हाईड्रोपावर प्रोजेक्ट ने उड़ाई पाकिस्तान की नींद! चिनाब पर पानी रोकने की असली वजह समझ नहीं पाए शहबाज

Indus Water Treaty India Pakistan: भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया है. अब इसका असर दिखना शुरू हो गया है. जम्मू कश्मीर में चिनाब नदी पर बने बांध के जरिए पानी रोक दिया गया है. चिनाब पर बने बगलिहार बांध को बंद कर दिया गया है. बगलिहार प्रोजेक्ट को 2008 में कमीशन किया गया था. इसके बाद से अभी तक बड़े पैमाने पर डी-सिल्टिंग नहीं हुई थी. भारत को अभी तक डी-सिल्टिंग के लिए पाकिस्तान से इजाजत मांगनी पड़ती थी, लेकिन अब हालात बदल गए हैं. सिंधु जल संधि में डी-सिल्टिंग से पाकिस्तान की रजामंदी का प्रावधान था, हालांकि पाकिस्तान ने कभी भी पूरी तरह डी-सिल्टिंग की इजाजत नहीं दी थी. भारत सरकार ने पॉवर बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. थोड़ी देर में छोड़ा जाएगा पानी  जम्मू कश्मीर में आधी दर्जन से ज्यादा परियोजनाएं चल रही हैं और कई जलाशयों की क्षमता बढ़ाने के लिए रेत निकालने का काम शुरू हो गया है. पॉवर जनरेशन के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. पानी को 840 फीट तक रोक गया था, लेकिन थोड़ी देर में पानी को रिलीज कर दिया जाएगा. अखनूर में पानी का स्तर बढ़ना शुरू हो गया है. भारत के इस हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है. उसकी असली दिक्कत बढ़ने वाली है. पाकिस्तान को होगा बड़ा नुकसान  भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में सिंधु जल संधि हुई थी, लेकिन भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद इसे स्थगित कर दिया. पाकिस्तान का इसे बड़ा नुकसान होगा. यह पाकिस्तान में खेती और हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट के लिए बहुत अहम रही है. इसके साथ अहम बात यह भी है कि पाकिस्तान में करीब 80 प्रतिशत सिंचाई के पानी की आपूर्ति इसी से होती थी. यह भी पढ़ें : पहलगाम हमले के बदले का प्लान तैयार? नेवी और IAF चीफ के बाद पीएम मोदी के पास पहुंचे डिफेंस सेक्रेटरी

May 5, 2025 - 14:30
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हाईड्रोपावर प्रोजेक्ट ने उड़ाई पाकिस्तान की नींद! चिनाब पर पानी रोकने की असली वजह समझ नहीं पाए शहबाज

Indus Water Treaty India Pakistan: भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया है. अब इसका असर दिखना शुरू हो गया है. जम्मू कश्मीर में चिनाब नदी पर बने बांध के जरिए पानी रोक दिया गया है. चिनाब पर बने बगलिहार बांध को बंद कर दिया गया है. बगलिहार प्रोजेक्ट को 2008 में कमीशन किया गया था. इसके बाद से अभी तक बड़े पैमाने पर डी-सिल्टिंग नहीं हुई थी.

भारत को अभी तक डी-सिल्टिंग के लिए पाकिस्तान से इजाजत मांगनी पड़ती थी, लेकिन अब हालात बदल गए हैं. सिंधु जल संधि में डी-सिल्टिंग से पाकिस्तान की रजामंदी का प्रावधान था, हालांकि पाकिस्तान ने कभी भी पूरी तरह डी-सिल्टिंग की इजाजत नहीं दी थी. भारत सरकार ने पॉवर बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है.

थोड़ी देर में छोड़ा जाएगा पानी 

जम्मू कश्मीर में आधी दर्जन से ज्यादा परियोजनाएं चल रही हैं और कई जलाशयों की क्षमता बढ़ाने के लिए रेत निकालने का काम शुरू हो गया है. पॉवर जनरेशन के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. पानी को 840 फीट तक रोक गया था, लेकिन थोड़ी देर में पानी को रिलीज कर दिया जाएगा. अखनूर में पानी का स्तर बढ़ना शुरू हो गया है. भारत के इस हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है. उसकी असली दिक्कत बढ़ने वाली है.

पाकिस्तान को होगा बड़ा नुकसान 

भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में सिंधु जल संधि हुई थी, लेकिन भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद इसे स्थगित कर दिया. पाकिस्तान का इसे बड़ा नुकसान होगा. यह पाकिस्तान में खेती और हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट के लिए बहुत अहम रही है. इसके साथ अहम बात यह भी है कि पाकिस्तान में करीब 80 प्रतिशत सिंचाई के पानी की आपूर्ति इसी से होती थी.

यह भी पढ़ें : पहलगाम हमले के बदले का प्लान तैयार? नेवी और IAF चीफ के बाद पीएम मोदी के पास पहुंचे डिफेंस सेक्रेटरी

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