आपके बैंक खाते से लेन-देन पर लग सकती है रोक, RBI से आई बड़ी खबर
अगर आपके बैंक खाते में अचानक किसी संदिग्ध लेन-देन की पहचान होती है, तो आने वाले समय में उस रकम को कुछ समय के लिए रोक दिया जा सकता है. साथ ही जरूरत पड़ने पर पूरे खाते से पैसे निकलने या ट्रांसफर करने पर भी अस्थायी रोक लगा सकती है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने साइबर फ्रॉड और मनी-म्यूल अकाउंट से जुड़े खातों से निपटने के लिए एक जैसी प्रोसेस का ड्राफ्ट जारी किया है. इस नए प्रस्ताव का मकसद साइबर फ्रॉड के पैसे को आगे दसूरे खातों में जाने से रोकना है. फिलहाल यह प्रोसेस प्रस्तावित है और इस पर लोगों से सुझाव मांगे गए हैं. किन बैंक खातों पर लग सकती है रोक? अगर बैंक के ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग सिस्टम को कोई लेन-देन मनी-म्यूल गतिविधि या साइबर फ्रॉड से जुड़ा संदिग्ध लगता है, तो उस रकम को कुछ समय के लिए रोकने का प्रस्ताव है. प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, 1,000 रुपये या उससे ज्यादा का लेन-देन तभी संदिग्ध माना जाएगा, जब बैंक के सिस्टम में फ्रॉड से जुड़ा फ्लैग मिल हो. खर्च करने में मुंबई-दिल्ली छूटे पीछे, ये है देश की सबसे ज्यादा खर्चीली City वहीं, अगर पूरा बैंक खाता ही मनी-म्यूल अकाउंट के लिए इस्तेमाल होने का संदेह हो, तो उस खाते से पैसे निकालने या ट्रांसफर करने पर भी अस्थायी रोक लगाई जा सकती है. मनी-म्यूल अकाउंट क्या होता है? मनी-म्यूल अकाउंट वह बैंक खाता होता है, जिसका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड या किसी गैरकानूनी तरीके से मिले पैसे को लेने और फिर उसे दूसरे खातों में भेजने के लिए किया जाता है. हालांकि, कई बार लोग जानबूझकर अपना खाता इसके लिए इस्तेमाल करते हैं, जबकि कुछ लोग बिना पूरी जानकारी के अपना बैंक अकाउंट किसी दूसरे शख्स को इस्तेमाल करने को दे देते हैं. खाता होल्ड होने पर ग्राहक को क्या मिलेगा? अगर बैंक किसी खाते पर अस्थायी डेबिट रोक लगाता है, तो उसे ग्राहक को इसकी नोटिस पहले देनी होगी. नोटिस में रोक लगाने की वजह, उसे हटाने की प्रोसेस और लेन-देन के बारे में जानकारी देना होगा. हालांकि, ग्राहक को अपना जवाब देने के लिए 20 दिन तक का समय मिल सकता है. वहीं, अस्थायी डेबिट रोक आमतौर पर 60 दिन तक रह सकती है. कब से लागू हो सकते हैं नए नियम? फिलहाल RBI का यह ड्राफ्ट नियम हैं, आखिरी नियम नहीं. RBI ने इस पर लोगों को अपनी सुझाव देने की आखिरी तारीख 2 अक्टूबर 2026 रखी है. प्रस्तावित निर्देश 1 अप्रैल 2027 से लागू होने हैं. गर्लफ्रेंड पर लुटाए 3.5 करोड़, ब्रेकअप होते ही कोर्ट पहुंचे भारतीय मूल के CEO
अगर आपके बैंक खाते में अचानक किसी संदिग्ध लेन-देन की पहचान होती है, तो आने वाले समय में उस रकम को कुछ समय के लिए रोक दिया जा सकता है. साथ ही जरूरत पड़ने पर पूरे खाते से पैसे निकलने या ट्रांसफर करने पर भी अस्थायी रोक लगा सकती है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने साइबर फ्रॉड और मनी-म्यूल अकाउंट से जुड़े खातों से निपटने के लिए एक जैसी प्रोसेस का ड्राफ्ट जारी किया है. इस नए प्रस्ताव का मकसद साइबर फ्रॉड के पैसे को आगे दसूरे खातों में जाने से रोकना है. फिलहाल यह प्रोसेस प्रस्तावित है और इस पर लोगों से सुझाव मांगे गए हैं.
किन बैंक खातों पर लग सकती है रोक?
अगर बैंक के ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग सिस्टम को कोई लेन-देन मनी-म्यूल गतिविधि या साइबर फ्रॉड से जुड़ा संदिग्ध लगता है, तो उस रकम को कुछ समय के लिए रोकने का प्रस्ताव है. प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, 1,000 रुपये या उससे ज्यादा का लेन-देन तभी संदिग्ध माना जाएगा, जब बैंक के सिस्टम में फ्रॉड से जुड़ा फ्लैग मिल हो.
खर्च करने में मुंबई-दिल्ली छूटे पीछे, ये है देश की सबसे ज्यादा खर्चीली City
वहीं, अगर पूरा बैंक खाता ही मनी-म्यूल अकाउंट के लिए इस्तेमाल होने का संदेह हो, तो उस खाते से पैसे निकालने या ट्रांसफर करने पर भी अस्थायी रोक लगाई जा सकती है.
मनी-म्यूल अकाउंट क्या होता है?
मनी-म्यूल अकाउंट वह बैंक खाता होता है, जिसका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड या किसी गैरकानूनी तरीके से मिले पैसे को लेने और फिर उसे दूसरे खातों में भेजने के लिए किया जाता है. हालांकि, कई बार लोग जानबूझकर अपना खाता इसके लिए इस्तेमाल करते हैं, जबकि कुछ लोग बिना पूरी जानकारी के अपना बैंक अकाउंट किसी दूसरे शख्स को इस्तेमाल करने को दे देते हैं.
खाता होल्ड होने पर ग्राहक को क्या मिलेगा?
अगर बैंक किसी खाते पर अस्थायी डेबिट रोक लगाता है, तो उसे ग्राहक को इसकी नोटिस पहले देनी होगी. नोटिस में रोक लगाने की वजह, उसे हटाने की प्रोसेस और लेन-देन के बारे में जानकारी देना होगा. हालांकि, ग्राहक को अपना जवाब देने के लिए 20 दिन तक का समय मिल सकता है. वहीं, अस्थायी डेबिट रोक आमतौर पर 60 दिन तक रह सकती है.
कब से लागू हो सकते हैं नए नियम?
फिलहाल RBI का यह ड्राफ्ट नियम हैं, आखिरी नियम नहीं. RBI ने इस पर लोगों को अपनी सुझाव देने की आखिरी तारीख 2 अक्टूबर 2026 रखी है. प्रस्तावित निर्देश 1 अप्रैल 2027 से लागू होने हैं.
गर्लफ्रेंड पर लुटाए 3.5 करोड़, ब्रेकअप होते ही कोर्ट पहुंचे भारतीय मूल के CEO
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