Republic Day 2026: भैरव बटालियन के जवान अपने चेहरे पर काले रंग का ये क्या लगाते हैं, जानें क्या है असली कारण?

भारतीय सेना के अपनी नवगठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन के साहस, शौर्य और स्किल्स को 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर परेड के दौरान पूरी दुनिया को दिखाया है. भैरव लाइट कमांडो बटालियन भारतीय सेना की वो टुकड़ी है, जो आज के आधुनिक समय में पारंपरिक युद्ध के अलावा तकनीक और आधुनिक उपकरणों के जरिए भी युद्ध में अपना कौशल दिखाने में पूर्ण रूप से सक्षम है. इस बटालियन के कमांडो को विशेष रूप से हाइब्रिड युद्ध के लिए ही तैयार किया गया है. इसमें पारंपरिक युद्ध के साथ ड्रोन निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक व्यवधान और छोटी टीम का एक्शन मिश्रण होता है. भैरव लाइट कमांडो बटालियन वर्तमान के हाइब्रिड युद्ध की जरूरतों के ध्यान में रखते हुए बनाई गई है, जो भारतीय सेना में पारंपरिक पैदल सैनिकों और पैरा स्पेशल फोर्सेज (SF) के बीच की इकाई है. इसका मुख्य उद्देश्य दुर्गम इलाकों में छिपे दुश्मनों के सुरक्षा घेरे, ड्रोन निगरानी और AI सेंसर को चकमा देते हुए उनकी ठिकानों पर पहुंचकर अपने स्ट्रैटजिक ऑपरेशंस को अंजाम देना है. हालांकि, आज हम यह भी बताएंगे कि भैरव लाइट कमांडो बटालियन के जवान अपने चेहरे पर काला रंग क्यों लगाते हैं. चेहरों पर क्यों लगाया जाता है काला या लाल रंग? रक्षा विशेषज्ञ बिग्रेडियर अरुण सहगल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि भैरव बटालिय के फेस रिचुअल्स उनके स्ट्रैटजिक ऑपरेशंस का हिस्सा होते हैं. बटालियन के जवान एक्शन के दौरान अपने आपको कैमोफ्लाज रखने के उद्देश्य से अपने चेहरे पर काले या लाल रंग के ऑयल पेंट से रंग लगाते हैं. यह उनके लिए या अन्य किसी भी सैन्य बल के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है. उन्होंने कहा कि आज का समय ऐसा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित सेंसर के जरिए जवानों के चेहरे ढके होने के बावजूद उनकी पहचान की जा सकती है. इसलिए जवानों को अपने चेहरों पर काले या लाल रंग की परत चढ़ानी पड़ती है, ताकि AI-बेस्ड सेंसरों को उनकी पहचान करने में दिक्कतें हो सके. इसके अलावा, यह दुश्मनों के ठिकानों पर तैनात स्नाइपर को धोखा देने की स्ट्रैटजी होती है. यह भी पढ़ेंः ‘सरकार की कठपुतली बनी तेलंगाना पुलिस!’, टी. राजा सिंह को बेटे को जान से मारने की मिली धमकी, तो बौखलाए गोशामहल MLA

Jan 26, 2026 - 19:30
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Republic Day 2026: भैरव बटालियन के जवान अपने चेहरे पर काले रंग का ये क्या लगाते हैं, जानें क्या है असली कारण?

भारतीय सेना के अपनी नवगठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन के साहस, शौर्य और स्किल्स को 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर परेड के दौरान पूरी दुनिया को दिखाया है. भैरव लाइट कमांडो बटालियन भारतीय सेना की वो टुकड़ी है, जो आज के आधुनिक समय में पारंपरिक युद्ध के अलावा तकनीक और आधुनिक उपकरणों के जरिए भी युद्ध में अपना कौशल दिखाने में पूर्ण रूप से सक्षम है. इस बटालियन के कमांडो को विशेष रूप से हाइब्रिड युद्ध के लिए ही तैयार किया गया है. इसमें पारंपरिक युद्ध के साथ ड्रोन निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक व्यवधान और छोटी टीम का एक्शन मिश्रण होता है.

भैरव लाइट कमांडो बटालियन वर्तमान के हाइब्रिड युद्ध की जरूरतों के ध्यान में रखते हुए बनाई गई है, जो भारतीय सेना में पारंपरिक पैदल सैनिकों और पैरा स्पेशल फोर्सेज (SF) के बीच की इकाई है. इसका मुख्य उद्देश्य दुर्गम इलाकों में छिपे दुश्मनों के सुरक्षा घेरे, ड्रोन निगरानी और AI सेंसर को चकमा देते हुए उनकी ठिकानों पर पहुंचकर अपने स्ट्रैटजिक ऑपरेशंस को अंजाम देना है. हालांकि, आज हम यह भी बताएंगे कि भैरव लाइट कमांडो बटालियन के जवान अपने चेहरे पर काला रंग क्यों लगाते हैं.

चेहरों पर क्यों लगाया जाता है काला या लाल रंग?

रक्षा विशेषज्ञ बिग्रेडियर अरुण सहगल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि भैरव बटालिय के फेस रिचुअल्स उनके स्ट्रैटजिक ऑपरेशंस का हिस्सा होते हैं. बटालियन के जवान एक्शन के दौरान अपने आपको कैमोफ्लाज रखने के उद्देश्य से अपने चेहरे पर काले या लाल रंग के ऑयल पेंट से रंग लगाते हैं. यह उनके लिए या अन्य किसी भी सैन्य बल के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है.

उन्होंने कहा कि आज का समय ऐसा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित सेंसर के जरिए जवानों के चेहरे ढके होने के बावजूद उनकी पहचान की जा सकती है. इसलिए जवानों को अपने चेहरों पर काले या लाल रंग की परत चढ़ानी पड़ती है, ताकि AI-बेस्ड सेंसरों को उनकी पहचान करने में दिक्कतें हो सके. इसके अलावा, यह दुश्मनों के ठिकानों पर तैनात स्नाइपर को धोखा देने की स्ट्रैटजी होती है.

यह भी पढ़ेंः ‘सरकार की कठपुतली बनी तेलंगाना पुलिस!’, टी. राजा सिंह को बेटे को जान से मारने की मिली धमकी, तो बौखलाए गोशामहल MLA

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