सिर्फ 4% बड़े ट्रांजैक्शन पर लगेगा UPI चार्ज, आपसी लेन-देन हमेशा रहेंगे मुफ्त

UPI ट्रांजैक्शन को लेकर हाल ही में सरकार ने फैसला किया है कि 2000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर अब से चार्ज देना होगा. या यूं कहें कि 2000 रुपये तक का ट्रांजैक्शन पूरी तरह से मुफ्त रहेगा. जिसे लेकर काफी कंफ्यूजन लोगों के बीच नजर आ रहा है. इसके अलावा व्यापारियों ने भी इसे लेकर विरोध जताया है. जिसके बाद अब खुद सरकार ने इस मामले पर लोगों का कंफ्यूजन दूर किया है. सरकारी की तरफ साफ किया गया है कि P2P यानी पर्सन टू पर्सन ट्रांजैक्शन पूरी तरह से फ्री रहने वाला है. मर्चेंट्स पहले से ही दे रहे चार्जवित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया है कि डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड जैसे इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट का इस्तेमाल करने वाले मर्चेंट पहले से ही MDR चार्ज के रूप में करीब 1 से 2 प्रतिशत का भुगतान कर रहे हैं. फिर भी, बड़े रिटेलर या मर्चेंट आमतौर पर ग्राहकों से कोई अलग चार्ज नहीं लेते हैं. इसके बजाय, वो डिस्काउंट और EMI ऑफर के जरिए कार्ड के इस्तेमाल को बढ़ावा देते हैं. ये भी पढ़ें: तेल, प्याज से लेकर गैस तक, क्यों तेजी से बढ़ रहे हैं खाने-पीने की चीजों के दाम? इसके अलावा मर्चेंट या कोई भी व्यापारी पहले से ही पेमेंट स्वीकार करने के लिए चार्ज देते हैं. क्योंकि डिजिटल पेमेंट के जरिए लोग ज्यादा खरीदारी करते हैं और बड़े टिकट साइज यानी ज्यादा कीमत वाले ट्रांजैक्शन में मदद मिलती है. जिसका पेमेंट पहले से ही मर्चेंट को उठाना पड़ रहा है. 96 प्रतिशत ट्रांजैक्शन पहले से ही हैं मुफ्तइतना ही नहीं मंत्रालय ने ये भी बताया कि 96% UPI मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शन 2000 रुपये से कम के होते हैं और ये 100% चार्ज-फ़्री हैं. इसका साफ भाषा में ये मतलब है कि अधिकतर लोग सामान खरीदते समय 2000 रुपये से कम कीमत का सामन खरीदते हैं और उतना ही पेमेंट भी करते हैं. जिसे कि 2000 से कम के ट्रांजैक्शन 96% होते हैं. महज 4 प्रतिशत ट्रांजैक्शन पर ही UPI चार्ज लगेगा.  इससे छोटे मर्चेंट या छोटे ट्रांजैक्शन पर कोई असर नहीं पड़ता है. ग्राहक किसी भी ट्रांजैक्शन का चार्ज नहीं देते हैं. MDR उन मर्चेंट पर लागू होता है जो पेमेंट स्वीकार करते हैं. ये भी पढ़ें: विदेश जाने पर सरकारी पहरा, क्यों अपने नागरिकों पर ट्रैवल पाबंदियां कस रहा चीन? P2P ट्रांजैक्शन है पूरी तरह फ्रीसरकार के द्वारा दी गई इस अपडेट से साफ पता चलता है कि 2000 के ऊपर भी यदि ट्रांजैक्शन होता है तो उसका असर किसी भी तरह से किसी व्यक्ति पर नहीं पड़ेगा. ये चार्जेज केवल मर्चेंट पेमेंट के लिए होंगे. P2P यानी किसी व्यक्ति को आमतौर पर UPI ट्रांजैक्शन करना पूरी तरह से फ्री रहने वाला है.

Sep 16, 2026 - 00:30
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सिर्फ 4% बड़े ट्रांजैक्शन पर लगेगा UPI चार्ज, आपसी लेन-देन हमेशा रहेंगे मुफ्त

UPI ट्रांजैक्शन को लेकर हाल ही में सरकार ने फैसला किया है कि 2000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर अब से चार्ज देना होगा. या यूं कहें कि 2000 रुपये तक का ट्रांजैक्शन पूरी तरह से मुफ्त रहेगा. जिसे लेकर काफी कंफ्यूजन लोगों के बीच नजर आ रहा है. इसके अलावा व्यापारियों ने भी इसे लेकर विरोध जताया है. जिसके बाद अब खुद सरकार ने इस मामले पर लोगों का कंफ्यूजन दूर किया है. सरकारी की तरफ साफ किया गया है कि P2P यानी पर्सन टू पर्सन ट्रांजैक्शन पूरी तरह से फ्री रहने वाला है.

मर्चेंट्स पहले से ही दे रहे चार्ज
वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने बताया है कि डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड जैसे इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट का इस्तेमाल करने वाले मर्चेंट पहले से ही MDR चार्ज के रूप में करीब 1 से 2 प्रतिशत का भुगतान कर रहे हैं. फिर भी, बड़े रिटेलर या मर्चेंट आमतौर पर ग्राहकों से कोई अलग चार्ज नहीं लेते हैं. इसके बजाय, वो डिस्काउंट और EMI ऑफर के जरिए कार्ड के इस्तेमाल को बढ़ावा देते हैं.

ये भी पढ़ें: तेल, प्याज से लेकर गैस तक, क्यों तेजी से बढ़ रहे हैं खाने-पीने की चीजों के दाम?

इसके अलावा मर्चेंट या कोई भी व्यापारी पहले से ही पेमेंट स्वीकार करने के लिए चार्ज देते हैं. क्योंकि डिजिटल पेमेंट के जरिए लोग ज्यादा खरीदारी करते हैं और बड़े टिकट साइज यानी ज्यादा कीमत वाले ट्रांजैक्शन में मदद मिलती है. जिसका पेमेंट पहले से ही मर्चेंट को उठाना पड़ रहा है.

96 प्रतिशत ट्रांजैक्शन पहले से ही हैं मुफ्त
इतना ही नहीं मंत्रालय ने ये भी बताया कि 96% UPI मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शन 2000 रुपये से कम के होते हैं और ये 100% चार्ज-फ़्री हैं. इसका साफ भाषा में ये मतलब है कि अधिकतर लोग सामान खरीदते समय 2000 रुपये से कम कीमत का सामन खरीदते हैं और उतना ही पेमेंट भी करते हैं. जिसे कि 2000 से कम के ट्रांजैक्शन 96% होते हैं. महज 4 प्रतिशत ट्रांजैक्शन पर ही UPI चार्ज लगेगा. 

इससे छोटे मर्चेंट या छोटे ट्रांजैक्शन पर कोई असर नहीं पड़ता है. ग्राहक किसी भी ट्रांजैक्शन का चार्ज नहीं देते हैं. MDR उन मर्चेंट पर लागू होता है जो पेमेंट स्वीकार करते हैं.

ये भी पढ़ें: विदेश जाने पर सरकारी पहरा, क्यों अपने नागरिकों पर ट्रैवल पाबंदियां कस रहा चीन?

P2P ट्रांजैक्शन है पूरी तरह फ्री
सरकार के द्वारा दी गई इस अपडेट से साफ पता चलता है कि 2000 के ऊपर भी यदि ट्रांजैक्शन होता है तो उसका असर किसी भी तरह से किसी व्यक्ति पर नहीं पड़ेगा. ये चार्जेज केवल मर्चेंट पेमेंट के लिए होंगे. P2P यानी किसी व्यक्ति को आमतौर पर UPI ट्रांजैक्शन करना पूरी तरह से फ्री रहने वाला है.

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