कुंडली में कमजोर 'गुरु' बिगाड़ता है करियर? शिक्षक दिवस पर जरूर आजमाएं ये 5 असरदार उपाय

क्या आपकी मेहनत के बाद भी नौकरी में प्रमोशन अटक जाता है? हर काम बनते-बनते बिगड़ रहा है या ऑफिस और समाज में वह इज्जत नहीं मिल पा रही जिसके आप हकदार हैं? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब जन्मकुंडली में गुरु (बृहस्पति) कमजोर या पीड़ित होते हैं, तो भाग्य का साथ मिलना बंद हो जाता है. गुरु ज्ञान, सही सोच, धन और मान-सम्मान के कारक हैं. 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस का दिन अपने सांसारिक गुरुओं (मेंटर्स) और ग्रहों के गुरु, देवगुरु बृहस्पति दोनों का आशीर्वाद पाने का सबसे बेहतरीन मौका है. कैसे पहचानें कि गुरु ग्रह कमजोर है? जब कुंडली में गुरु कमजोर होता है, तो जिंदगी में कुछ आम परेशानियां साफ नजर आने लगती हैं: अच्छी काबिलियत होने पर भी नौकरी या बिजनेस में मनचाही बढ़त न मिलना. बिना किसी बात के सीनियर्स या बॉस से रिश्ते बिगड़ना. पैसा हाथ में न टिकना और बेमतलब के कामों में खर्च हो जाना. पेट या पाचन से जुड़ी परेशानियां लगातार बने रहना. सही समय पर सही फैसला न ले पाना और आत्मविश्वास खो देना. करियर संवारने के लिए 5 बेहद आसान उपाय 1. अपने शिक्षकों और मेंटर्स के पैर छूकर आशीर्वाद लें हमारे जीवन में गुरु का दर्जा सबसे ऊपर है. ज्योतिष में माना जाता है कि जब आप अपने टीचर्स, बड़े-बुजुर्गों या माता-पिता का आदर करते हैं, तो गुरु ग्रह अपने आप मजबूत होने लगता है. शिक्षक दिवस पर अपने किसी पुराने टीचर या आज के मेंटर से जरूर मिलें या फोन पर बात करें. उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें और अपनी क्षमता के अनुसार उन्हें कोई अच्छी किताब या कलम (पेन) तोहफे में दें. 2. पीले रंग का इस्तेमाल और सादा खान-पान बृहस्पति ग्रह को पीला रंग बहुत पसंद है. इसलिए इस दिन से शुरुआत करके हर गुरुवार को हल्के पीले रंग के कपड़े पहनना शुरू करें. खाने में बेसन, चने की दाल, हल्दी और पपीता जैसी चीजें शामिल करें. गुरुवार के दिन बाहर का भारी, तला-भुना खाना या मांसाहार खाने से बचें. 3. माथे पर हल्दी या केसर का तिलक लगाएं रोज सुबह नहाने के बाद माथे पर थोड़ा सा हल्दी या केसर का टीका लगाएं. अगर रोज मुमकिन न हो, तो हर गुरुवार को यह नियम जरूर बनाएं. इससे मन शांत रहता है, जरूरी फैसले लेते समय दिमाग साफ काम करता है और आपके चेहरे पर एक सकारात्मक चमक आती है. 4. गुरु के आसान मंत्र का जाप करें सुबह के समय घर के मंदिर में शुद्ध घी का दीया जलाएं. इसके बाद जमीन पर आसन बिछाकर बैठें और इस छोटे व आसान मंत्र का 108 बार जाप करें:                   मंत्र: ॐ बृं बृहस्पतये नमः अगर आपके पास ज्यादा समय नहीं है, तो शांत मन से केवल 11 या 21 बार भी इस मंत्र को दोहरा सकते हैं. इससे मन का तनाव घटता है और काम में मन लगने लगता है. 5. केले के पेड़ की पूजा और जरूरतमंदों की मदद मान्यता है कि केले के पेड़ में भगवान विष्णु और गुरु का वास होता है. सुबह तांबे के लोटे में पानी लें, उसमें थोड़ी सी हल्दी, गुड़ और चने की दाल डालकर केले के पौधे की जड़ में चढ़ाएं. इसके साथ ही किसी गरीब बच्चे को पढ़ने-लिखने की चीजें, जैसे कॉपी-किताब या पेंसिल दान करें. किसी की पढ़ाई में मदद करने से गुरु सबसे ज्यादा प्रसन्न होते हैं. भाग्य बदलने की शुरुआत हमेशा अपनी सोच और व्यवहार से होती है. जब आप दूसरों का सम्मान करते हैं, ज्ञान की कद्र करते हैं और सच्चाई के रास्ते पर चलते हैं, तो ग्रहों की रुकावटें अपने आप दूर होने लगती हैं और करियर को एक नई दिशा मिलती है. बांके बिहारी की मंगला आरती साल में केवल जन्माष्टमी पर क्यों? रात 2 बजे दर्शन के पीछे छिपी है खास परंपरा Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Sep 2, 2026 - 22:30
 0
कुंडली में कमजोर 'गुरु' बिगाड़ता है करियर? शिक्षक दिवस पर जरूर आजमाएं ये 5 असरदार उपाय

क्या आपकी मेहनत के बाद भी नौकरी में प्रमोशन अटक जाता है? हर काम बनते-बनते बिगड़ रहा है या ऑफिस और समाज में वह इज्जत नहीं मिल पा रही जिसके आप हकदार हैं?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब जन्मकुंडली में गुरु (बृहस्पति) कमजोर या पीड़ित होते हैं, तो भाग्य का साथ मिलना बंद हो जाता है. गुरु ज्ञान, सही सोच, धन और मान-सम्मान के कारक हैं. 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस का दिन अपने सांसारिक गुरुओं (मेंटर्स) और ग्रहों के गुरु, देवगुरु बृहस्पति दोनों का आशीर्वाद पाने का सबसे बेहतरीन मौका है.

कैसे पहचानें कि गुरु ग्रह कमजोर है?

जब कुंडली में गुरु कमजोर होता है, तो जिंदगी में कुछ आम परेशानियां साफ नजर आने लगती हैं:

  • अच्छी काबिलियत होने पर भी नौकरी या बिजनेस में मनचाही बढ़त न मिलना.
  • बिना किसी बात के सीनियर्स या बॉस से रिश्ते बिगड़ना.
  • पैसा हाथ में न टिकना और बेमतलब के कामों में खर्च हो जाना.
  • पेट या पाचन से जुड़ी परेशानियां लगातार बने रहना.
  • सही समय पर सही फैसला न ले पाना और आत्मविश्वास खो देना.

करियर संवारने के लिए 5 बेहद आसान उपाय

1. अपने शिक्षकों और मेंटर्स के पैर छूकर आशीर्वाद लें हमारे जीवन में गुरु का दर्जा सबसे ऊपर है. ज्योतिष में माना जाता है कि जब आप अपने टीचर्स, बड़े-बुजुर्गों या माता-पिता का आदर करते हैं, तो गुरु ग्रह अपने आप मजबूत होने लगता है. शिक्षक दिवस पर अपने किसी पुराने टीचर या आज के मेंटर से जरूर मिलें या फोन पर बात करें. उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें और अपनी क्षमता के अनुसार उन्हें कोई अच्छी किताब या कलम (पेन) तोहफे में दें.

2. पीले रंग का इस्तेमाल और सादा खान-पान बृहस्पति ग्रह को पीला रंग बहुत पसंद है. इसलिए इस दिन से शुरुआत करके हर गुरुवार को हल्के पीले रंग के कपड़े पहनना शुरू करें. खाने में बेसन, चने की दाल, हल्दी और पपीता जैसी चीजें शामिल करें. गुरुवार के दिन बाहर का भारी, तला-भुना खाना या मांसाहार खाने से बचें.

3. माथे पर हल्दी या केसर का तिलक लगाएं रोज सुबह नहाने के बाद माथे पर थोड़ा सा हल्दी या केसर का टीका लगाएं. अगर रोज मुमकिन न हो, तो हर गुरुवार को यह नियम जरूर बनाएं. इससे मन शांत रहता है, जरूरी फैसले लेते समय दिमाग साफ काम करता है और आपके चेहरे पर एक सकारात्मक चमक आती है.

4. गुरु के आसान मंत्र का जाप करें सुबह के समय घर के मंदिर में शुद्ध घी का दीया जलाएं. इसके बाद जमीन पर आसन बिछाकर बैठें और इस छोटे व आसान मंत्र का 108 बार जाप करें:
                   मंत्र: ॐ बृं बृहस्पतये नमः

अगर आपके पास ज्यादा समय नहीं है, तो शांत मन से केवल 11 या 21 बार भी इस मंत्र को दोहरा सकते हैं. इससे मन का तनाव घटता है और काम में मन लगने लगता है.

5. केले के पेड़ की पूजा और जरूरतमंदों की मदद मान्यता है कि केले के पेड़ में भगवान विष्णु और गुरु का वास होता है. सुबह तांबे के लोटे में पानी लें, उसमें थोड़ी सी हल्दी, गुड़ और चने की दाल डालकर केले के पौधे की जड़ में चढ़ाएं. इसके साथ ही किसी गरीब बच्चे को पढ़ने-लिखने की चीजें, जैसे कॉपी-किताब या पेंसिल दान करें. किसी की पढ़ाई में मदद करने से गुरु सबसे ज्यादा प्रसन्न होते हैं.

भाग्य बदलने की शुरुआत हमेशा अपनी सोच और व्यवहार से होती है. जब आप दूसरों का सम्मान करते हैं, ज्ञान की कद्र करते हैं और सच्चाई के रास्ते पर चलते हैं, तो ग्रहों की रुकावटें अपने आप दूर होने लगती हैं और करियर को एक नई दिशा मिलती है.

बांके बिहारी की मंगला आरती साल में केवल जन्माष्टमी पर क्यों? रात 2 बजे दर्शन के पीछे छिपी है खास परंपरा

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow