ट्रंप की होर्मुज करतूत से एक्शन में सरकार, पेट्रोल-डीजल और LPG पर कसी कमर, राज्यों को दिए ये निर्देश

US Iran War Impact: मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है. सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं. साथ ही देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है. सरकार ने जानकारी दी हैं कि, देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक बरकरार है. जिससे आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. सरकार की ओर से राज्य सरकारों और आम जनता से भी अपील की गई हैं. ताकि इस स्थिति से आसानी से निपटा जा सके. आइए जानते हैं, इस विषय में विस्तार से. एलपीजी सप्लाई और सरकार की तैयारी वॉर की वजह से एलपीजी की सप्लाई पर कुछ असर जरूर पड़ा है. हालांकि, सरकार ने घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी (ट्रांसपोर्ट) की 100 प्रतिशत आपूर्ति बनाए रखने का भरोसा दिया हैं. साथ ही एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे विकल्प भी उपलब्ध कराए गए हैं. प्रवासी मजदूरों की जरूरत को देखते हुए 5 किलो वाले FTL सिलेंडर की सप्लाई को दोगुना कर दिया गया है.  राज्य सरकारों को निर्देश सरकार ने राज्य सरकारों को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत बाजार पर कड़ी नजर रखने और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा हैं. इसी के तहत 13 अप्रैल 2026 तक पूरे देश में 2,950 से ज्यादा छापेमारी की जा चुकी है. जिससे कालाबाजारी पर लगाम लगाया जा सके. जनता से सरकार की अपील  सरकार ने लोगों से अपील की हैं कि, वे बुकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें और वितरकों के पास जाने से बचें. साथ ही सरकार लोगों को पीएनजी (PNG) और इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप्स जैसे विकल्प अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही हैं. जिससे गैस पर निर्भरता कुछ हद तक कम की जा सके. यह भी पढ़ें: नीता अंबानी ने बताया कैसे हुई थी पति मुकेश अंबानी से पहली मुलाकात, शेयर किया दिलचस्प किस्सा    

Apr 15, 2026 - 07:30
 0
ट्रंप की होर्मुज करतूत से एक्शन में सरकार, पेट्रोल-डीजल और LPG पर कसी कमर, राज्यों को दिए ये निर्देश

US Iran War Impact: मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है. सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं. साथ ही देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है. सरकार ने जानकारी दी हैं कि, देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक बरकरार है. जिससे आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.

सरकार की ओर से राज्य सरकारों और आम जनता से भी अपील की गई हैं. ताकि इस स्थिति से आसानी से निपटा जा सके. आइए जानते हैं, इस विषय में विस्तार से.

एलपीजी सप्लाई और सरकार की तैयारी

वॉर की वजह से एलपीजी की सप्लाई पर कुछ असर जरूर पड़ा है. हालांकि, सरकार ने घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी (ट्रांसपोर्ट) की 100 प्रतिशत आपूर्ति बनाए रखने का भरोसा दिया हैं. साथ ही एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे विकल्प भी उपलब्ध कराए गए हैं. प्रवासी मजदूरों की जरूरत को देखते हुए 5 किलो वाले FTL सिलेंडर की सप्लाई को दोगुना कर दिया गया है. 

राज्य सरकारों को निर्देश

सरकार ने राज्य सरकारों को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत बाजार पर कड़ी नजर रखने और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा हैं. इसी के तहत 13 अप्रैल 2026 तक पूरे देश में 2,950 से ज्यादा छापेमारी की जा चुकी है. जिससे कालाबाजारी पर लगाम लगाया जा सके.

जनता से सरकार की अपील 

सरकार ने लोगों से अपील की हैं कि, वे बुकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें और वितरकों के पास जाने से बचें. साथ ही सरकार लोगों को पीएनजी (PNG) और इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप्स जैसे विकल्प अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही हैं. जिससे गैस पर निर्भरता कुछ हद तक कम की जा सके.

यह भी पढ़ें:

नीता अंबानी ने बताया कैसे हुई थी पति मुकेश अंबानी से पहली मुलाकात, शेयर किया दिलचस्प किस्सा

 

 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow