अमृतसर के मंदिर में हुए ग्रेनेड अटैक मामले में NIA का एक्शन, KLF से जुड़े आतंकियों के करीबी को किया गिरफ्तार
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने अमृतसर के एक मंदिर पर हुए ग्रेनेड अटैक के मामले में एक और गिरफ्तारी की है. एजेंसी ने खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) से जुड़े आतंकियों के करीबी भगवंत सिंह उर्फ मन्ना भट्टी को बुधवार (21 मई, 2025) को अमृतसर के अकलगढ़ गांव से गिरफ्तार किया है. भगवंत सिंह इस हमले के बाद से फरार था और लंबे समय से उसकी तलाश जारी थी. उसकी गिरफ्तारी के बाद अब इस केस में पकड़े गए आरोपियों की संख्या चार हो चुकी है. गुरसिदक सिंह एनकाउंटर में मारा गया मार्च 2025 में अमृतसर के ठाकुर द्वार सनातन मंदिर पर ग्रेनेड हमला हुआ था. इस हमले को गुरसिदक सिंह और विशाल ने अंजाम दिया था. जांच में सामने आया कि इस वारदात के पीछे बैन किए गए आतंकी संगठन KLF का हाथ था. हमले के बाद गुरसिदक सिंह एनकाउंटर में मारा गया था, जबकि विशाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. इस केस में दीवान सिंह उर्फ सनी और साहिब सिंह उर्फ सबा को भी अरेस्ट किया जा चुका है. भगवंत सिंह ने गुरसिदक और विशाल को अपने घर में दी थी पनाह NIA की जांच में पता चला है कि भगवंत सिंह ने गुरसिदक और विशाल को अपने घर में पनाह दी थी. यही नहीं हमला करने की प्लानिंग के दौरान और उसके बाद भी दोनों आतंकी उसके घर में रुके थे. हमला करने के लिए जो ग्रेनेड इस्तेमाल हुआ था, वो भी भगवंत के घर के पीछे छिपाकर रखा गया था और उसे इसकी पूरी जानकारी थी. मामले में अभी जांच जारी हैएनआईए की जांच में ये भी सामने आया है कि भगवंत सिंह के बैंक अकाउंट में टेरर फंड्स भी ट्रांसफर किए गए थे. अधिकारियों के मुताबिक इस केस की जांच अभी जारी है और KLF से जुड़े बाकी नेटवर्क और विदेशी लिंक्स को खंगाला जा रहा है. ये भी पढ़ें: अमेरिका संग ट्रेड डील पर सामने आया बड़ा अपडेट, भारत चाहता है 26 परसेंट टैरिफ से पूरी तरह छूट
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने अमृतसर के एक मंदिर पर हुए ग्रेनेड अटैक के मामले में एक और गिरफ्तारी की है. एजेंसी ने खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) से जुड़े आतंकियों के करीबी भगवंत सिंह उर्फ मन्ना भट्टी को बुधवार (21 मई, 2025) को अमृतसर के अकलगढ़ गांव से गिरफ्तार किया है.
भगवंत सिंह इस हमले के बाद से फरार था और लंबे समय से उसकी तलाश जारी थी. उसकी गिरफ्तारी के बाद अब इस केस में पकड़े गए आरोपियों की संख्या चार हो चुकी है.
गुरसिदक सिंह एनकाउंटर में मारा गया
मार्च 2025 में अमृतसर के ठाकुर द्वार सनातन मंदिर पर ग्रेनेड हमला हुआ था. इस हमले को गुरसिदक सिंह और विशाल ने अंजाम दिया था. जांच में सामने आया कि इस वारदात के पीछे बैन किए गए आतंकी संगठन KLF का हाथ था. हमले के बाद गुरसिदक सिंह एनकाउंटर में मारा गया था, जबकि विशाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. इस केस में दीवान सिंह उर्फ सनी और साहिब सिंह उर्फ सबा को भी अरेस्ट किया जा चुका है.
भगवंत सिंह ने गुरसिदक और विशाल को अपने घर में दी थी पनाह
NIA की जांच में पता चला है कि भगवंत सिंह ने गुरसिदक और विशाल को अपने घर में पनाह दी थी. यही नहीं हमला करने की प्लानिंग के दौरान और उसके बाद भी दोनों आतंकी उसके घर में रुके थे. हमला करने के लिए जो ग्रेनेड इस्तेमाल हुआ था, वो भी भगवंत के घर के पीछे छिपाकर रखा गया था और उसे इसकी पूरी जानकारी थी.
मामले में अभी जांच जारी है
एनआईए की जांच में ये भी सामने आया है कि भगवंत सिंह के बैंक अकाउंट में टेरर फंड्स भी ट्रांसफर किए गए थे. अधिकारियों के मुताबिक इस केस की जांच अभी जारी है और KLF से जुड़े बाकी नेटवर्क और विदेशी लिंक्स को खंगाला जा रहा है.
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