Telangana: तहसीलदार के कार्यालय में बिजली गुल, मोबाइल टॉर्च की रोशनी में काम, जनता परेशान

तेलंगाना के जगित्याल जिले के अर्बन तहसीलदार कार्यालय में शनिवार (29 नवंबर) को सुबह अचानक बिजली गुल हो गई, जिससे सैंकड़ों नागरिक परेशान हुए. सुबह करीब 9 बजे शुरू हुई यह कटौती दोपहर 1 बजे तक चली, यानी पूरे दो घंटे से अधिक. कार्यालय में रोजाना 200 से 300 लोग प्रमाण पत्र जारी कराने, भूमि पंजीकरण कराने और अन्य राजस्व सेवाओं के लिए आते हैं, लेकिन बिना पूर्व सूचना के हुई कटौती ने सबको परेशान कर दिया.  कर्मचारियों को मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर फाइलें खंगालनी पड़ीं, जबकि कंप्यूटर सिस्टम बंद होने से डिजिटल सेवाएं ठप हो गईं. कार्यालय के बाहर लंबी कतारों में खड़े लोगों ने हंगामा किया. 52 वर्षीय किसान रामेश्वर रेड्डी जो जाति प्रमाण पत्र के लिए सुबह 7 बजे से इंतजार कर रहे थे, उन्होंने गुस्से में कहा, "हम दूर-दराज के गांवों से आते हैं, बस का किराया खर्च होता है बिजली जाती है तो काम रुक जाता है, फिर कल आना पड़ेगा. यह क्या व्यवस्था है?"  परेशान महिला ने क्या कहाएक महिला ने कहा कि वो भूमि हस्तांतरण दस्तावेज जमा करने आई थीं, लेकिन सिस्टम डाउन होने से कुछ नहीं हो सका. बच्चे स्कूल में हैं, दोबारा आने का मतलब पूरा दिन बर्बाद. बता दें कि जगित्याल अर्बन तहसीलदार कार्यालय जो 2016 में बने नए जिले का हिस्सा है, राजस्व विभाग का प्रमुख केंद्र है. यहां आय प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, आयकर छूट और भूमि रिकॉर्ड जैसे 20 से अधिक सेवाएं दी जाती हैं. साप्ताहिक छुट्टियों और त्योहारों को छोड़कर औसतन 250 आवेदन प्रति दिन दर्ज होते हैं. ट्रांसफॉर्मर की खराबी से बिजली गुलस्थानीय स्रोतों के अनुसार, यह कटौती स्थानीय ट्रांसफॉर्मर की खराबी से हुई, जो पिछले हफ्ते से खराब चल रहा था. तेलंगाना स्टेट नॉर्दर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (TSNPDCL) के अधिकारियों ने बताया कि सुबह 8:45 बजे फॉल्ट आया, जिसकी मरम्मत में देरी हुई क्योंकि स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध नहीं थे. जूनियर इंजीनियर रवि कुमार ने स्वीकार किया, "हमने जेनरेटर लगाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन बजट की कमी से अटका हुआ है." पिछले तीन महीनों में जगित्याल क्षेत्र में 5 बार ऐसी शिकायतें दर्ज हुई हैं, मुख्यतः मानसून के बाद की मरम्मत की कमी से. स्थानीय विधायक संजय कुमार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में बिजली जैसी बुनियादी सुविधा न होना शर्मनाक है. कल सुबह तक स्थायी समाधान सुनिश्चित करेंगे. इस मामले को लेकर कलेक्टर एम. सत्य प्रसाद ने जांच के आदेश दिए हैं और TSNPDCL से 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है. ये भी पढ़ें हैदराबाद में टायर दुकान में भयंकर आग, करोड़ों का हुआ नुकसान, कलेक्टर ने अग्नि सुरक्षा ऑडिट के दिए आदेश

Nov 29, 2025 - 15:30
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Telangana: तहसीलदार के कार्यालय में बिजली गुल, मोबाइल टॉर्च की रोशनी में काम, जनता परेशान

तेलंगाना के जगित्याल जिले के अर्बन तहसीलदार कार्यालय में शनिवार (29 नवंबर) को सुबह अचानक बिजली गुल हो गई, जिससे सैंकड़ों नागरिक परेशान हुए. सुबह करीब 9 बजे शुरू हुई यह कटौती दोपहर 1 बजे तक चली, यानी पूरे दो घंटे से अधिक. कार्यालय में रोजाना 200 से 300 लोग प्रमाण पत्र जारी कराने, भूमि पंजीकरण कराने और अन्य राजस्व सेवाओं के लिए आते हैं, लेकिन बिना पूर्व सूचना के हुई कटौती ने सबको परेशान कर दिया. 

कर्मचारियों को मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर फाइलें खंगालनी पड़ीं, जबकि कंप्यूटर सिस्टम बंद होने से डिजिटल सेवाएं ठप हो गईं. कार्यालय के बाहर लंबी कतारों में खड़े लोगों ने हंगामा किया. 52 वर्षीय किसान रामेश्वर रेड्डी जो जाति प्रमाण पत्र के लिए सुबह 7 बजे से इंतजार कर रहे थे, उन्होंने गुस्से में कहा, "हम दूर-दराज के गांवों से आते हैं, बस का किराया खर्च होता है बिजली जाती है तो काम रुक जाता है, फिर कल आना पड़ेगा. यह क्या व्यवस्था है?" 

परेशान महिला ने क्या कहा
एक महिला ने कहा कि वो भूमि हस्तांतरण दस्तावेज जमा करने आई थीं, लेकिन सिस्टम डाउन होने से कुछ नहीं हो सका. बच्चे स्कूल में हैं, दोबारा आने का मतलब पूरा दिन बर्बाद. बता दें कि जगित्याल अर्बन तहसीलदार कार्यालय जो 2016 में बने नए जिले का हिस्सा है, राजस्व विभाग का प्रमुख केंद्र है. यहां आय प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, आयकर छूट और भूमि रिकॉर्ड जैसे 20 से अधिक सेवाएं दी जाती हैं. साप्ताहिक छुट्टियों और त्योहारों को छोड़कर औसतन 250 आवेदन प्रति दिन दर्ज होते हैं.

ट्रांसफॉर्मर की खराबी से बिजली गुल
स्थानीय स्रोतों के अनुसार, यह कटौती स्थानीय ट्रांसफॉर्मर की खराबी से हुई, जो पिछले हफ्ते से खराब चल रहा था. तेलंगाना स्टेट नॉर्दर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (TSNPDCL) के अधिकारियों ने बताया कि सुबह 8:45 बजे फॉल्ट आया, जिसकी मरम्मत में देरी हुई क्योंकि स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध नहीं थे. जूनियर इंजीनियर रवि कुमार ने स्वीकार किया, "हमने जेनरेटर लगाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन बजट की कमी से अटका हुआ है."

पिछले तीन महीनों में जगित्याल क्षेत्र में 5 बार ऐसी शिकायतें दर्ज हुई हैं, मुख्यतः मानसून के बाद की मरम्मत की कमी से. स्थानीय विधायक संजय कुमार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में बिजली जैसी बुनियादी सुविधा न होना शर्मनाक है. कल सुबह तक स्थायी समाधान सुनिश्चित करेंगे. इस मामले को लेकर कलेक्टर एम. सत्य प्रसाद ने जांच के आदेश दिए हैं और TSNPDCL से 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है.

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