PM-SYM Scheme: रोज लगाएं 2 रुपये से भी कम, 60 साल बाद हर महीने ₹3000 की गारंटी!
सरकार की कई ऐसी स्कीम्स हैं, जो मुख्य रूप से देश के असंगठित क्षेत्र के कामगारों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है. आज हम आपको एक ऐसी ही स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं, जो मात्र 55 रुपये के निवेश से हर महीने 3000 रुपये की गारंटीड पेंशन देगी. यहां प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) की बात की जा रही है. मोदी सरकार की यह योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी. किनके लिए है यह स्कीम? असंगठित क्षेत्र के कामगार जैसे कि रेहड़ी-पटरी वाले, रिक्शा चालक, मजदूर, घरों में काम करने वाले (मेड/बाई), कृषि मजदूर जैसे पेशे से जुड़े हुए लोग इस स्कीम के तहत शामिल हो सकते हैं. बशर्तें उनकी उम्र 18 से 40 साल के बीच हो और महीने की कुल कमाई 15,000 या उससे कम हो. इसके साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि आवेदक टैक्सपेयर न हो और ना ही पहले से EPFO, ESIC या NPS जैसी किसी अन्य सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजना का सदस्य हो. सरकार भी देती है 50% योगदान स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 50% योगदान सरकार की तरफ से दी जाती है. यानी कि यह एक 'मैचिंग कॉन्ट्रिब्यूशन' (1:1) स्कीम है. मतलब जितनी रकम आपके बैंक खाते से कटेगी, ठीक उतनी ही राशि भारत सरकार भी अपनी तरफ से आपके पेंशन खाते में जमा करेगी. यानी कि अगर आप 55 रुपये देते हैं, तो सरकार भी 55 रुपये देगी.इस तरह से कुल जमा रकम 110 प्रति माह हो जाएगी. उम्र बढ़ने के साथ प्रीमियम भी बढ़ती जाती है और सरकार का अंशदान भी उस हिसाब से बना रहता है. कैसे करेंगे आवेदन? आप अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर या आधिकारिक Shram Yogi Maandhan Portal पर खुद को ऑनलाइन रजिस्टर कर सकते हैं. इसके लिए सिर्फ आधार कार्ड और बचत बैंक खाता/जनधन खाता (जिससे हर महीने ऑटो-डेबिट हो सके) की आवश्यकता होती है. बता दें कि जुलाई 2026 तक स्कीम के तहत रजिस्टर्ड लाभार्थियों की संख्या 54 लाख के पार हो चुकी है. देश भर में इसके करीब 4 लाख सेंटर्स का एक नेटवर्क है. ये भी पढ़ें: TATA केन्या में क्या बनाती है, 100 साल पुरानी फैक्ट्री पर ताला क्यों लगा?
सरकार की कई ऐसी स्कीम्स हैं, जो मुख्य रूप से देश के असंगठित क्षेत्र के कामगारों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है. आज हम आपको एक ऐसी ही स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं, जो मात्र 55 रुपये के निवेश से हर महीने 3000 रुपये की गारंटीड पेंशन देगी. यहां प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) की बात की जा रही है. मोदी सरकार की यह योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी.
किनके लिए है यह स्कीम?
असंगठित क्षेत्र के कामगार जैसे कि रेहड़ी-पटरी वाले, रिक्शा चालक, मजदूर, घरों में काम करने वाले (मेड/बाई), कृषि मजदूर जैसे पेशे से जुड़े हुए लोग इस स्कीम के तहत शामिल हो सकते हैं. बशर्तें उनकी उम्र 18 से 40 साल के बीच हो और महीने की कुल कमाई 15,000 या उससे कम हो. इसके साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि आवेदक टैक्सपेयर न हो और ना ही पहले से EPFO, ESIC या NPS जैसी किसी अन्य सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजना का सदस्य हो.
सरकार भी देती है 50% योगदान
स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 50% योगदान सरकार की तरफ से दी जाती है. यानी कि यह एक 'मैचिंग कॉन्ट्रिब्यूशन' (1:1) स्कीम है. मतलब जितनी रकम आपके बैंक खाते से कटेगी, ठीक उतनी ही राशि भारत सरकार भी अपनी तरफ से आपके पेंशन खाते में जमा करेगी.
यानी कि अगर आप 55 रुपये देते हैं, तो सरकार भी 55 रुपये देगी.इस तरह से कुल जमा रकम 110 प्रति माह हो जाएगी. उम्र बढ़ने के साथ प्रीमियम भी बढ़ती जाती है और सरकार का अंशदान भी उस हिसाब से बना रहता है.
कैसे करेंगे आवेदन?
आप अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर या आधिकारिक Shram Yogi Maandhan Portal पर खुद को ऑनलाइन रजिस्टर कर सकते हैं. इसके लिए सिर्फ आधार कार्ड और बचत बैंक खाता/जनधन खाता (जिससे हर महीने ऑटो-डेबिट हो सके) की आवश्यकता होती है. बता दें कि जुलाई 2026 तक स्कीम के तहत रजिस्टर्ड लाभार्थियों की संख्या 54 लाख के पार हो चुकी है. देश भर में इसके करीब 4 लाख सेंटर्स का एक नेटवर्क है.
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