PMO Eligibility: PMO में नौकरी कैसे मिलती है, यहां कितनी मिलती है सैलरी?
PMO Eligibility: देश के सबसे अहम और प्रभावशाली कार्यालयों में से एक प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में नौकरी पाना कई युवाओं का सपना होता है. यहां काम करने वाले अधिकारी सीधे तौर पर देश की नीतियों और फैसलों से जुड़े होते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर PMO में नौकरी कैसे मिलती है और यहां सैलरी कितनी होती है? आइए जानते हैं इससे संबंधित जानकारी. यूपीएससी से मिलेगा रास्ता सबसे पहले यह जानना बहुत जरूरी है कि PMO में सीधे तौर पर भर्ती बहुत कम होती है. यहां ज्यादातर अधिकारी अन्य सरकारी सेवाओं से चुने जाते हैं. PMO में जाने का सबसे प्रमुख रास्ता संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा होती है. इस परीक्षा को पास करके उम्मीदवार IAS, IPS या IFS अधिकारी बनते हैं, जिसके बाद अनुभव और कार्यक्षमता के आधार पर उन्हें PMO में नियुक्ति या प्रतिनियुक्ति मिल सकती है. अनुभव आ सकता है काम यही नहीं केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कार्यरत अधिकारी भी अपने अच्छे प्रदर्शन के आधार पर PMO में भेजे जाते हैं. इसमें सेक्शन ऑफिसर, अंडर सेक्रेटरी और जॉइंट सेक्रेटरी जैसे पद शामिल होते हैं. कुछ मामलों में विशेषज्ञों जैसे आर्थिक सलाहकार, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ और नीति विश्लेषक की भी नियुक्ति की जाती है. इन पदों के लिए संबंधित क्षेत्र में उच्च शिक्षा और अनुभव होना जरूरी होता है. वहीं PMO में काम करने के लिए कम्युनिकेशन स्किल्स और प्रशासनिक समझ भी अहम भूमिका निभाते हैं. इसे भी पढ़ें: Anti Paper Leak Bill 2026: लोकसभा-राज्यसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पास, अब क्या है प्रोसेस? कितनी मिलती है सैलरी? PMO में सैलरी पद और अनुभव के अनुसार तय होती है. IAS अधिकारियों की शुरुआती सैलरी लगभग 56,100 रुपये प्रति माह होती है, जो अनुभव के साथ बढ़ती जाती है. वरिष्ठ पदों पर यह सैलरी 1 लाख से लेकर 2.5 लाख रुपये प्रति माह तक पहुंच सकती है. विशेषज्ञों और सलाहकारों की सैलरी उनके अनुभव के आधार पर 80,000 रुपये से 2 लाख रुपये या उससे अधिक भी हो सकती है. वहीं, अन्य पदों जैसे सेक्शन ऑफिसर या असिस्टेंट की सैलरी 44,900 रुपये से शुरू होकर 1,42,400 रुपये तक जा सकती है. सैलरी के साथ अन्य लाभ सैलरी के अलावा, PMO में काम करने वाले अधिकारियों को कई सरकारी सुविधाएं जैसे सरकारी आवास, मेडिकल सुविधा, यात्रा भत्ता और सुरक्षा भी मिलती हैं. हालांकि, PMO में काम करना जितना प्रतिष्ठित माना जाता है, यह उतना ही जिम्मेदारी भरा भी होता है. यहां काम करने के लिए उच्च स्तर की गोपनीयता, अनुशासन और समर्पण जरूरी होता है. इसे भी पढ़ें: मिड-डे मील पर हर बच्चे पर कितना खर्च करती है सरकार, सबसे ज्यादा कहां?
PMO Eligibility: देश के सबसे अहम और प्रभावशाली कार्यालयों में से एक प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में नौकरी पाना कई युवाओं का सपना होता है. यहां काम करने वाले अधिकारी सीधे तौर पर देश की नीतियों और फैसलों से जुड़े होते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर PMO में नौकरी कैसे मिलती है और यहां सैलरी कितनी होती है? आइए जानते हैं इससे संबंधित जानकारी.
यूपीएससी से मिलेगा रास्ता
सबसे पहले यह जानना बहुत जरूरी है कि PMO में सीधे तौर पर भर्ती बहुत कम होती है. यहां ज्यादातर अधिकारी अन्य सरकारी सेवाओं से चुने जाते हैं. PMO में जाने का सबसे प्रमुख रास्ता संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा होती है. इस परीक्षा को पास करके उम्मीदवार IAS, IPS या IFS अधिकारी बनते हैं, जिसके बाद अनुभव और कार्यक्षमता के आधार पर उन्हें PMO में नियुक्ति या प्रतिनियुक्ति मिल सकती है.
अनुभव आ सकता है काम
यही नहीं केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कार्यरत अधिकारी भी अपने अच्छे प्रदर्शन के आधार पर PMO में भेजे जाते हैं. इसमें सेक्शन ऑफिसर, अंडर सेक्रेटरी और जॉइंट सेक्रेटरी जैसे पद शामिल होते हैं. कुछ मामलों में विशेषज्ञों जैसे आर्थिक सलाहकार, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ और नीति विश्लेषक की भी नियुक्ति की जाती है. इन पदों के लिए संबंधित क्षेत्र में उच्च शिक्षा और अनुभव होना जरूरी होता है. वहीं PMO में काम करने के लिए कम्युनिकेशन स्किल्स और प्रशासनिक समझ भी अहम भूमिका निभाते हैं.
इसे भी पढ़ें: Anti Paper Leak Bill 2026: लोकसभा-राज्यसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पास, अब क्या है प्रोसेस?
कितनी मिलती है सैलरी?
PMO में सैलरी पद और अनुभव के अनुसार तय होती है. IAS अधिकारियों की शुरुआती सैलरी लगभग 56,100 रुपये प्रति माह होती है, जो अनुभव के साथ बढ़ती जाती है. वरिष्ठ पदों पर यह सैलरी 1 लाख से लेकर 2.5 लाख रुपये प्रति माह तक पहुंच सकती है. विशेषज्ञों और सलाहकारों की सैलरी उनके अनुभव के आधार पर 80,000 रुपये से 2 लाख रुपये या उससे अधिक भी हो सकती है. वहीं, अन्य पदों जैसे सेक्शन ऑफिसर या असिस्टेंट की सैलरी 44,900 रुपये से शुरू होकर 1,42,400 रुपये तक जा सकती है.
सैलरी के साथ अन्य लाभ
सैलरी के अलावा, PMO में काम करने वाले अधिकारियों को कई सरकारी सुविधाएं जैसे सरकारी आवास, मेडिकल सुविधा, यात्रा भत्ता और सुरक्षा भी मिलती हैं. हालांकि, PMO में काम करना जितना प्रतिष्ठित माना जाता है, यह उतना ही जिम्मेदारी भरा भी होता है. यहां काम करने के लिए उच्च स्तर की गोपनीयता, अनुशासन और समर्पण जरूरी होता है.
इसे भी पढ़ें: मिड-डे मील पर हर बच्चे पर कितना खर्च करती है सरकार, सबसे ज्यादा कहां?
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