अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी में ABVP का विरोध प्रदर्शन, भारत विरोधी सेमिनार का लगाया आरोप
बेंगलुरु की अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी कैंपस में आयोजित एक कार्यक्रम में इंडियन आर्मी को लेकर अपमानजनक टिप्पणी और कश्मीर को भारत से अलग करन के विचारों को बढ़ावा देने के आरोप में विरोध प्रदर्शन हुआ. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रदर्शन किया और स्पार्क संगठन पर 'राष्ट्र-विरोधी' सेमिनार आयोजित करने का आरोप लगाया. प्रदर्शनकारियों का क्या आरोप? प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग दिखाया गया और सशस्त्र बलों का अपमान किया गया. प्रदर्शन के दौरान, एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रवेश किया और विरोध करते हुए विश्वविद्यालय के नाम बोर्ड पर स्याही पोत दी. उन्होंने परिसर के अंदर "स्पार्क पर प्रतिबंध लगाओ" लिखी तख्तियां दिखाईं और 'जम्मू-कश्मीर भारत का सिंदूर है' के नारे लगाए. यूनिवर्सिटी ने दी प्रतिक्रिया अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय ने विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रतिक्रिया दी है. यूनिवर्सिटी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, मंगलवार (24 फरवरी) शाम करीब 6 बजे, लगभग 20 लोगों का ग्रुप बेंगलुरु स्थितअज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय परिसर में घुस गया. उन्होंने नारे लगाए, कुछ संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और हमारे कुछ सुरक्षा गार्डों और छात्रों पर हमला किया. हमने घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन (सरजापुरा, बेंगलुरु) को दी. पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया.' विश्वविद्यालय में उपद्रव और हिंसा की निंदा की बयान में आगे कहा, 'हमारे परिसर में जबरन प्रवेश करने वाले लोग एक कार्यक्रम के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके बारे में उनका दावा था कि वह हमारे परिसर में आयोजित होने वाला था. अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय ने इस तरह के किसी भी कार्यक्रम को अधिकृत नहीं किया था. विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी कार्यक्रम के आयोजन से पहले सख्त प्रक्रियाओं का पालन करता है. हम इस बाहरी समूह द्वारा परिसर में किए गए उपद्रव और हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं.' (इनपुट - पिंकी राजपूत) यह भी पढ़ें - तेलंगाना में खत्म होने की ओर माओवाद! पोलित ब्यूरो सदस्य समेत चार बड़े नेताओं का आत्मसमर्पण
बेंगलुरु की अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी कैंपस में आयोजित एक कार्यक्रम में इंडियन आर्मी को लेकर अपमानजनक टिप्पणी और कश्मीर को भारत से अलग करन के विचारों को बढ़ावा देने के आरोप में विरोध प्रदर्शन हुआ. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रदर्शन किया और स्पार्क संगठन पर 'राष्ट्र-विरोधी' सेमिनार आयोजित करने का आरोप लगाया.
प्रदर्शनकारियों का क्या आरोप?
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग दिखाया गया और सशस्त्र बलों का अपमान किया गया. प्रदर्शन के दौरान, एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रवेश किया और विरोध करते हुए विश्वविद्यालय के नाम बोर्ड पर स्याही पोत दी. उन्होंने परिसर के अंदर "स्पार्क पर प्रतिबंध लगाओ" लिखी तख्तियां दिखाईं और 'जम्मू-कश्मीर भारत का सिंदूर है' के नारे लगाए.
यूनिवर्सिटी ने दी प्रतिक्रिया
अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय ने विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रतिक्रिया दी है. यूनिवर्सिटी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, मंगलवार (24 फरवरी) शाम करीब 6 बजे, लगभग 20 लोगों का ग्रुप बेंगलुरु स्थितअज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय परिसर में घुस गया. उन्होंने नारे लगाए, कुछ संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और हमारे कुछ सुरक्षा गार्डों और छात्रों पर हमला किया. हमने घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन (सरजापुरा, बेंगलुरु) को दी. पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया.'
विश्वविद्यालय में उपद्रव और हिंसा की निंदा की
बयान में आगे कहा, 'हमारे परिसर में जबरन प्रवेश करने वाले लोग एक कार्यक्रम के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके बारे में उनका दावा था कि वह हमारे परिसर में आयोजित होने वाला था. अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय ने इस तरह के किसी भी कार्यक्रम को अधिकृत नहीं किया था. विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी कार्यक्रम के आयोजन से पहले सख्त प्रक्रियाओं का पालन करता है. हम इस बाहरी समूह द्वारा परिसर में किए गए उपद्रव और हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं.'
(इनपुट - पिंकी राजपूत)
यह भी पढ़ें - तेलंगाना में खत्म होने की ओर माओवाद! पोलित ब्यूरो सदस्य समेत चार बड़े नेताओं का आत्मसमर्पण
What's Your Reaction?