RSS Program: हरियाणा के समालखा में आयोजित होगी RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा, 13–15 मार्च होगी अहम बैठक, किन मुद्दों पर होगा फोकस?
RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभी की बैठक हरियाणा के समालखा में होने जा रही है. ये बैठक 13 से लेकर 15 मार्च तक चलेगी. बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत, सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले समेत संघ और उसके अनुसांगिक संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे. इस बैठक में आगामी वर्ष की कार्ययोजना के साथ साथ संगठन की संरचना के पुनर्गठन को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है. प्रतिनिधि सभा RSS की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली इकाई है, जिसमें देशभर से करीब 1400–1500 प्रतिनिधि शामिल होते हैं. यहां लिए गए फैसले न केवल संगठन की दिशा तय करते हैं, बल्कि व्यापक सामाजिक और राजनीतिक संकेत भी देते हैं. बताया जा रहा है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबाले दोनों 8 मार्च तक समालखा पहुंच जाएंगे और मुख्य बैठक के बाद 17 मार्च तक चलने वाली आंतरिक बैठकों में भी हिस्सा लेंगे. कितने दिन चलेगी RSS की बैठक? तीन दिवसीय बैठक में शताब्दी वर्ष के चल रहे कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी. इस बैठक में कार्य विस्तार, कार्यकर्ता निर्माण और प्रशिक्षण पर विस्तृत चर्चा होगी. अप्रैल से जून तक आयोजित होने वाले संघ शिक्षा वर्गों की तैयारियों पर भी चर्चा की जाएगी. इसके साथ ही देश की वर्तमान स्थिति पर चर्चा कर कुछ प्रस्ताव पारित किए जाने की संभावना है. सरसंघचालक के हालिया प्रवास के दौरान उठे विभिन्न मुद्दों को भी बैठक में शामिल किया जा सकता है. RSS की बैठक का जरूरी मुद्दा इस बार बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा संघ के कार्यक्षेत्र के पुनर्गठन को माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, संघ अपने प्रांत ढांचे को और नीचे तक ले जाने की तैयारी में है. इसके तहत प्रांतों को संभागों में विभाजित कर संगठनात्मक कार्य को अधिक प्रभावी बनाने की योजना है. इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर नवंबर से जिला संघचालकों के चुनाव कराने और नई संरचना लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. RSS की बैठक में कौन होगा शामिल? प्रतिनिधि सभा में संघ के सभी अखिल भारतीय पदाधिकारी, क्षेत्र और प्रांत स्तर के संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक और विभिन्न कार्यविभागों के प्रमुख शामिल होंगे. इसके अलावा संघ से जुड़े समविचारी संगठनों जिनमें भारतीय जनता पार्टी, विश्व हिंदू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय मजदूर संघ, सेवा भारती, स्वदेशी जागरण मंच, विद्या भारती, आरोग्य भारती, एकल अभियान, हिंदू जागरण, अधिवक्ता परिषद, राष्ट्र सेविका समिति और राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे. RSS की बैठक में मंत्रियों की तैनाती को लेकर चर्चा इस बैठक में बीजेपी में नए संगठन मंत्रियों की तैनाती को लेकर भी चर्चा संभव है. सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में लगभग 6 से 8 राज्यों में संगठन महामंत्री का पद या तो खाली है या अतिरिक्त प्रभार के जरिए चलाया जा रहा है. संघ अपने प्रचारकों को पुनः व्यवस्थित कर रहा है, जबकि पार्टी नए ढांचे और नए चेहरों के साथ आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है. ऐसे में प्रतिनिधि सभा की बैठक को भाजपा के संगठनात्मक भविष्य से जोड़कर भी देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि बैठक के बाद संघ और भाजपा के बीच नई तैनातियों और भूमिकाओं को लेकर स्पष्ट संकेत सामने आ सकते है.
RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभी की बैठक हरियाणा के समालखा में होने जा रही है. ये बैठक 13 से लेकर 15 मार्च तक चलेगी. बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत, सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले समेत संघ और उसके अनुसांगिक संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे. इस बैठक में आगामी वर्ष की कार्ययोजना के साथ साथ संगठन की संरचना के पुनर्गठन को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है.
प्रतिनिधि सभा RSS की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली इकाई है, जिसमें देशभर से करीब 1400–1500 प्रतिनिधि शामिल होते हैं. यहां लिए गए फैसले न केवल संगठन की दिशा तय करते हैं, बल्कि व्यापक सामाजिक और राजनीतिक संकेत भी देते हैं. बताया जा रहा है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबाले दोनों 8 मार्च तक समालखा पहुंच जाएंगे और मुख्य बैठक के बाद 17 मार्च तक चलने वाली आंतरिक बैठकों में भी हिस्सा लेंगे.
कितने दिन चलेगी RSS की बैठक?
तीन दिवसीय बैठक में शताब्दी वर्ष के चल रहे कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी. इस बैठक में कार्य विस्तार, कार्यकर्ता निर्माण और प्रशिक्षण पर विस्तृत चर्चा होगी. अप्रैल से जून तक आयोजित होने वाले संघ शिक्षा वर्गों की तैयारियों पर भी चर्चा की जाएगी. इसके साथ ही देश की वर्तमान स्थिति पर चर्चा कर कुछ प्रस्ताव पारित किए जाने की संभावना है. सरसंघचालक के हालिया प्रवास के दौरान उठे विभिन्न मुद्दों को भी बैठक में शामिल किया जा सकता है.
RSS की बैठक का जरूरी मुद्दा
इस बार बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा संघ के कार्यक्षेत्र के पुनर्गठन को माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, संघ अपने प्रांत ढांचे को और नीचे तक ले जाने की तैयारी में है. इसके तहत प्रांतों को संभागों में विभाजित कर संगठनात्मक कार्य को अधिक प्रभावी बनाने की योजना है. इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर नवंबर से जिला संघचालकों के चुनाव कराने और नई संरचना लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है.
RSS की बैठक में कौन होगा शामिल?
प्रतिनिधि सभा में संघ के सभी अखिल भारतीय पदाधिकारी, क्षेत्र और प्रांत स्तर के संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक और विभिन्न कार्यविभागों के प्रमुख शामिल होंगे. इसके अलावा संघ से जुड़े समविचारी संगठनों जिनमें भारतीय जनता पार्टी, विश्व हिंदू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय मजदूर संघ, सेवा भारती, स्वदेशी जागरण मंच, विद्या भारती, आरोग्य भारती, एकल अभियान, हिंदू जागरण, अधिवक्ता परिषद, राष्ट्र सेविका समिति और राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे.
RSS की बैठक में मंत्रियों की तैनाती को लेकर चर्चा
इस बैठक में बीजेपी में नए संगठन मंत्रियों की तैनाती को लेकर भी चर्चा संभव है. सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में लगभग 6 से 8 राज्यों में संगठन महामंत्री का पद या तो खाली है या अतिरिक्त प्रभार के जरिए चलाया जा रहा है. संघ अपने प्रचारकों को पुनः व्यवस्थित कर रहा है, जबकि पार्टी नए ढांचे और नए चेहरों के साथ आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है. ऐसे में प्रतिनिधि सभा की बैठक को भाजपा के संगठनात्मक भविष्य से जोड़कर भी देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि बैठक के बाद संघ और भाजपा के बीच नई तैनातियों और भूमिकाओं को लेकर स्पष्ट संकेत सामने आ सकते है.
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