नेपाल-दुबई से चलता था गैंग का नेटवर्क, दिल्ली का कुख्यात डॉन शब्बीर चौधरी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली और ट्रांस-यमुना इलाके में लंबे समय से आतंक का पर्याय बने कुख्यात गैंगस्टर शब्बीर अली उर्फ शब्बीर चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है. शब्बीर अप्रैल 2025 से मकोका के मामले में फरार चल रहा था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी. उसके गिरोह के नौ बदमाश पहले ही गिरफ्तार होकर जेल में बंद हैं.   खुफिया सूचना पर हरियाणा से दबोचा गया कुख्यात आरोपी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को पुख्ता मुखबिर और तकनीकी निगरानी से शब्बीर की लोकेशन का पता चला. इसके बाद टीम ने हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर जाल बिछाकर उसे दबोच लिया और दिल्ली लेकर आई. पुलिस ने उसके कब्जे से एक कार और एक स्कूटी भी बरामद की है.   दिल्ली से नेपाल और दुबई तक फैला था गैंग का नेटवर्क पुलिस के मुताबिक शब्बीर चौधरी, हाशिम बाबा और अनवर चाचा के संगठित अपराध सिंडिकेट का सरगना है. यह गिरोह सीलमपुर, भजनपुरा, मौजपुर, शाहदरा समेत उत्तर-पूर्वी दिल्ली और ट्रांस-यमुना इलाके में रंगदारी, हत्या, हत्या की कोशिश, जमीन कब्जाने और अन्य संगीन वारदातों को अंजाम देता था. जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के कुछ सदस्य नेपाल और दुबई से बैठकर भी नेटवर्क संचालित कर रहे थे.   यह भी पढ़ें- भरत तिवारी केस: खेसारी लाल के बाद अब रितेश पांडेय पहुंचे बिलौटी, बोले- 'हम चाहते हैं कि…'   90 के दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय शब्बीर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है. साल 2008 में अपने भाई शमीम अहमद की हत्या के बाद उसने अपराध का रास्ता और तेज कर दिया. जेल के दौरान उसकी दोस्ती हाशिम बाबा और अनवर चाचा जैसे कुख्यात अपराधियों से हुई, जिसके बाद उसने अपना बड़ा गैंग खड़ा कर लिया.   14 संगीन मामलों में नाम, कोर्ट से भी था वारंट पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक शब्बीर के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, अवैध हथियार और मकोका समेत 14 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. साल 2024 के मकोका केस में वह वांटेड था. इसके अलावा भजनपुरा थाने के आर्म्स एक्ट मामले में कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी कर रखा था.   स्पेशल सेल लगातार तोड़ रही है गैंग की कमर दिल्ली पुलिस ने बताया कि इसी साल जनवरी में इस गिरोह के शार्पशूटर सोहेल उर्फ आलम को पिस्तौल और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था. वहीं दिसंबर 2025 में गिरोह के दो अन्य बदमाश जासिम उर्फ आलू और जहांगीर उर्फ इक्का को चार पिस्तौल और 14 कारतूस के साथ पकड़ा गया था..पुलिस का कहना है कि गैंग के प्रमुख सदस्य पहले से जेल में हैं और अब सरगना की गिरफ्तारी से गिरोह को बड़ा झटका लगा है.   यह भी पढ़ें- पहले भगवा था… अब हरे रंग में बदला गया राबड़ी देवी का नया आवास, 10 सर्कुलर से खाली हो रहा सामान

Jun 27, 2026 - 10:30
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नेपाल-दुबई से चलता था गैंग का नेटवर्क, दिल्ली का कुख्यात डॉन शब्बीर चौधरी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली और ट्रांस-यमुना इलाके में लंबे समय से आतंक का पर्याय बने कुख्यात गैंगस्टर शब्बीर अली उर्फ शब्बीर चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है. शब्बीर अप्रैल 2025 से मकोका के मामले में फरार चल रहा था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी. उसके गिरोह के नौ बदमाश पहले ही गिरफ्तार होकर जेल में बंद हैं.
 
खुफिया सूचना पर हरियाणा से दबोचा गया कुख्यात आरोपी
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को पुख्ता मुखबिर और तकनीकी निगरानी से शब्बीर की लोकेशन का पता चला. इसके बाद टीम ने हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर जाल बिछाकर उसे दबोच लिया और दिल्ली लेकर आई. पुलिस ने उसके कब्जे से एक कार और एक स्कूटी भी बरामद की है.
 
दिल्ली से नेपाल और दुबई तक फैला था गैंग का नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक शब्बीर चौधरी, हाशिम बाबा और अनवर चाचा के संगठित अपराध सिंडिकेट का सरगना है. यह गिरोह सीलमपुर, भजनपुरा, मौजपुर, शाहदरा समेत उत्तर-पूर्वी दिल्ली और ट्रांस-यमुना इलाके में रंगदारी, हत्या, हत्या की कोशिश, जमीन कब्जाने और अन्य संगीन वारदातों को अंजाम देता था. जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के कुछ सदस्य नेपाल और दुबई से बैठकर भी नेटवर्क संचालित कर रहे थे.
 
 
90 के दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय
शब्बीर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है. साल 2008 में अपने भाई शमीम अहमद की हत्या के बाद उसने अपराध का रास्ता और तेज कर दिया. जेल के दौरान उसकी दोस्ती हाशिम बाबा और अनवर चाचा जैसे कुख्यात अपराधियों से हुई, जिसके बाद उसने अपना बड़ा गैंग खड़ा कर लिया.
 
14 संगीन मामलों में नाम, कोर्ट से भी था वारंट
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक शब्बीर के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, अवैध हथियार और मकोका समेत 14 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. साल 2024 के मकोका केस में वह वांटेड था. इसके अलावा भजनपुरा थाने के आर्म्स एक्ट मामले में कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी कर रखा था.
 
स्पेशल सेल लगातार तोड़ रही है गैंग की कमर
दिल्ली पुलिस ने बताया कि इसी साल जनवरी में इस गिरोह के शार्पशूटर सोहेल उर्फ आलम को पिस्तौल और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था. वहीं दिसंबर 2025 में गिरोह के दो अन्य बदमाश जासिम उर्फ आलू और जहांगीर उर्फ इक्का को चार पिस्तौल और 14 कारतूस के साथ पकड़ा गया था..पुलिस का कहना है कि गैंग के प्रमुख सदस्य पहले से जेल में हैं और अब सरगना की गिरफ्तारी से गिरोह को बड़ा झटका लगा है.
 

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