Trump Tariffs: अमेरिका के 50 प्रतिशत हाई टैरिफ का सबसे ज्यादा भारत के इन क्षेत्रों पर पड़ेगा असर
US High Tariffs Impact On India: अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने का ऐलान किया है, जो 27 अगस्त 2025 से लागू होगा. इस फैसले से भारत के 86 अरब डॉलर के निर्यात में से 60 अरब डॉलर से अधिक प्रभावित होंगे. इसका सबसे ज्यादा असर झींगा, परिधान, चमड़ा और रत्न एवं आभूषण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर पड़ेगा. परिधान क्षेत्र पर इसका सीधा झटका पड़ेगा, क्योंकि यह 10.3 अरब डॉलर का निर्यात करता है. रत्न और आभूषण क्षेत्र के लिए भी यह बड़ा झटका है, क्योंकि अमेरिका इस उद्योग का सबसे बड़ा बाजार है. कई निर्यातकों का मानना है कि इन क्षेत्रों में नौकरियों में कटौती तय है. ट्रंप के हाई टैरिफ से कई क्षेत्र प्रभावित झींगा और समुद्री खाद्य पदार्थों का निर्यात भी गंभीर रूप से प्रभावित होगा. चमड़ा और फुटवियर उद्योग को उत्पादन रोकने और कर्मचारियों की संख्या घटाने की नौबत आ सकती है. वहीं कालीन और फर्नीचर जैसे सेक्टरों में भी प्रतिस्पर्धा कमजोर हो जाएगी. ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी शुल्क से भारत के अमेरिका को होने वाले निर्यात का करीब 66 प्रतिशत प्रभावित होगा. 27 अगस्त से 60.2 अरब डॉलर मूल्य के उत्पादों पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा, जिनमें कपड़ा, रत्न और झींगा शामिल हैं. यूएस टैरिफ के बढ़ने का क्या होगा असर? संस्थान के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि यह भारत के लिए हाल के वर्षों में सबसे बड़ा व्यापार झटका है. उनके अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का अमेरिका को निर्यात घटकर लगभग 49.6 अरब डॉलर तक रह सकता है. इस फैसले से चीन, वियतनाम, मेक्सिको, तुर्किये और यहां तक कि पाकिस्तान, नेपाल और केन्या जैसे प्रतिस्पर्धी देशों को फायदा होगा. गौरतलब है कि यूक्रेन वॉर के दौरान रूस से तेल खरीदने की वजह से अमेरिका ने भारत के ऊपर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया है. जबकि 25 प्रतिशत टैरिफ पहले से लगा है. ऐसे में बुधवार से टैरिफ की कुल दरें बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगी. हाल के वर्षों में नई दिल्ली के ऊपर इस तरह का आर्थिक तौर पर यह एक बड़ा प्रतिबंध है. ये भी पढ़ें: India GDP: यूएस के हाई टैरिफ के बीच भारत के लिए आई झटका देने वाली खबर, अब क्या करेगी सरकार

US High Tariffs Impact On India: अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने का ऐलान किया है, जो 27 अगस्त 2025 से लागू होगा. इस फैसले से भारत के 86 अरब डॉलर के निर्यात में से 60 अरब डॉलर से अधिक प्रभावित होंगे. इसका सबसे ज्यादा असर झींगा, परिधान, चमड़ा और रत्न एवं आभूषण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर पड़ेगा.
परिधान क्षेत्र पर इसका सीधा झटका पड़ेगा, क्योंकि यह 10.3 अरब डॉलर का निर्यात करता है. रत्न और आभूषण क्षेत्र के लिए भी यह बड़ा झटका है, क्योंकि अमेरिका इस उद्योग का सबसे बड़ा बाजार है. कई निर्यातकों का मानना है कि इन क्षेत्रों में नौकरियों में कटौती तय है.
ट्रंप के हाई टैरिफ से कई क्षेत्र प्रभावित
झींगा और समुद्री खाद्य पदार्थों का निर्यात भी गंभीर रूप से प्रभावित होगा. चमड़ा और फुटवियर उद्योग को उत्पादन रोकने और कर्मचारियों की संख्या घटाने की नौबत आ सकती है. वहीं कालीन और फर्नीचर जैसे सेक्टरों में भी प्रतिस्पर्धा कमजोर हो जाएगी.
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी शुल्क से भारत के अमेरिका को होने वाले निर्यात का करीब 66 प्रतिशत प्रभावित होगा. 27 अगस्त से 60.2 अरब डॉलर मूल्य के उत्पादों पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा, जिनमें कपड़ा, रत्न और झींगा शामिल हैं.
यूएस टैरिफ के बढ़ने का क्या होगा असर?
संस्थान के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि यह भारत के लिए हाल के वर्षों में सबसे बड़ा व्यापार झटका है. उनके अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का अमेरिका को निर्यात घटकर लगभग 49.6 अरब डॉलर तक रह सकता है. इस फैसले से चीन, वियतनाम, मेक्सिको, तुर्किये और यहां तक कि पाकिस्तान, नेपाल और केन्या जैसे प्रतिस्पर्धी देशों को फायदा होगा.
गौरतलब है कि यूक्रेन वॉर के दौरान रूस से तेल खरीदने की वजह से अमेरिका ने भारत के ऊपर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया है. जबकि 25 प्रतिशत टैरिफ पहले से लगा है. ऐसे में बुधवार से टैरिफ की कुल दरें बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगी. हाल के वर्षों में नई दिल्ली के ऊपर इस तरह का आर्थिक तौर पर यह एक बड़ा प्रतिबंध है.
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