राज्यपाल के अभिभाषण को खत्म करना चाहते हैं CM स्टालिन, विपक्ष से संविधान में संशोधन की करेंगे मांग

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन ने मंगलवार (20 जनवरी, 2026) को कहा कि उनकी पार्टी संविधान में संशोधन करने का प्रयास करेगी, ताकि वर्ष की शुरुआत में राज्य विधानसभा को राज्यपाल के अभिभाषण को अनिवार्य बनाने वाले प्रावधानों को हटाया जा सके. उनकी यह टिप्पणी तमिलनाडु के राज्यपाल आर. एन. रवि की ओर से विधानसभा में राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए पाठ को पढ़ने से इनकार करने के जवाब में आई है, जिसमें लोक भवन ने गलतियों का दावा किया था और राज्यपाल औपचारिक अभिभाषण दिए बिना सदन से चले गए थे. राज्य विधानसभा में स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल का हर साल सरकार की ओर से तैयार अभिभाषण पढ़ने से इनकार करना ठीक नहीं है. कई राज्यों में राज्यपाल इस तरह की समस्याएं पैदा कर रहे हैं, ऐसा केवल तमिलनाडु में नहीं हो रहा. उनका इशारा स्पष्ट रूप से गैर-भाजपा शासित राज्यों की ओर था. 2021 में पदभार संभालने के बाद से रवि का सदन से लगातार चौथा ऐसा वॉकआउट था. बार-बार उल्लंघन ही करना है, तो ऐसा नियम क्यों होना चाहिए- स्टालिन दरअसल, साल की शुरुआत में राज्यपाल की ओर से सरकार का नीति वक्तव्य पढ़ना एक प्रचलित परंपरा है. स्टालिन ने कहा, 'जब कोई राज्यपाल बार-बार इस परंपरा का उल्लंघन करता है, तो स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठता है कि ऐसा नियम/परंपरा क्यों मौजूद होनी चाहिए?’ उन्होंने कहा कि DMK संसद में समान विचारधारा वाली पार्टियों के समर्थन से संविधान में संशोधन के माध्यम से उन प्रावधानों को हटाने का प्रयास करेगी, जो वर्ष की शुरुआत में राज्यपाल के अभिभाषण को अनिवार्य बनाते हैं. सोशल मीडिया पर पोस्ट कर CM स्टालिन ने क्या कहा? बाद में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में द्रविड मुनेत्र कषगम (DMK) प्रमुख ने कहा, ‘आइए हम संविधान में संशोधन की मांग करें, ताकि राज्यपाल के अभिभाषण की आवश्यकता न रहे. यह देश के उन सभी राज्यों के हित में है, जहां विपक्षी (गैर भाजपा) दलों का शासन है.’ उन्होंने कहा, ‘राज्यपाल के सरकार की ओर से तैयार किए गए भाषण पढ़े बिना सदन से चले जाने भर से सरकार की चार साल की उपलब्धियों को उन लोगों से छिपाया नहीं जा सकता, जिन्हें इनसे लाभ मिला है.’ यह भी पढ़ेंः 'एजेंसियां तो अपना काम करेंगी', I-PAC दफ्तर में ED रेड पर बोले धर्मेंद्र प्रधान, abp न्यूज के मंच से ममता बनर्जी पर बोला हमला

Jan 20, 2026 - 23:30
 0
राज्यपाल के अभिभाषण को खत्म करना चाहते हैं CM स्टालिन, विपक्ष से संविधान में संशोधन की करेंगे मांग

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन ने मंगलवार (20 जनवरी, 2026) को कहा कि उनकी पार्टी संविधान में संशोधन करने का प्रयास करेगी, ताकि वर्ष की शुरुआत में राज्य विधानसभा को राज्यपाल के अभिभाषण को अनिवार्य बनाने वाले प्रावधानों को हटाया जा सके.

उनकी यह टिप्पणी तमिलनाडु के राज्यपाल आर. एन. रवि की ओर से विधानसभा में राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए पाठ को पढ़ने से इनकार करने के जवाब में आई है, जिसमें लोक भवन ने गलतियों का दावा किया था और राज्यपाल औपचारिक अभिभाषण दिए बिना सदन से चले गए थे.

राज्य विधानसभा में स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल का हर साल सरकार की ओर से तैयार अभिभाषण पढ़ने से इनकार करना ठीक नहीं है. कई राज्यों में राज्यपाल इस तरह की समस्याएं पैदा कर रहे हैं, ऐसा केवल तमिलनाडु में नहीं हो रहा. उनका इशारा स्पष्ट रूप से गैर-भाजपा शासित राज्यों की ओर था. 2021 में पदभार संभालने के बाद से रवि का सदन से लगातार चौथा ऐसा वॉकआउट था.

बार-बार उल्लंघन ही करना है, तो ऐसा नियम क्यों होना चाहिए- स्टालिन

दरअसल, साल की शुरुआत में राज्यपाल की ओर से सरकार का नीति वक्तव्य पढ़ना एक प्रचलित परंपरा है. स्टालिन ने कहा, 'जब कोई राज्यपाल बार-बार इस परंपरा का उल्लंघन करता है, तो स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठता है कि ऐसा नियम/परंपरा क्यों मौजूद होनी चाहिए?’ उन्होंने कहा कि DMK संसद में समान विचारधारा वाली पार्टियों के समर्थन से संविधान में संशोधन के माध्यम से उन प्रावधानों को हटाने का प्रयास करेगी, जो वर्ष की शुरुआत में राज्यपाल के अभिभाषण को अनिवार्य बनाते हैं.

सोशल मीडिया पर पोस्ट कर CM स्टालिन ने क्या कहा?

बाद में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में द्रविड मुनेत्र कषगम (DMK) प्रमुख ने कहा, ‘आइए हम संविधान में संशोधन की मांग करें, ताकि राज्यपाल के अभिभाषण की आवश्यकता न रहे. यह देश के उन सभी राज्यों के हित में है, जहां विपक्षी (गैर भाजपा) दलों का शासन है.’ उन्होंने कहा, ‘राज्यपाल के सरकार की ओर से तैयार किए गए भाषण पढ़े बिना सदन से चले जाने भर से सरकार की चार साल की उपलब्धियों को उन लोगों से छिपाया नहीं जा सकता, जिन्हें इनसे लाभ मिला है.’

यह भी पढ़ेंः 'एजेंसियां तो अपना काम करेंगी', I-PAC दफ्तर में ED रेड पर बोले धर्मेंद्र प्रधान, abp न्यूज के मंच से ममता बनर्जी पर बोला हमला

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow