'साजिश हो रही कि...' EC के SIR की डेडलाइन बढ़ाने पर भड़के तेलंगाना CM
तेलंगाना में एसआईआर की समय-सीमा बढ़ने का मुद्दा सियासी रंग लेता दिख रहा है. चुनाव आयोग के राज्य में एसआईआर के तहत दावों और आपत्तियों की समय सीमा बढ़ाने पर तेलंगाना सीएम ने सवाल खड़े करते हुए निशाना साधा है. मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया है कि SIR प्रक्रिया के जरिए तेलंगाना में मतदाता सूची से एक करोड़ वोट हटाने की साजिश रची जा रही है. पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव की श्रद्धांजलि सभा में बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण मतदाताओं को भी निशाना बनाया जा रहा है. रेड्डी ने सवाल किया कि बीजेपी इस मुद्दे पर चुप क्यों है, आरोप लगाया कि बीजेपी उन्हीं तरीकों का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है, जिनसे कथित तौर पर बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनावी गड़बड़ी हुई थी. मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि इन्हीं वोटों का इस्तेमाल 2029 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हराने के लिए किया जाएगा. तेलंगाना सीएम ने लगाए ये आरोप उन्होंने जनता से SIR प्रक्रिया को लेकर सतर्क और सावधान रहने की अपील की. रेड्डी ने बीजेपी पर SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल करके उन मतदाताओं को हटाने का आरोप भी लगाया जो बीजेपी का विरोध कर सकते हैं और इसे देश के लिए एक खतरनाक रणनीति बताया. 'कौन है ये मूर्ख...', बाबा बागेश्वर के 'नॉनवेज' वाले बयान पर भड़की CPM 9 नवंबर को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध पर तेलंगाना में मतदाता सूची के 'विशेष एकीकृत संशोधन' (SIR) के तहत दावों और आपत्तियों पर कार्रवाई करने की समय-सीमा 7 अक्टूबर, 2026 तक बढ़ा दी है. अंतिम मतदाता सूची 9 नवंबर को प्रकाशित की जानी है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कम से कम तीन सप्ताह की समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था. उन्होंने लगभग 92 लाख मतदाताओं को भेजे गए नोटिस और उनके जवाबों पर कार्रवाई करने की जरूरत का हवाला दिया था; नोटिस पाने वाले 47 लाख मतदाताओं में से अब तक केवल 9 लाख के ही जवाब मिले हैं. सत्य निकेतन हादसा: 7 छात्रों की मौत के बाद जागा सिस्टम या अगली त्रासदी का इंतजार?
तेलंगाना में एसआईआर की समय-सीमा बढ़ने का मुद्दा सियासी रंग लेता दिख रहा है. चुनाव आयोग के राज्य में एसआईआर के तहत दावों और आपत्तियों की समय सीमा बढ़ाने पर तेलंगाना सीएम ने सवाल खड़े करते हुए निशाना साधा है. मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया है कि SIR प्रक्रिया के जरिए तेलंगाना में मतदाता सूची से एक करोड़ वोट हटाने की साजिश रची जा रही है.
पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव की श्रद्धांजलि सभा में बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण मतदाताओं को भी निशाना बनाया जा रहा है. रेड्डी ने सवाल किया कि बीजेपी इस मुद्दे पर चुप क्यों है, आरोप लगाया कि बीजेपी उन्हीं तरीकों का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है, जिनसे कथित तौर पर बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनावी गड़बड़ी हुई थी. मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि इन्हीं वोटों का इस्तेमाल 2029 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हराने के लिए किया जाएगा.
तेलंगाना सीएम ने लगाए ये आरोप
उन्होंने जनता से SIR प्रक्रिया को लेकर सतर्क और सावधान रहने की अपील की. रेड्डी ने बीजेपी पर SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल करके उन मतदाताओं को हटाने का आरोप भी लगाया जो बीजेपी का विरोध कर सकते हैं और इसे देश के लिए एक खतरनाक रणनीति बताया.
'कौन है ये मूर्ख...', बाबा बागेश्वर के 'नॉनवेज' वाले बयान पर भड़की CPM
9 नवंबर को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट
चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध पर तेलंगाना में मतदाता सूची के 'विशेष एकीकृत संशोधन' (SIR) के तहत दावों और आपत्तियों पर कार्रवाई करने की समय-सीमा 7 अक्टूबर, 2026 तक बढ़ा दी है. अंतिम मतदाता सूची 9 नवंबर को प्रकाशित की जानी है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कम से कम तीन सप्ताह की समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था. उन्होंने लगभग 92 लाख मतदाताओं को भेजे गए नोटिस और उनके जवाबों पर कार्रवाई करने की जरूरत का हवाला दिया था; नोटिस पाने वाले 47 लाख मतदाताओं में से अब तक केवल 9 लाख के ही जवाब मिले हैं.
सत्य निकेतन हादसा: 7 छात्रों की मौत के बाद जागा सिस्टम या अगली त्रासदी का इंतजार?
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