Tejas MK1A: आ रहा AI और SATCOM से लैस एडवांस तेजस, ताकत देख खौफ खा रहा पाकिस्तान

भारत 2 स्वदेशी तेजस MK1 फाइटर जेट हादसों में गंवा चुका है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एयरफोर्स जल्द ही तेजस MK1 लड़ाकू विमान के बेड़े में 2 नए इसी तरह के जेट्स शामिल कर सकती है या फिर एडवांस फाइटर जेट तेजस MK1A से इसे बदल सकती है.  तेजस MK1A तेजस MK1A तेजस MK1 से बहुत एडवांस है. तेजस MK1A हाईटेक AESA रडार से लैस है. इसमें इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट और स्वदेशी अस्त्र हथियार भी हैं. इसमें उड़ान के दौरान ही ऑनबोर्ड ऑक्सीजन जनरेशन सिस्टम और हवा में ही फ्यूल भरने की क्षमता होगी. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार तेजस MK1A के वायुसेना के बेड़े में आने तक तेजस MK1 को ही अपग्रेड किया जा रहा है. इसमें इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो और SATCOM लगाए जा रहे हैं. कितना पावरफुल है ये जेटइस फाइटर जेट में सॉफ्टवेयर-डिफाइंड रेडियो एक लचीला कम्युनिकेशन सिस्टम है, जो पारंपरिक फिक्स्ड-फंक्शन हार्डवेयर की जगह रेडियो सिग्नल को प्रोसेस, मॉड्यूलेट और डीकोड करने के लिए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करता है. यह रियल टाइम में कई फ्रीक्वेंसी और वेवफॉर्म पर सुरक्षित, हाई-स्पीड और इंटर ऑपरेबल वॉयस/डेटा कम्युनिकेशन को संभव बनाता है. SATCOM यानि सैटेलाइट कम्युनिकेशंस का मतलब है, दूर की जगहों के बीच वॉइस, डेटा और वीडियो ट्रांसमिशन के लिए रेडियो सिग्नल को आसान बनाने, बढ़ाने और रिले करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले सैटेलाइट का इस्तेमाल करना. यह ग्लोबल टेलीकम्युनिकेशंस के लिए एक जरूरी बैकबोन का काम करता है, जिससे दूरदराज के इलाकों, एविएशन, समुद्री और आपदा राहत की स्थितियों में कनेक्टिविटी मिलती है.  बता दें कि इंडियन एयरफोर्स के सेकेंड स्क्वॉड्रन में 16 तेजस MK1 FOC एयरक्रॉफ्ट हैं. ये जेट पुराने ELM-2032 रडार और एवियानिक्स से लैस हैं. हालांकि, एयर डिफेंस के मामलों में ये ऑपरेशनल जरूरतों और ट्रेनिंग मिशनों को पूरा करते हैं. MK1 से कितना हाईटेक है तेजस MK1Aतेजस MK1 तेजस MK1A की तरह हाईटेक नहीं है. तेजस MK1A में एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) सिस्टम, पॉड बेस्ड जैमिंग कैपेबिलिटी और इंप्रूव्ड एवियानिक्स आर्किटेक्चर है. वायुसेना ने 73 तेजस MK1A सिंगल सीटों और 10 दो सीटों वालें फाइटर्स खरीदे हैं. हाल ही में वायुसेना ने 97 और सिंगल सीटों वाले तेजस MK1A खरीदने का करार किया है और इसकी पूरी खेप 2032 के लास्ट तक मिलने की संभावना है. ये भी पढ़ें  Union Budget Session: राहुल गांधी के बयान पर आखिर सरकार को आपत्ति क्या, तीन-तीन मंत्री एक साथ भिड़े?

Feb 2, 2026 - 16:30
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Tejas MK1A: आ रहा AI और SATCOM से लैस एडवांस तेजस, ताकत देख खौफ खा रहा पाकिस्तान

भारत 2 स्वदेशी तेजस MK1 फाइटर जेट हादसों में गंवा चुका है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एयरफोर्स जल्द ही तेजस MK1 लड़ाकू विमान के बेड़े में 2 नए इसी तरह के जेट्स शामिल कर सकती है या फिर एडवांस फाइटर जेट तेजस MK1A से इसे बदल सकती है. 

तेजस MK1A 
तेजस MK1A तेजस MK1 से बहुत एडवांस है. तेजस MK1A हाईटेक AESA रडार से लैस है. इसमें इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट और स्वदेशी अस्त्र हथियार भी हैं. इसमें उड़ान के दौरान ही ऑनबोर्ड ऑक्सीजन जनरेशन सिस्टम और हवा में ही फ्यूल भरने की क्षमता होगी. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार तेजस MK1A के वायुसेना के बेड़े में आने तक तेजस MK1 को ही अपग्रेड किया जा रहा है. इसमें इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो और SATCOM लगाए जा रहे हैं.

कितना पावरफुल है ये जेट
इस फाइटर जेट में सॉफ्टवेयर-डिफाइंड रेडियो एक लचीला कम्युनिकेशन सिस्टम है, जो पारंपरिक फिक्स्ड-फंक्शन हार्डवेयर की जगह रेडियो सिग्नल को प्रोसेस, मॉड्यूलेट और डीकोड करने के लिए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करता है. यह रियल टाइम में कई फ्रीक्वेंसी और वेवफॉर्म पर सुरक्षित, हाई-स्पीड और इंटर ऑपरेबल वॉयस/डेटा कम्युनिकेशन को संभव बनाता है.

SATCOM यानि सैटेलाइट कम्युनिकेशंस का मतलब है, दूर की जगहों के बीच वॉइस, डेटा और वीडियो ट्रांसमिशन के लिए रेडियो सिग्नल को आसान बनाने, बढ़ाने और रिले करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले सैटेलाइट का इस्तेमाल करना. यह ग्लोबल टेलीकम्युनिकेशंस के लिए एक जरूरी बैकबोन का काम करता है, जिससे दूरदराज के इलाकों, एविएशन, समुद्री और आपदा राहत की स्थितियों में कनेक्टिविटी मिलती है. 

बता दें कि इंडियन एयरफोर्स के सेकेंड स्क्वॉड्रन में 16 तेजस MK1 FOC एयरक्रॉफ्ट हैं. ये जेट पुराने ELM-2032 रडार और एवियानिक्स से लैस हैं. हालांकि, एयर डिफेंस के मामलों में ये ऑपरेशनल जरूरतों और ट्रेनिंग मिशनों को पूरा करते हैं.

MK1 से कितना हाईटेक है तेजस MK1A
तेजस MK1 तेजस MK1A की तरह हाईटेक नहीं है. तेजस MK1A में एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) सिस्टम, पॉड बेस्ड जैमिंग कैपेबिलिटी और इंप्रूव्ड एवियानिक्स आर्किटेक्चर है. वायुसेना ने 73 तेजस MK1A सिंगल सीटों और 10 दो सीटों वालें फाइटर्स खरीदे हैं. हाल ही में वायुसेना ने 97 और सिंगल सीटों वाले तेजस MK1A खरीदने का करार किया है और इसकी पूरी खेप 2032 के लास्ट तक मिलने की संभावना है.

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