जमानत पर आया बाहर और अब फरार, दाऊद के करीबी अख्तर मर्चेंट के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी रहे अख्तर कासम अली मर्चेंट के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है. कासम अली मर्चेंट का नाम दाऊद के डी-कंपनी नेटवर्क से जुड़ा रहा है और उसके खिलाफ मुंबई, ठाणे और गुजरात में अपहरण, वसूली समेत कई गंभीर मामले दर्ज रहे हैं. महाराष्ट्र पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक अख्तर मर्चेंट को साल 2020 में पालघर पुलिस की एंटी-टेररिज्म सेल ने नालासोपारा से गिरफ्तार किया था. वह 2018 में मीरा रोड के नया नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक अपहरण और वसूली के मामले में वांछित था. आरोप है कि अख्तर कासम अली मर्चेंट के गुर्गों ने एक कारोबारी का बंदूक की नोक पर अपहरण कर उसकी रिहाई के लिए 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी. जांच के दौरान पुलिस को पता चला था कि मर्चेंट इस मामले के बाद देश छोड़कर नेपाल चला गया था और बाद में बांग्लादेश पहुंचा. बांग्लादेश के रास्ते मर्चेंट नैरोबी जाने की कोशिश में था, लेकिन पासपोर्ट हासिल करने में नाकाम रहने के बाद वापस नेपाल लौटा और फिर मुंबई चला आया था. दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगीपुलिस ने अख्तर मर्चेंट की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसे नालासोपारा से दबोच लिया था. बता दें कि मर्चेंट को दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी माना जाता है. पुलिस के मुताबिक बाद में उसने अपना अलग गिरोह भी खड़ा कर लिया था और वसई-विरार तथा ठाणे ग्रामीण इलाके में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता था. अख्तर कासम अली मर्चेंट के खिलाफ वसूली, अपहरण, तस्करी और हथियारों से जुड़े मामलों में भी जांच हुई है. जमानत पर बाहर आने के बाद हुआ फरारपुलिस के मुताबिक जमानत पर बाहर आने के बाद से वो फ़रार है और एजेंसियों को शक है की वो विदेश में कहींं छिपा हो सकता है इसीलिए अब उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है. रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद उम्मीद है कि मर्चेंट को एजेंसियां जल्द ही धर दबोचेंगी. ये भी पढ़ें भारत में प्लास्टिक कचरे का बढ़ता संकट, पैकेजिंग क्यों है सबसे बड़ी वजह?
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी रहे अख्तर कासम अली मर्चेंट के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है. कासम अली मर्चेंट का नाम दाऊद के डी-कंपनी नेटवर्क से जुड़ा रहा है और उसके खिलाफ मुंबई, ठाणे और गुजरात में अपहरण, वसूली समेत कई गंभीर मामले दर्ज रहे हैं.
महाराष्ट्र पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक अख्तर मर्चेंट को साल 2020 में पालघर पुलिस की एंटी-टेररिज्म सेल ने नालासोपारा से गिरफ्तार किया था. वह 2018 में मीरा रोड के नया नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक अपहरण और वसूली के मामले में वांछित था.
आरोप है कि अख्तर कासम अली मर्चेंट के गुर्गों ने एक कारोबारी का बंदूक की नोक पर अपहरण कर उसकी रिहाई के लिए 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी. जांच के दौरान पुलिस को पता चला था कि मर्चेंट इस मामले के बाद देश छोड़कर नेपाल चला गया था और बाद में बांग्लादेश पहुंचा. बांग्लादेश के रास्ते मर्चेंट नैरोबी जाने की कोशिश में था, लेकिन पासपोर्ट हासिल करने में नाकाम रहने के बाद वापस नेपाल लौटा और फिर मुंबई चला आया था.
दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी
पुलिस ने अख्तर मर्चेंट की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसे नालासोपारा से दबोच लिया था. बता दें कि मर्चेंट को दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी माना जाता है. पुलिस के मुताबिक बाद में उसने अपना अलग गिरोह भी खड़ा कर लिया था और वसई-विरार तथा ठाणे ग्रामीण इलाके में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता था. अख्तर कासम अली मर्चेंट के खिलाफ वसूली, अपहरण, तस्करी और हथियारों से जुड़े मामलों में भी जांच हुई है.
जमानत पर बाहर आने के बाद हुआ फरार
पुलिस के मुताबिक जमानत पर बाहर आने के बाद से वो फ़रार है और एजेंसियों को शक है की वो विदेश में कहींं छिपा हो सकता है इसीलिए अब उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है. रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद उम्मीद है कि मर्चेंट को एजेंसियां जल्द ही धर दबोचेंगी.
ये भी पढ़ें
भारत में प्लास्टिक कचरे का बढ़ता संकट, पैकेजिंग क्यों है सबसे बड़ी वजह?
What's Your Reaction?