IFR 2026: भारतीय नौसेना दिखाएगी मित्र देशों के साथ अपनी ताकत, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी 'फ्लीट रिव्यू'

मिलिट्री डिप्लोमेसी में भारतीय नौसेना एक नया आयाम कायम करने जा रही है. इस महीने की 18 तारीख यानी 18 फरवरी, 2026 को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में 60 मित्र-देशों की नौसेनाएं इकठ्ठा हो रही हैं. यह मौका होगा इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) का, जिसमें देश-विदेश के करीब 50 जंगी जहाज और पनडुब्बियां हिस्सा लेंगी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए तैयार किया गया प्रेसिडेंशियल यॉट राष्ट्रपति और सशस्त्र सेनाओं की सुप्रीम कमांडर द्रौपदी मूर्मु, इंडियन नेवी सहित सभी मित्र-देशों की नौसेनाओं के जंगी जहाज का गार्ड ऑफ ऑनर लेंगी और जंगी बेड़े की समीक्षा करेंगी. इस खास आयोजन के लिए विशाखापट्टनम से सटे समंदर (बंगाल की खाड़ी) में एक स्पेशल प्रेसिडेंशियल यॉट तैयार की गई है.  प्रेसिडेंशियल यॉट के लिए नौसेना के एक जंगी जहाज को खास राष्ट्रपति, रक्षा मंत्री, नेवी चीफ और दूसरे गणमान्य व्यक्तियों के लिए खास तौर से तैयार किया गया है. 10 सालों में एक बार आयोजित होता है IFR 10 सालों में एक बार होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय मेरीटाइम आयोजन में मित्र-देशों के जंगी जहाज और नौसैनिक हिस्सा लेते हैं. आखिरी IFR, साल 2016 में विशाखापट्टनम में हुआ था, जिसमें करीब 50 देशों की नौसेनाओं ने हिस्सा लिया था. तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन में हिस्सा लिया था. इस बार के IFR-2026 में भी पीएम मोदी के शामिल होने की पूरी संभावना है. इंडियन नेवी के युद्धपोत, पनडुब्बियां समेत अन्य विमान लेंगे हिस्सा IFR-2026 के दौरान, सुप्रीम कमांडर द्रौपदी मुर्मू को समंदर में गार्ड ऑफ ऑनर के अलावा, भारतीय नौसेना का शक्ति-प्रदर्शन भी देखने को मिलेगा. इस शक्ति प्रदर्शन में भारतीय नौसेना के युद्धपोत, पनडुब्बियां, एयरक्राफ्ट कैरियर और लड़ाकू विमान हिस्सा लेने जा रहे हैं. स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत, भारतीय नौसेना के जंगी बेड़े का नेतृत्व करेगा. 17 फरवरी को आयोजित की जाएगी नौसेना टुकड़ियों की सिटी-परेड फ्लीट रिव्यू की पंरपरा, 18वीं सदी में जाती थी, जब मराठा नौसेना ने अपनी जंगी बेड़े की सभी बोट्स को अरब सागर में उतारा था. IFR-2026 में हिस्सा लेने वाले मित्र-देशों के नौसैनिकों की टुकड़ियों की एक सिटी-परेड भी विशाखापट्टनम शहर में आयोजित की जाएगी. इसे भारतीय नौसेना ने मिलन का नाम दिया है. ये सिटी-परेड 17 फरवरी, 2026 को आयोजित की जाएगी. यह भी पढ़ेंः 'वीबी-जी राम जी कानून को रद्द करे सरकार...’, मनरेगा की फिर से बहाली के लिए CM सिद्धारमैया ने पेश किया प्रस्ताव

Feb 4, 2026 - 00:30
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IFR 2026: भारतीय नौसेना दिखाएगी मित्र देशों के साथ अपनी ताकत, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी 'फ्लीट रिव्यू'

मिलिट्री डिप्लोमेसी में भारतीय नौसेना एक नया आयाम कायम करने जा रही है. इस महीने की 18 तारीख यानी 18 फरवरी, 2026 को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में 60 मित्र-देशों की नौसेनाएं इकठ्ठा हो रही हैं. यह मौका होगा इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) का, जिसमें देश-विदेश के करीब 50 जंगी जहाज और पनडुब्बियां हिस्सा लेंगी.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए तैयार किया गया प्रेसिडेंशियल यॉट

राष्ट्रपति और सशस्त्र सेनाओं की सुप्रीम कमांडर द्रौपदी मूर्मु, इंडियन नेवी सहित सभी मित्र-देशों की नौसेनाओं के जंगी जहाज का गार्ड ऑफ ऑनर लेंगी और जंगी बेड़े की समीक्षा करेंगी. इस खास आयोजन के लिए विशाखापट्टनम से सटे समंदर (बंगाल की खाड़ी) में एक स्पेशल प्रेसिडेंशियल यॉट तैयार की गई है. 

प्रेसिडेंशियल यॉट के लिए नौसेना के एक जंगी जहाज को खास राष्ट्रपति, रक्षा मंत्री, नेवी चीफ और दूसरे गणमान्य व्यक्तियों के लिए खास तौर से तैयार किया गया है.

10 सालों में एक बार आयोजित होता है IFR

10 सालों में एक बार होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय मेरीटाइम आयोजन में मित्र-देशों के जंगी जहाज और नौसैनिक हिस्सा लेते हैं. आखिरी IFR, साल 2016 में विशाखापट्टनम में हुआ था, जिसमें करीब 50 देशों की नौसेनाओं ने हिस्सा लिया था. तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन में हिस्सा लिया था. इस बार के IFR-2026 में भी पीएम मोदी के शामिल होने की पूरी संभावना है.

इंडियन नेवी के युद्धपोत, पनडुब्बियां समेत अन्य विमान लेंगे हिस्सा

IFR-2026 के दौरान, सुप्रीम कमांडर द्रौपदी मुर्मू को समंदर में गार्ड ऑफ ऑनर के अलावा, भारतीय नौसेना का शक्ति-प्रदर्शन भी देखने को मिलेगा. इस शक्ति प्रदर्शन में भारतीय नौसेना के युद्धपोत, पनडुब्बियां, एयरक्राफ्ट कैरियर और लड़ाकू विमान हिस्सा लेने जा रहे हैं. स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत, भारतीय नौसेना के जंगी बेड़े का नेतृत्व करेगा.

17 फरवरी को आयोजित की जाएगी नौसेना टुकड़ियों की सिटी-परेड

फ्लीट रिव्यू की पंरपरा, 18वीं सदी में जाती थी, जब मराठा नौसेना ने अपनी जंगी बेड़े की सभी बोट्स को अरब सागर में उतारा था. IFR-2026 में हिस्सा लेने वाले मित्र-देशों के नौसैनिकों की टुकड़ियों की एक सिटी-परेड भी विशाखापट्टनम शहर में आयोजित की जाएगी. इसे भारतीय नौसेना ने मिलन का नाम दिया है. ये सिटी-परेड 17 फरवरी, 2026 को आयोजित की जाएगी.

यह भी पढ़ेंः 'वीबी-जी राम जी कानून को रद्द करे सरकार...’, मनरेगा की फिर से बहाली के लिए CM सिद्धारमैया ने पेश किया प्रस्ताव

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