अनिल अंबानी की बढ़ेंगी मुश्किलें, CBI ने रिलायंस एडीए समूह मामलों में दाखिल की पहली चार्जशीट

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार (29 मई, 2026) को रिलायंस एडीए समूह से जुड़े एक मामले में मुंबई स्थित विशेष सीबीआई न्यायाधीश के समक्ष पहली चार्जशीट दाखिल की. इस चार्जशीट में कुल 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है, जिनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, कंपनी के पांच वरिष्ठ अधिकारी और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पूर्ववर्ती सिंडिकेट बैंक के 10 बैंक अधिकारी शामिल हैं. इन पर IPC के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक गबन और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार के आरोप हैं. किस-किस बैंक से पैसे गबन का है आरोप? चार्जशीट में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की तरफ से स्वीकृत 1,200 करोड़ रुपये के टर्म लोन के कथित दुरुपयोग से संबंधित जांच शामिल है. बैंक ऑफ महाराष्ट्र की तरफ से स्वीकृत 500 करोड़ रुपये की लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधा और पूर्ववर्ती सिंडिकेट बैंक की ओर से स्वीकृत 350 करोड़ रुपये की लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधा के संबंध में मामला दर्ज किया गया है. वहीं, कंसोर्टियम बैंकों की ओर से स्वीकृत अन्य ऋणों की जांच और सार्वजनिक धन के कथित गबन और दुरुपयोग में शामिल अन्य साजिशकर्ताओं की भूमिका का पता लगाने के लिए मामले में आगे की जांच जारी रखी गई है. इस मामले में जल्द ही पूरक आरोपपत्र दाखिल किए जाने की उम्मीद है.  अनिल अंबानी के ऊपर कुल 19694.33 करोड़ की थी देनदारी सीबीआई ने भारतीय स्टेट बैंक से प्राप्त शिकायत के आधार पर मेसर्स रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और अनिल डी. अंबानी के खिलाफ आरसी0742025E0005 दर्ज की थी, जिसमें उन पर बैंक को 2,929.05 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था. भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में 11 बैंकों के एक कंसोर्टियम की ओर से मेसर्स रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड को रुपये में सावधि ऋण स्वीकृत किए गए थे. एफआईआर के अनुसार, कुल देनदारी 19,694.33 करोड़ रुपये की थी, जिसमें 17 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शामिल थे. CBI ने दर्ज की कुल छह एफआईआर सीबीआई ने आरकॉम. आरएचएफएल, आरसीएफएल और आरटीएल के खिलाफ कुल छह एफआईआर भी दर्ज की हैं, जिनकी जांच चल रही है. अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह की कंपनियों की तरफ से कथित धोखाधड़ी की जांच के लिए सीबीआई की ओर से दर्ज की गई सात आरसी की जांच की निगरानी सर्वोच्च न्यायालय कर रहा है. यह भी पढे़ंः PFI से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी को जमानत, HC ने कहा- प्रदर्शन में शामिल होना जमानत रोकने का आधार नहीं

May 30, 2026 - 03:30
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अनिल अंबानी की बढ़ेंगी मुश्किलें, CBI ने रिलायंस एडीए समूह मामलों में दाखिल की पहली चार्जशीट

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार (29 मई, 2026) को रिलायंस एडीए समूह से जुड़े एक मामले में मुंबई स्थित विशेष सीबीआई न्यायाधीश के समक्ष पहली चार्जशीट दाखिल की. इस चार्जशीट में कुल 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है, जिनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, कंपनी के पांच वरिष्ठ अधिकारी और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पूर्ववर्ती सिंडिकेट बैंक के 10 बैंक अधिकारी शामिल हैं.

इन पर IPC के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक गबन और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार के आरोप हैं.

किस-किस बैंक से पैसे गबन का है आरोप?

चार्जशीट में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की तरफ से स्वीकृत 1,200 करोड़ रुपये के टर्म लोन के कथित दुरुपयोग से संबंधित जांच शामिल है. बैंक ऑफ महाराष्ट्र की तरफ से स्वीकृत 500 करोड़ रुपये की लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधा और पूर्ववर्ती सिंडिकेट बैंक की ओर से स्वीकृत 350 करोड़ रुपये की लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधा के संबंध में मामला दर्ज किया गया है.

वहीं, कंसोर्टियम बैंकों की ओर से स्वीकृत अन्य ऋणों की जांच और सार्वजनिक धन के कथित गबन और दुरुपयोग में शामिल अन्य साजिशकर्ताओं की भूमिका का पता लगाने के लिए मामले में आगे की जांच जारी रखी गई है. इस मामले में जल्द ही पूरक आरोपपत्र दाखिल किए जाने की उम्मीद है. 

अनिल अंबानी के ऊपर कुल 19694.33 करोड़ की थी देनदारी

सीबीआई ने भारतीय स्टेट बैंक से प्राप्त शिकायत के आधार पर मेसर्स रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और अनिल डी. अंबानी के खिलाफ आरसी0742025E0005 दर्ज की थी, जिसमें उन पर बैंक को 2,929.05 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था.

भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में 11 बैंकों के एक कंसोर्टियम की ओर से मेसर्स रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड को रुपये में सावधि ऋण स्वीकृत किए गए थे. एफआईआर के अनुसार, कुल देनदारी 19,694.33 करोड़ रुपये की थी, जिसमें 17 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शामिल थे.

CBI ने दर्ज की कुल छह एफआईआर

सीबीआई ने आरकॉम. आरएचएफएल, आरसीएफएल और आरटीएल के खिलाफ कुल छह एफआईआर भी दर्ज की हैं, जिनकी जांच चल रही है. अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह की कंपनियों की तरफ से कथित धोखाधड़ी की जांच के लिए सीबीआई की ओर से दर्ज की गई सात आरसी की जांच की निगरानी सर्वोच्च न्यायालय कर रहा है.

यह भी पढे़ंः PFI से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी को जमानत, HC ने कहा- प्रदर्शन में शामिल होना जमानत रोकने का आधार नहीं

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