Shani Sade Sati: जुलाई से शनि की साढ़ेसाती का असर! कैसे बचें शनि के प्रकोप से, घर बैठे करें ये आसान उपाय

Shani Sade Sati: वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह को कर्म, न्याय और अनुशासन का कारक माना जाता है. जब किसी व्यक्ति की राशि पर शनि की साढ़ेसाती चलती है, तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार जीवन में चुनौतियां, जिम्मेदारियां और मानसिक दबाव बढ़ सकता है. हालांकि, ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि साढ़ेसाती हमेशा अशुभ नहीं होती. कई लोगों को इसी दौरान मेहनत के दम पर सफलता, पद और सम्मान भी मिलता है. इसलिए केवल भय की दृष्टि से नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन और कर्म पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है. क्या होती है शनि की साढ़ेसाती? ज्योतिष के अनुसार जब शनि जन्म राशि से एक राशि पहले, जन्म राशि पर और उसके बाद वाली राशि में गोचर करता है, तब लगभग साढ़े सात वर्ष की अवधि को शनि की साढ़ेसाती कहा जाता है. इस दौरान व्यक्ति को धैर्य, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में संतुलन बनाए रखने की सलाह दी जाती है. यह भी पढ़ें- Jagannath Rath Yatra: 1972 की वह रहस्यमयी रथ यात्रा, जब भगवान जगन्नाथ ने रथ पर बैठने से कर दिया था इंकार शनि के प्रकोप से बचने के पारंपरिक उपाय ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिन्हें श्रद्धा और नियमितता के साथ करने की मान्यता है. शनिवार के दिन शनि देव की पूजा करें. पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. जरूरतमंद लोगों को काले तिल, उड़द की दाल, कंबल या जूते-चप्पल का दान करें. प्रतिदिन या शनिवार को "ॐ शं शनैश्चराय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें. हनुमान चालीसा का पाठ करने की भी परंपरागत मान्यता है. बुजुर्गों, मजदूरों और जरूरतमंद लोगों का सम्मान करें तथा उनकी सहायता करें. ईमानदारी, अनुशासन और संयम के साथ अपने कर्मों पर ध्यान दें. घर बैठे क्या करें? यदि मंदिर जाना संभव न हो, तो घर पर ही सुबह स्नान के बाद शनि देव का ध्यान करें, तिल के तेल का दीपक जलाएं, शनि मंत्र का जाप करें और कुछ समय ध्यान या प्रार्थना में बिताएं. इसके साथ ही क्रोध, झूठ, अनैतिक कार्यों और दूसरों को नुकसान पहुंचाने से बचने की सलाह दी जाती है. ज्योतिष में माना जाता है कि अच्छे कर्म और सेवा भाव शनि की कृपा प्राप्त करने के महत्वपूर्ण साधन हैं. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Jun 30, 2026 - 18:30
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Shani Sade Sati: जुलाई से शनि की साढ़ेसाती का असर! कैसे बचें शनि के प्रकोप से, घर बैठे करें ये आसान उपाय

Shani Sade Sati: वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह को कर्म, न्याय और अनुशासन का कारक माना जाता है. जब किसी व्यक्ति की राशि पर शनि की साढ़ेसाती चलती है, तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार जीवन में चुनौतियां, जिम्मेदारियां और मानसिक दबाव बढ़ सकता है.

हालांकि, ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि साढ़ेसाती हमेशा अशुभ नहीं होती. कई लोगों को इसी दौरान मेहनत के दम पर सफलता, पद और सम्मान भी मिलता है. इसलिए केवल भय की दृष्टि से नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन और कर्म पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है.

क्या होती है शनि की साढ़ेसाती?

ज्योतिष के अनुसार जब शनि जन्म राशि से एक राशि पहले, जन्म राशि पर और उसके बाद वाली राशि में गोचर करता है, तब लगभग साढ़े सात वर्ष की अवधि को शनि की साढ़ेसाती कहा जाता है. इस दौरान व्यक्ति को धैर्य, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में संतुलन बनाए रखने की सलाह दी जाती है.

यह भी पढ़ें- Jagannath Rath Yatra: 1972 की वह रहस्यमयी रथ यात्रा, जब भगवान जगन्नाथ ने रथ पर बैठने से कर दिया था इंकार

शनि के प्रकोप से बचने के पारंपरिक उपाय

ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिन्हें श्रद्धा और नियमितता के साथ करने की मान्यता है.

  • शनिवार के दिन शनि देव की पूजा करें.
  • पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
  • जरूरतमंद लोगों को काले तिल, उड़द की दाल, कंबल या जूते-चप्पल का दान करें.
  • प्रतिदिन या शनिवार को "ॐ शं शनैश्चराय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें.
  • हनुमान चालीसा का पाठ करने की भी परंपरागत मान्यता है.
  • बुजुर्गों, मजदूरों और जरूरतमंद लोगों का सम्मान करें तथा उनकी सहायता करें.
  • ईमानदारी, अनुशासन और संयम के साथ अपने कर्मों पर ध्यान दें.

घर बैठे क्या करें?

यदि मंदिर जाना संभव न हो, तो घर पर ही सुबह स्नान के बाद शनि देव का ध्यान करें, तिल के तेल का दीपक जलाएं, शनि मंत्र का जाप करें और कुछ समय ध्यान या प्रार्थना में बिताएं. इसके साथ ही क्रोध, झूठ, अनैतिक कार्यों और दूसरों को नुकसान पहुंचाने से बचने की सलाह दी जाती है. ज्योतिष में माना जाता है कि अच्छे कर्म और सेवा भाव शनि की कृपा प्राप्त करने के महत्वपूर्ण साधन हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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