Real Estate Fraud: 1100 करोड़ के बिल्डर-बायर फ्रॉड में ED की बड़ी कार्रवाई, इस कंपनी के दो प्रमोटर गिरफ्तार

ED ने 1100 करोड़ रुपये के बिल्डर-बायर फ्रॉड केस में सोमवार (21 जुलाई, 2025) को रामप्रस्थ ग्रुप के प्रमोटर संदीप यादव और अरविंद वालिया को गिरफ्तार कर लिया है. ED की टीम ने दिल्ली और गुरुग्राम में संदीप यादव और अरविंद वालिया के घर और बिजनेस लोकेशन पर छापेमारी की. ये दोनों Ramprastha Promoters & Developers Pvt. Ltd. (RPDPL) के डायरेक्टर और मेजर शेयर होल्डर हैं.  ED के मुताबिक, रामप्रस्थ ग्रुप ने Edge, Skyz, Rise और Ramprastha City जैसे प्रोजेक्ट्स के नाम पर करीब 2000 से ज्यादा लोगों से 1100 करोड़ रुपये की वसूली की, लेकिन 15-20 साल बीत जाने के बाद भी लोगों को ना तो फ्लैट मिले हैं और ना ही प्लॉट की पजेशन की गई है.  आरोपियों को गिरफ्तार कर हो रही पूछताछ इससे पहले, 11 जुलाई को ED ने रामप्रस्थ ग्रुप और उसकी ग्रुप कंपनियों की 681.54 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच की थी. अब संदीप यादव और अरविंद वालिया को गिरफ्तार करके पूछताछ की जा रही है. ED का कहना है कि अभी इस पूरे मामले में आगे की जांच जारी है. बता दें कि ED ने अपनी जांच में पाया था कि Ramprastha Developers ने साल 2008 से 2011 के बीच कई प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए. इन प्रोजेक्ट्स के लिए कंपनी ने 2000 से ज्यादा लोगों से करीब 1100 करोड़ रुपये जमा किए थे, लेकिन आज तक ना तो फ्लैट दिए गए और ना ही प्लॉट की पजेशन दी गई. दूसरे कामों में लगाया गया कस्टमर का पैसा जांच में ये भी सामने आया कि कंपनी के प्रमोटर्स अरविंद वालिया, बलवंत चौधरी सिंह और संदीप यादव ने होम बायर्स से मिले पैसे को दूसरी ग्रुप कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया. ये पैसा जमीन खरीदने या दूसरे कामों में लगाया गया, जबकि इसका इस्तेमाल फ्लैट बनाने के लिए किया जाना था. ये भी पढ़ें:- स्कूल के नजदीक बांग्लादेश एयरफोर्स का ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश, आसमान में फैला धुएं का गुबार, दौड़ते दिखे बच्चे

Jul 21, 2025 - 17:30
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Real Estate Fraud: 1100 करोड़ के बिल्डर-बायर फ्रॉड में ED की बड़ी कार्रवाई, इस कंपनी के दो प्रमोटर गिरफ्तार

ED ने 1100 करोड़ रुपये के बिल्डर-बायर फ्रॉड केस में सोमवार (21 जुलाई, 2025) को रामप्रस्थ ग्रुप के प्रमोटर संदीप यादव और अरविंद वालिया को गिरफ्तार कर लिया है. ED की टीम ने दिल्ली और गुरुग्राम में संदीप यादव और अरविंद वालिया के घर और बिजनेस लोकेशन पर छापेमारी की. ये दोनों Ramprastha Promoters & Developers Pvt. Ltd. (RPDPL) के डायरेक्टर और मेजर शेयर होल्डर हैं. 

ED के मुताबिक, रामप्रस्थ ग्रुप ने Edge, Skyz, Rise और Ramprastha City जैसे प्रोजेक्ट्स के नाम पर करीब 2000 से ज्यादा लोगों से 1100 करोड़ रुपये की वसूली की, लेकिन 15-20 साल बीत जाने के बाद भी लोगों को ना तो फ्लैट मिले हैं और ना ही प्लॉट की पजेशन की गई है. 

आरोपियों को गिरफ्तार कर हो रही पूछताछ

इससे पहले, 11 जुलाई को ED ने रामप्रस्थ ग्रुप और उसकी ग्रुप कंपनियों की 681.54 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच की थी. अब संदीप यादव और अरविंद वालिया को गिरफ्तार करके पूछताछ की जा रही है. ED का कहना है कि अभी इस पूरे मामले में आगे की जांच जारी है.

बता दें कि ED ने अपनी जांच में पाया था कि Ramprastha Developers ने साल 2008 से 2011 के बीच कई प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए. इन प्रोजेक्ट्स के लिए कंपनी ने 2000 से ज्यादा लोगों से करीब 1100 करोड़ रुपये जमा किए थे, लेकिन आज तक ना तो फ्लैट दिए गए और ना ही प्लॉट की पजेशन दी गई.

दूसरे कामों में लगाया गया कस्टमर का पैसा

जांच में ये भी सामने आया कि कंपनी के प्रमोटर्स अरविंद वालिया, बलवंत चौधरी सिंह और संदीप यादव ने होम बायर्स से मिले पैसे को दूसरी ग्रुप कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया. ये पैसा जमीन खरीदने या दूसरे कामों में लगाया गया, जबकि इसका इस्तेमाल फ्लैट बनाने के लिए किया जाना था.

ये भी पढ़ें:- स्कूल के नजदीक बांग्लादेश एयरफोर्स का ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश, आसमान में फैला धुएं का गुबार, दौड़ते दिखे बच्चे

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