पतंजलि के देसी घी और दूध पर सवाल! फूड सेफ्टी ट्राइब्यूनल में अपील दायर करेगी कंपनी, जानिए क्या है मामला

Patanjali News: योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने गाय के दूध और घी पर सवाल खड़े होने के बाद स्पष्टीकरण जारी किया है. पतंजलि ने दावा किया है कि कंपनी कड़े मानदंड और जांच के बाद ही गाय के दूध और घी का विक्रय करती है. पतंजलि ने कहा है कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत लिए गए पतंजलि के गाय के घी के नमूने के संदर्भ में मुकदमा और न्यायालय द्वारा संबंधित आदेश  त्रुटिपूर्ण और विधि-विरुद्ध हैं. पतंजलि का कहना है,''रेफरल प्रयोगशाला NABL से गाय के घी के परीक्षण के लिए मान्यता प्राप्त नहीं थी, इसलिए वहां किया गया परीक्षण विधि की दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है. यह हास्यास्पद और घोर आपत्तिजनक है कि एक सब-स्टैंडर्ड लैब ने पतंजलि के सर्वश्रेष्ठ गाय के घी को सब-स्टैंडर्ड बताया है. '' कंपनी ने आगे कहा, ''जिन पैरामीटरों के आधार पर नमूना असफल घोषित किया गया, वे उस समय लागू ही नहीं थे, इसलिए उनका प्रयोग करना विधिक रूप से गलत है.'' फूड सेफ्टी ट्राइब्यूनल में अपील दायर करेगा पतंजलि पतंजलि का दावा है, ''पुन: परीक्षण नमूने की एक्सपायरी तारीख बीत जाने के बाद किया गया, जो कानून के अनुसार अमान्य है. न्यायालय ने इन सभी प्रमुख तर्कों पर विचार किए बिना प्रतिकूल आदेश पारित किया है, जो विधि की दृष्टि से सही नहीं है. इस आदेश के विरुद्ध फूड सेफ्टी ट्राइब्यूनल में अपील दायर की जा रही है और हमें पूर्ण विश्वास है कि ट्राइब्यूनल के समक्ष हमारे पक्ष के ठोस आधारों पर यह मामला हमारे पक्ष में निर्णयित होगा.'' पतंजलि का कहना है, ''इस फैसले में कहीं भी पतंजलि गाय का घी उपयोग के लिए हानिकारक नहीं बताया गया है. सिर्फ घी में RM Value के मानक से नाम-मात्र का अंतर पाया जाना ही स्पष्ट किया गया है. यह RM Value घी में volatile fatty acid (जो घी के गर्म करने पर उड़नशील होता है) का लेवल बताता है. यह प्राकृतिक प्रक्रिया है. इससे घी की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं होता. जैसे शरीर में नाम-मात्र का हीमोग्लोबिन के अंतर प्राकृतिक होता है.'' कड़े मानदंडों और जांच के आधार पर करते हैं विक्रय- पतंजलि पतंजलि ने बताया, ''यह RM Value का मानक पशुओं के आहार और जलवायु आदि के आधार पर क्षेत्रीय स्तर पर भिन्न-भिन्न होता है. यहां तक कि सरकारी नियामक संस्था FSSAI भी इस RM Value को बदलती रहती है. कभी क्षेत्रीय आधार पर अलग-अलग RM Value का प्रावधान तो कभी राष्ट्रीय स्तर पर एक RM Value निश्चित किया जाता रहा है. पतंजलि पूरे देश से कड़े मानदंडों और जांच के आधार पर दूध और गाय का घी एकत्र करके राष्ट्रीय स्तर पर विक्रय करती है.''

Dec 1, 2025 - 16:30
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पतंजलि के देसी घी और दूध पर सवाल! फूड सेफ्टी ट्राइब्यूनल में अपील दायर करेगी कंपनी, जानिए क्या है मामला

Patanjali News: योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड ने गाय के दूध और घी पर सवाल खड़े होने के बाद स्पष्टीकरण जारी किया है. पतंजलि ने दावा किया है कि कंपनी कड़े मानदंड और जांच के बाद ही गाय के दूध और घी का विक्रय करती है. पतंजलि ने कहा है कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत लिए गए पतंजलि के गाय के घी के नमूने के संदर्भ में मुकदमा और न्यायालय द्वारा संबंधित आदेश  त्रुटिपूर्ण और विधि-विरुद्ध हैं.

पतंजलि का कहना है,''रेफरल प्रयोगशाला NABL से गाय के घी के परीक्षण के लिए मान्यता प्राप्त नहीं थी, इसलिए वहां किया गया परीक्षण विधि की दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है. यह हास्यास्पद और घोर आपत्तिजनक है कि एक सब-स्टैंडर्ड लैब ने पतंजलि के सर्वश्रेष्ठ गाय के घी को सब-स्टैंडर्ड बताया है. '' कंपनी ने आगे कहा, ''जिन पैरामीटरों के आधार पर नमूना असफल घोषित किया गया, वे उस समय लागू ही नहीं थे, इसलिए उनका प्रयोग करना विधिक रूप से गलत है.''

फूड सेफ्टी ट्राइब्यूनल में अपील दायर करेगा पतंजलि

पतंजलि का दावा है, ''पुन: परीक्षण नमूने की एक्सपायरी तारीख बीत जाने के बाद किया गया, जो कानून के अनुसार अमान्य है. न्यायालय ने इन सभी प्रमुख तर्कों पर विचार किए बिना प्रतिकूल आदेश पारित किया है, जो विधि की दृष्टि से सही नहीं है. इस आदेश के विरुद्ध फूड सेफ्टी ट्राइब्यूनल में अपील दायर की जा रही है और हमें पूर्ण विश्वास है कि ट्राइब्यूनल के समक्ष हमारे पक्ष के ठोस आधारों पर यह मामला हमारे पक्ष में निर्णयित होगा.''

पतंजलि का कहना है, ''इस फैसले में कहीं भी पतंजलि गाय का घी उपयोग के लिए हानिकारक नहीं बताया गया है. सिर्फ घी में RM Value के मानक से नाम-मात्र का अंतर पाया जाना ही स्पष्ट किया गया है. यह RM Value घी में volatile fatty acid (जो घी के गर्म करने पर उड़नशील होता है) का लेवल बताता है. यह प्राकृतिक प्रक्रिया है. इससे घी की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं होता. जैसे शरीर में नाम-मात्र का हीमोग्लोबिन के अंतर प्राकृतिक होता है.''

कड़े मानदंडों और जांच के आधार पर करते हैं विक्रय- पतंजलि

पतंजलि ने बताया, ''यह RM Value का मानक पशुओं के आहार और जलवायु आदि के आधार पर क्षेत्रीय स्तर पर भिन्न-भिन्न होता है. यहां तक कि सरकारी नियामक संस्था FSSAI भी इस RM Value को बदलती रहती है. कभी क्षेत्रीय आधार पर अलग-अलग RM Value का प्रावधान तो कभी राष्ट्रीय स्तर पर एक RM Value निश्चित किया जाता रहा है. पतंजलि पूरे देश से कड़े मानदंडों और जांच के आधार पर दूध और गाय का घी एकत्र करके राष्ट्रीय स्तर पर विक्रय करती है.''

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