CGHS की सफाई, 27 से 31 अगस्त तक बंद नहीं होंगे वेलनेस सेंटर
केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना यानी CGHS ने एक फर्जी नोटिस को लेकर बड़ी सफाई दी है. पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर एक नोटिस वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि 27 से 31 अगस्त 2026 तक CGHS वेलनेस सेंटर बंद रहेंगे. अब CGHS के डायरेक्टोरेट ने साफ कर दिया है कि यह नोटिस पूरी तरह फर्जी और अनधिकृत है और सभी वेलनेस सेंटर तय समय के हिसाब से खुले ही रहेंगे. क्या था वायरल नोटिस में दावा वायरल हो रहे इस फर्जी नोटिस में CGHS का नाम और लोगो इस्तेमाल करते हुए यह दावा किया गया था कि NEET-PG 2026 परीक्षा में मेडिकल ऑफिसर्स की ड्यूटी लगने की वजह से 27 से 31 अगस्त के बीच वेलनेस सेंटर बंद रहेंगे. यह नोटिस इतनी तेजी से फैला कि लाखों लाभार्थियों के बीच कन्फ्यूजन की स्थिति बन गई, क्योंकि यह नोटिस देखने में बिल्कुल असली सरकारी सर्कुलर जैसा लग रहा था. CGHS डायरेक्टोरेट ने दी सफाई 22 अगस्त 2026 को जारी एक आधिकारिक सर्कुलर में CGHS डायरेक्टोरेट ने साफ शब्दों में कहा कि यह नोटिस न तो उनके द्वारा जारी किया गया है और न ही इसे किसी तरह की मंजूरी मिली है. सर्कुलर में यह भी कहा गया कि नोटिस में दी गई जानकारी पूरी तरह गलत है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए इस बात की पुष्टि की कि सभी CGHS वेलनेस सेंटर अपने तय समय-सारिणी के अनुसार ही काम करते रहेंगे. फर्जी नोटिस पर सख्ती CGHS ने अपने सभी दफ्तरों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस फर्जी नोटिस को कहीं भी प्रदर्शित या आगे शेयर न करें. साथ ही, डायरेक्टोरेट ने CGHS के नाम और लोगो के गलत इस्तेमाल को गंभीरता से लिया है और अधिकारियों से कहा है कि अगर उन्हें इस नोटिस के स्रोत या इसे फैलाने वालों के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो उसकी रिपोर्ट की जाए. यह भी पढ़ें - iPhone की चाहत और खत्म होता सब्र, क्यों जानलेवा बन रही बच्चों की जिद? क्यों जरूरी है यह जानकारी देशभर में लाखों केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स अपने और अपने परिवार के इलाज के लिए CGHS वेलनेस सेंटर पर निर्भर हैं. ऐसे में अगर बीच में कोई फर्जी सूचना फैलती है, तो जरूरतमंद लोगों को समय पर इलाज मिलने में दिक्कत आ सकती है. यही वजह है कि सरकार ने समय रहते इस भ्रम को दूर करने के लिए तुरंत सफाई जारी की, ताकि किसी भी लाभार्थी को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े. यह भी पढ़ें - भारत में कौन तय करता है चीनी की कीमत, सरकार या किसानों का कितना रोल?
केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना यानी CGHS ने एक फर्जी नोटिस को लेकर बड़ी सफाई दी है. पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर एक नोटिस वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि 27 से 31 अगस्त 2026 तक CGHS वेलनेस सेंटर बंद रहेंगे. अब CGHS के डायरेक्टोरेट ने साफ कर दिया है कि यह नोटिस पूरी तरह फर्जी और अनधिकृत है और सभी वेलनेस सेंटर तय समय के हिसाब से खुले ही रहेंगे.
क्या था वायरल नोटिस में दावा
वायरल हो रहे इस फर्जी नोटिस में CGHS का नाम और लोगो इस्तेमाल करते हुए यह दावा किया गया था कि NEET-PG 2026 परीक्षा में मेडिकल ऑफिसर्स की ड्यूटी लगने की वजह से 27 से 31 अगस्त के बीच वेलनेस सेंटर बंद रहेंगे. यह नोटिस इतनी तेजी से फैला कि लाखों लाभार्थियों के बीच कन्फ्यूजन की स्थिति बन गई, क्योंकि यह नोटिस देखने में बिल्कुल असली सरकारी सर्कुलर जैसा लग रहा था.
CGHS डायरेक्टोरेट ने दी सफाई
22 अगस्त 2026 को जारी एक आधिकारिक सर्कुलर में CGHS डायरेक्टोरेट ने साफ शब्दों में कहा कि यह नोटिस न तो उनके द्वारा जारी किया गया है और न ही इसे किसी तरह की मंजूरी मिली है. सर्कुलर में यह भी कहा गया कि नोटिस में दी गई जानकारी पूरी तरह गलत है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए इस बात की पुष्टि की कि सभी CGHS वेलनेस सेंटर अपने तय समय-सारिणी के अनुसार ही काम करते रहेंगे.
फर्जी नोटिस पर सख्ती
CGHS ने अपने सभी दफ्तरों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस फर्जी नोटिस को कहीं भी प्रदर्शित या आगे शेयर न करें. साथ ही, डायरेक्टोरेट ने CGHS के नाम और लोगो के गलत इस्तेमाल को गंभीरता से लिया है और अधिकारियों से कहा है कि अगर उन्हें इस नोटिस के स्रोत या इसे फैलाने वालों के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो उसकी रिपोर्ट की जाए.
यह भी पढ़ें - iPhone की चाहत और खत्म होता सब्र, क्यों जानलेवा बन रही बच्चों की जिद?
क्यों जरूरी है यह जानकारी
देशभर में लाखों केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स अपने और अपने परिवार के इलाज के लिए CGHS वेलनेस सेंटर पर निर्भर हैं. ऐसे में अगर बीच में कोई फर्जी सूचना फैलती है, तो जरूरतमंद लोगों को समय पर इलाज मिलने में दिक्कत आ सकती है. यही वजह है कि सरकार ने समय रहते इस भ्रम को दूर करने के लिए तुरंत सफाई जारी की, ताकि किसी भी लाभार्थी को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े.
यह भी पढ़ें - भारत में कौन तय करता है चीनी की कीमत, सरकार या किसानों का कितना रोल?
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