ब्लैक सी में भारतीय नाविकों की मौत के बाद सरकार का एक्शन, जारी की एडवाइजरी, कहा - 'बहुत सावधानी...'
सरकार ने रविवार (26 जुलाई) को एक एडवाइजरी जारी की है. यह एडवाइजरी ब्लैक सी में कमर्शियल जहाजों से जुड़े कर्मचारियों और नाविकों से जुड़ी है. एडवाइजरी में सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है. इसमें इंश्योरेंस कवरेज और इमरजेंसी इंतजाम शामिल हैं. एडवाइजरी कमर्शियल जहाजों पर हाल ही में हुए हमलों में पांच भारतीयों की मौत के बाद दी गई है. विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि संघर्ष के कारण इस इलाके और आसपास के समुद्री इलाकों में सुरक्षा की स्थिति बहुत अस्थिर है. एडवाइजरी के मुताबिक, इन इलाकों में चलने वाले यहां से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को मिसाइल और ड्रोन हमलों सहित सुरक्षा के बड़े खतरों का सामना करना पड़ रहा है. अप्रैल के बाद से लगातार हमलों में हुई है बढ़ोतरी अप्रैल के बाद से लगातार हमलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है. अबतक पांच भारतीयों की मौत हो चुकी है. ऐसे में उन इलाकों में चलने वाले कमर्शियल जहाजों पर काम करने के इच्छुक भारतीय नागरिकों सलाह दी गई है. इसमें कहा गया है कि वे ऐसे काम स्वीकार करने से पहले मौजूदा सुरक्षा खतरों का सावधानीपूर्वक आकलन करें. एडवाइजरी में कहा गया है कि जो नाविक इस इलाके में काम करना चुनते हैं, उन्हें बहुत सावधानी बरतना चाहिए. अन्य सावधानियां भी लेना चाहिए. इनमें साफ तौर पर कहा गया है कि नियोक्ता, भर्ती एजेंसियों और जहाज ऑपरेटरों से जहाज के रूट, रुकने की जगहों, सुरक्षा इंतजामों, इंश्योरेंस कवरेज और इमरजेंसी रिस्पॉन्स के बारे में पूरी जानकारी लेना शामिल है. एडवाइजरी में कहा- नौकरी की शर्तें इंटरेनशनल मैरिटाइम गाइडलाइन के तहत हो एडवाइजरी की मानें तो यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उनकी नौकरी की शर्तें इंटरनेशनल मैरिटाइम गाइडलाइन के अनुरूप हो. उनमें इमरजेंसी की स्थिति में मेडिकल सुविधाएं, इवैक्यूएशन, स्वदेश वापसी और मुआवजे के लिए पर्याप्त प्रावधान हों. नाविकों को अपने परिवार को अपनी यात्रा की योजना के बारे में जानकारी देना चाहिए. नियमित संपर्क बनाए रखना चाहिए. उन्हें डायरेक्टरेट जनरल ऑफ मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन और अन्य सरकारी अधिकारियों की एडवाइजरी और जहाजों ऑपरेटरों और समुद्री अधिकारियों की तरफ से जारी सुरक्षा निर्देशों पर नजर रखना चाहिए. उनका पालन करना चाहिए. एडवाइजरी में भारतीय नागरिकों को बहुत सावधानी बरतने की हिदायत एडवाइजरी में बहुत ज्यादा सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है. अबतक भारत के क्रू मेबर वाले विदेश झंडे वाले जहाजों पर 10 हमले हो चुके हैं. 19 जुलाई को ओडेसा बंदरगाह से निकलते समय MV गोल्डन लियो पर कई मिसाइलों से हमला हुआ. इसमें मारे गए 10 लोगों में चार भारतीय नाविक भी शामिल थे. 18 जुलाई को काला सागर से गुजरते समय बल्क कैरियर एमवी ओमोर्फी पर हमले में एक और भारतीय नाविक की मौत हो गई. रूस में नोवोरोसिस्क के पास विदेशी झंडे वाले टैंकरों एमटी लुईस-1, एमटी एशिया और एमटी नेल्सा पर हमले हुए. इन सभी में भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे. इन भारतीय नाविकों को कांसुलर मदद की जरूरत है. वे इस इलाके में मौजूद भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावासों से संपर्क कर सकते हैं. इमरजेंसी संपर्क नंबर इस प्रकार हैं. रूस में भारतीय दूतावास: +7 9652773414; यूक्रेन में भारतीय दूतावास: +38 0933559958 के लिए ये नंबर जारिए किए गए हैं. ये भी पढ़ें: लाल सागर में तनाव बरकरार, हूतियों ने सऊदी तेल टैंकर को बनाया निशाना, जहाजों पर भी मंडरा रहा खतरा
सरकार ने रविवार (26 जुलाई) को एक एडवाइजरी जारी की है. यह एडवाइजरी ब्लैक सी में कमर्शियल जहाजों से जुड़े कर्मचारियों और नाविकों से जुड़ी है. एडवाइजरी में सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है. इसमें इंश्योरेंस कवरेज और इमरजेंसी इंतजाम शामिल हैं. एडवाइजरी कमर्शियल जहाजों पर हाल ही में हुए हमलों में पांच भारतीयों की मौत के बाद दी गई है.
विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि संघर्ष के कारण इस इलाके और आसपास के समुद्री इलाकों में सुरक्षा की स्थिति बहुत अस्थिर है. एडवाइजरी के मुताबिक, इन इलाकों में चलने वाले यहां से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को मिसाइल और ड्रोन हमलों सहित सुरक्षा के बड़े खतरों का सामना करना पड़ रहा है.
अप्रैल के बाद से लगातार हमलों में हुई है बढ़ोतरी
अप्रैल के बाद से लगातार हमलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है. अबतक पांच भारतीयों की मौत हो चुकी है. ऐसे में उन इलाकों में चलने वाले कमर्शियल जहाजों पर काम करने के इच्छुक भारतीय नागरिकों सलाह दी गई है. इसमें कहा गया है कि वे ऐसे काम स्वीकार करने से पहले मौजूदा सुरक्षा खतरों का सावधानीपूर्वक आकलन करें.
एडवाइजरी में कहा गया है कि जो नाविक इस इलाके में काम करना चुनते हैं, उन्हें बहुत सावधानी बरतना चाहिए. अन्य सावधानियां भी लेना चाहिए. इनमें साफ तौर पर कहा गया है कि नियोक्ता, भर्ती एजेंसियों और जहाज ऑपरेटरों से जहाज के रूट, रुकने की जगहों, सुरक्षा इंतजामों, इंश्योरेंस कवरेज और इमरजेंसी रिस्पॉन्स के बारे में पूरी जानकारी लेना शामिल है.
एडवाइजरी में कहा- नौकरी की शर्तें इंटरेनशनल मैरिटाइम गाइडलाइन के तहत हो
एडवाइजरी की मानें तो यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उनकी नौकरी की शर्तें इंटरनेशनल मैरिटाइम गाइडलाइन के अनुरूप हो. उनमें इमरजेंसी की स्थिति में मेडिकल सुविधाएं, इवैक्यूएशन, स्वदेश वापसी और मुआवजे के लिए पर्याप्त प्रावधान हों. नाविकों को अपने परिवार को अपनी यात्रा की योजना के बारे में जानकारी देना चाहिए. नियमित संपर्क बनाए रखना चाहिए. उन्हें डायरेक्टरेट जनरल ऑफ मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन और अन्य सरकारी अधिकारियों की एडवाइजरी और जहाजों ऑपरेटरों और समुद्री अधिकारियों की तरफ से जारी सुरक्षा निर्देशों पर नजर रखना चाहिए. उनका पालन करना चाहिए.
एडवाइजरी में भारतीय नागरिकों को बहुत सावधानी बरतने की हिदायत
एडवाइजरी में बहुत ज्यादा सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है. अबतक भारत के क्रू मेबर वाले विदेश झंडे वाले जहाजों पर 10 हमले हो चुके हैं. 19 जुलाई को ओडेसा बंदरगाह से निकलते समय MV गोल्डन लियो पर कई मिसाइलों से हमला हुआ. इसमें मारे गए 10 लोगों में चार भारतीय नाविक भी शामिल थे.
18 जुलाई को काला सागर से गुजरते समय बल्क कैरियर एमवी ओमोर्फी पर हमले में एक और भारतीय नाविक की मौत हो गई. रूस में नोवोरोसिस्क के पास विदेशी झंडे वाले टैंकरों एमटी लुईस-1, एमटी एशिया और एमटी नेल्सा पर हमले हुए. इन सभी में भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे. इन भारतीय नाविकों को कांसुलर मदद की जरूरत है. वे इस इलाके में मौजूद भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावासों से संपर्क कर सकते हैं. इमरजेंसी संपर्क नंबर इस प्रकार हैं. रूस में भारतीय दूतावास: +7 9652773414; यूक्रेन में भारतीय दूतावास: +38 0933559958 के लिए ये नंबर जारिए किए गए हैं.
ये भी पढ़ें: लाल सागर में तनाव बरकरार, हूतियों ने सऊदी तेल टैंकर को बनाया निशाना, जहाजों पर भी मंडरा रहा खतरा
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