी साफ दिखाई देती है. संगठन और विचारधारा दोनों बढ़ रहे हैं, लेकिन अगर अच्छे चरित्र वाले लोग नहीं होंगे तो उस विचारधारा की असली ताकत कमजोर पड़ जाएगी. कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब RSS के 100 साल पूरे होने को लेकर राजनीतिक बहस तेज है.
प्रियांक खड़गे ने RSS प्रमुख को लिखा लेटर
हाल ही में प्रियांक खड़गे ने RSS प्रमुख मोहान भागवत को एक खुला पत्र लिखा था. इस पत्र में उन्होंने संगठन की कानूनी स्थिति, फंडिंग, पदाधिकारियों और संवैधानिक जवाबदेही से जुड़े कई सवाल पूछे थे. मोहान भागवत ने इन सवालों को खारिज कर दिया. उन्होंने इसे सिर्फ एक राजनीतिक चाल बताया और कहा कि उन्हें इन सवालों का जवाब देने की कोई जरूरत नहीं लगती.
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