Baramulla IED: जहां से गुजरने वाला था सेना का काफिला, आतंकियों ने वहीं लगाया भारी मात्रा में विस्फोटक, बड़ा हादसा टला

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के जनबाजपोरा इलाके में भारतीय सेना की 46 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) ने एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) का पता लगाकर बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया. समय रहते की गई कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि इसी रास्ते से सेना का एक काफिला गुजरने वाला था. सेना के सूत्रों के अनुसार, नियमित गश्त और खुफिया इनपुट के आधार पर 46 राष्ट्रीय राइफल्स ने जनबाजपोरा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि को चिन्हित किया. तलाशी अभियान के दौरान सड़क किनारे एक IED बरामद हुआ. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बम निरोधक दस्ता Bomb Disposal Squad (BDS) को मौके पर बुलाया गया. विशेषज्ञ टीम ने इलाके को घेरकर सुरक्षा घेरा बनाया और मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विस्फोटक उपकरण को सुरक्षित तरीके से डिएक्टिवेट कर दिया. इस पूरी कार्रवाई के दौरान आसपास के नागरिकों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो. सेना के काफिले को था संभावित खतरा सूत्रों के मुताबिक, जिस मार्ग पर IED पाया गया, उसी रास्ते से सेना का एक काफिला गुजरने वाला था. अगर यह विस्फोटक समय पर नहीं पकड़ा जाता तो गंभीर नुकसान हो सकता था. सेना की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी संभावित खतरे से बचाया. यह घटना दिखलाती है कि सुरक्षा बल लगातार सतर्क हैं और किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं. क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी घटना के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है. सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि IED किसने और किस उद्देश्य से लगाया था. संदिग्ध तत्वों की पहचान के लिए जांच जारी है. बारामूला और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं. ऐसे में सुरक्षा बलों की सक्रियता और खुफिया तंत्र की मजबूती बेहद अहम मानी जा रही है.

Feb 20, 2026 - 08:30
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Baramulla IED: जहां से गुजरने वाला था सेना का काफिला, आतंकियों ने वहीं लगाया भारी मात्रा में विस्फोटक, बड़ा हादसा टला

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के जनबाजपोरा इलाके में भारतीय सेना की 46 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) ने एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) का पता लगाकर बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया. समय रहते की गई कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि इसी रास्ते से सेना का एक काफिला गुजरने वाला था.

सेना के सूत्रों के अनुसार, नियमित गश्त और खुफिया इनपुट के आधार पर 46 राष्ट्रीय राइफल्स ने जनबाजपोरा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि को चिन्हित किया. तलाशी अभियान के दौरान सड़क किनारे एक IED बरामद हुआ. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बम निरोधक दस्ता Bomb Disposal Squad (BDS) को मौके पर बुलाया गया. विशेषज्ञ टीम ने इलाके को घेरकर सुरक्षा घेरा बनाया और मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विस्फोटक उपकरण को सुरक्षित तरीके से डिएक्टिवेट कर दिया. इस पूरी कार्रवाई के दौरान आसपास के नागरिकों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो.

सेना के काफिले को था संभावित खतरा

सूत्रों के मुताबिक, जिस मार्ग पर IED पाया गया, उसी रास्ते से सेना का एक काफिला गुजरने वाला था. अगर यह विस्फोटक समय पर नहीं पकड़ा जाता तो गंभीर नुकसान हो सकता था. सेना की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी संभावित खतरे से बचाया. यह घटना दिखलाती है कि सुरक्षा बल लगातार सतर्क हैं और किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं.

क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

घटना के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है. सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि IED किसने और किस उद्देश्य से लगाया था. संदिग्ध तत्वों की पहचान के लिए जांच जारी है. बारामूला और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं. ऐसे में सुरक्षा बलों की सक्रियता और खुफिया तंत्र की मजबूती बेहद अहम मानी जा रही है.

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