फ्रेंड को 1 लाख तब भी फ्री, दुकानदार को 2500 पर भी चार्ज, ये कैसा कुतर्क है? अशनीर ग्रोवर

UPI ट्रांजैक्शन को लेकर लगातार विवाद चल रहा है. सोमवार को जब से वित्त मंत्रालय ने नया फैसला किया है, तभी से इस विवाद ने तूल पकड़ लिया है. सरकार के इस फैसले के तहत अब यूपीआई के जरिए 2000 रुपये से ज्यादा की पेमेंट करने पर चार्जेस लगेंगे. सरकार के इस फैसले के बाद तमाम व्यापारियों और जनता समेत अलग- अलग लोगों की प्रतिक्रिया सामने आ रही है. वहीं हाल ही में BharatPe के फॉर्मर फाउंडर अशनीर ग्रोवर ने भी इसे लेकर बात की है. अशनीर के सरकार के इस फैसला का जरा भी समर्थन नहीं किया, बल्कि उन्होंने इस फैसले पर आपत्ति जताई है. इतना ही नहीं बल्कि अशनीर ने सरकार के इस फैसले को पूरी तरह से बेवकूफी भरा बता दिया है. ये भी पढ़ें: सिर्फ 4% बड़े ट्रांजैक्शन पर लगेगा UPI चार्ज, आपसी लेन-देन हमेशा रहेंगे मुफ्त क्या बोले अशनीर ग्रोवर?दरअसल हाल ही में अशनीर ग्रोवर टाइम्स नाओ नवभारत की एक डिबेट में शामिल होने पहुंचे. इस दौरान उन्होंने सरकार के इस फैसले को लेकर बात की. अशनीर से जब पूछा गया कि सरकार की 2 हजार रुपये से ऊपर के UPI ट्रांजैक्शन योजना के बारे में वो सोचते हैं, तब उन्होंने इसका जवाब देते हुए सरकार के फैसले की कड़ी निदा की. उन्होंने इस फैसले को गलत बताते हुए इसका उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा, 'मुझे तो ये सब देखकर बहुत मजा आता है. क्योंकि जब मैं सोचता हूं कि सरकार की बेवकूफियां कम हो गई हैं, तभी बढ़ जाती हैं. मैं साफ देता हूं, मान लीजिए मान लीजिए मैंने एक हजार रुपये अपने दोस्त को यूपीआई से भेजे. मैंने 1 लाख अपने दोस्त को भेजे या 3 हजार किसी क्यूआर कोड पर स्कैन करके दिए, तीनों मामलों में कॉस्ट ऑफ रनिंग द सिस्टम एक ही है. फिर आप बताइयये कि दोस्त को एक लाख भेजने पर किसी को कोई पैसे नहीं लगेंगे, लेकिन एक छोटे दुकानदार को 500 रुपये की पेमेंट करने पर पैसे लगाने हैं. इसका क्या लॉजिक है?' कहां खर्च कर रही सरकार?इस दौरान उन्होंने सरकार के खर्च पर सवाल उठाते हुए ये भी कह कि सरकार हमेशा कहती है कि उसका खर्च हो रहा है तो ये भी बताए कि कहां खर्च हो रहा है. उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि RBI ने सरकार को FY26 में 3 लाख करोड़ रुपये का सरप्लस दिया है, तो वहीं UPI में शामिल बैंकों का कुल मुनाफा भी 4.2 लाख करोड़ रुपये है, NPCI का प्री-टैक्स प्रॉफिट FY26 में हजार करोड़ रुपये है तो ऐसे में नुकसान किसे हो रहा है? उन्होंने कहा कि, 'अगर किसी का नुकसान ही नहीं हो रहा है तो आप छोटे दुकानदार से किस बात की भरपाई करवा रहे हो?' ये भी पढ़ें: तेल, प्याज से लेकर गैस तक, क्यों तेजी से बढ़ रहे हैं खाने-पीने की चीजों के दाम? सरकार के तर्क पर अशनीर का कटाक्षवहीं अस दौरान जब सरकार के तर्क को लेकर बात की गई कि 2021 से 2025 के बीच UPI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 8700 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई थी. तब इसे लेकर अशनीर ने साफ कहा कि सरकार ने कोई नेट सब्सिडी नहीं दी है. उन्होंने कहा, 'आप RBI, मुनाफा कमाने वाले बैंकों और NPCI से पैसा व टैक्स ले रहे हैं. NPCI एक 'नॉट फॉर प्रॉफिट' संस्था है, जो अपने स्टेटमेंट में प्रॉफिट की जगह सरप्लस लिखती है, फिर भी सरकार ने पिछले साल उनसे हजार करोड़ का टैक्स लिया है. गूगल करने पर 3 मिनट में सब साफ हो जाता है. सरकार के ये आंकड़े बिल्कुल बेवकूफी भरे हैं. अगर आपको लगता है कि ये सबसे बड़ा सब्सिडी बिल है और देश के सामने सबसे बड़ी समस्या है, तो भगवान ही देश को बचाए'. आम लोगों में भी चिंताबता दें कि UPI पेमेंट को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से आए नए नोटिफिकेशन के बाद 2000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर चार्ज लगने की अटकलें तेज हो गई हैं. वाराणसी की एक चाय की दुकान पर मौजूद लोगों ने भी इस बात को लेकर चिंता जताई है कि अगर 2000 रुपए से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर चार्ज लगता है तो ये आम लोगों की जेब पर भारी पड़ेगा. एटीएम और कैश रूपयों पर निर्भर होना पड़ेगा, जबकि आज ज्यादातर लोग यूपीआई पेमेंट का इस्तेमाल करते हैं.

Sep 16, 2026 - 00:30
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फ्रेंड को 1 लाख तब भी फ्री, दुकानदार को 2500 पर भी चार्ज, ये कैसा कुतर्क है? अशनीर ग्रोवर

UPI ट्रांजैक्शन को लेकर लगातार विवाद चल रहा है. सोमवार को जब से वित्त मंत्रालय ने नया फैसला किया है, तभी से इस विवाद ने तूल पकड़ लिया है. सरकार के इस फैसले के तहत अब यूपीआई के जरिए 2000 रुपये से ज्यादा की पेमेंट करने पर चार्जेस लगेंगे. सरकार के इस फैसले के बाद तमाम व्यापारियों और जनता समेत अलग- अलग लोगों की प्रतिक्रिया सामने आ रही है. वहीं हाल ही में BharatPe के फॉर्मर फाउंडर अशनीर ग्रोवर ने भी इसे लेकर बात की है.

अशनीर के सरकार के इस फैसला का जरा भी समर्थन नहीं किया, बल्कि उन्होंने इस फैसले पर आपत्ति जताई है. इतना ही नहीं बल्कि अशनीर ने सरकार के इस फैसले को पूरी तरह से बेवकूफी भरा बता दिया है.

ये भी पढ़ें: सिर्फ 4% बड़े ट्रांजैक्शन पर लगेगा UPI चार्ज, आपसी लेन-देन हमेशा रहेंगे मुफ्त

क्या बोले अशनीर ग्रोवर?
दरअसल हाल ही में अशनीर ग्रोवर टाइम्स नाओ नवभारत की एक डिबेट में शामिल होने पहुंचे. इस दौरान उन्होंने सरकार के इस फैसले को लेकर बात की. अशनीर से जब पूछा गया कि सरकार की 2 हजार रुपये से ऊपर के UPI ट्रांजैक्शन योजना के बारे में वो सोचते हैं, तब उन्होंने इसका जवाब देते हुए सरकार के फैसले की कड़ी निदा की. उन्होंने इस फैसले को गलत बताते हुए इसका उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा,

'मुझे तो ये सब देखकर बहुत मजा आता है. क्योंकि जब मैं सोचता हूं कि सरकार की बेवकूफियां कम हो गई हैं, तभी बढ़ जाती हैं. मैं साफ देता हूं, मान लीजिए मान लीजिए मैंने एक हजार रुपये अपने दोस्त को यूपीआई से भेजे. मैंने 1 लाख अपने दोस्त को भेजे या 3 हजार किसी क्यूआर कोड पर स्कैन करके दिए, तीनों मामलों में कॉस्ट ऑफ रनिंग द सिस्टम एक ही है. फिर आप बताइयये कि दोस्त को एक लाख भेजने पर किसी को कोई पैसे नहीं लगेंगे, लेकिन एक छोटे दुकानदार को 500 रुपये की पेमेंट करने पर पैसे लगाने हैं. इसका क्या लॉजिक है?'

कहां खर्च कर रही सरकार?
इस दौरान उन्होंने सरकार के खर्च पर सवाल उठाते हुए ये भी कह कि सरकार हमेशा कहती है कि उसका खर्च हो रहा है तो ये भी बताए कि कहां खर्च हो रहा है. उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि RBI ने सरकार को FY26 में 3 लाख करोड़ रुपये का सरप्लस दिया है, तो वहीं UPI में शामिल बैंकों का कुल मुनाफा भी 4.2 लाख करोड़ रुपये है, NPCI का प्री-टैक्स प्रॉफिट FY26 में हजार करोड़ रुपये है तो ऐसे में नुकसान किसे हो रहा है?

उन्होंने कहा कि, 'अगर किसी का नुकसान ही नहीं हो रहा है तो आप छोटे दुकानदार से किस बात की भरपाई करवा रहे हो?'

ये भी पढ़ें: तेल, प्याज से लेकर गैस तक, क्यों तेजी से बढ़ रहे हैं खाने-पीने की चीजों के दाम?

सरकार के तर्क पर अशनीर का कटाक्ष
वहीं अस दौरान जब सरकार के तर्क को लेकर बात की गई कि 2021 से 2025 के बीच UPI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 8700 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई थी. तब इसे लेकर अशनीर ने साफ कहा कि सरकार ने कोई नेट सब्सिडी नहीं दी है. उन्होंने कहा, 'आप RBI, मुनाफा कमाने वाले बैंकों और NPCI से पैसा व टैक्स ले रहे हैं. NPCI एक 'नॉट फॉर प्रॉफिट' संस्था है, जो अपने स्टेटमेंट में प्रॉफिट की जगह सरप्लस लिखती है, फिर भी सरकार ने पिछले साल उनसे हजार करोड़ का टैक्स लिया है. गूगल करने पर 3 मिनट में सब साफ हो जाता है. सरकार के ये आंकड़े बिल्कुल बेवकूफी भरे हैं. अगर आपको लगता है कि ये सबसे बड़ा सब्सिडी बिल है और देश के सामने सबसे बड़ी समस्या है, तो भगवान ही देश को बचाए'.

आम लोगों में भी चिंता
बता दें कि UPI पेमेंट को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से आए नए नोटिफिकेशन के बाद 2000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर चार्ज लगने की अटकलें तेज हो गई हैं. वाराणसी की एक चाय की दुकान पर मौजूद लोगों ने भी इस बात को लेकर चिंता जताई है कि अगर 2000 रुपए से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर चार्ज लगता है तो ये आम लोगों की जेब पर भारी पड़ेगा. एटीएम और कैश रूपयों पर निर्भर होना पड़ेगा, जबकि आज ज्यादातर लोग यूपीआई पेमेंट का इस्तेमाल करते हैं.

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