Oral Health: बार-बार सूज रहे मसूड़े या खराब रहती है ओरल हेल्थ तो न करें नजरअंदाज, हो सकती हैं बांझपन की शिकार
Poor Oral Health May Increase Infertility Risk: महिलाओं की फर्टिलिटी को प्रभावित करने वाले कारणों की बात होती है तो आमतौर पर हार्मोन, उम्र, लाइफस्टाइल या किसी बीमारी का जिक्र किया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके मसूड़ों की सेहत भी मां बनने की क्षमता पर असर डाल सकती है? हाल ही में सामने आए एक रिसर्च ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. रिसर्चर का कहना है कि मुंह में लंबे समय तक रहने वाली सूजन महिलाओं की फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकती है और कुछ मामलों में बांझपन का खतरा भी बढ़ा सकती है. कैसे यह फर्टिलिटी को प्रभावित करता है? हिब्रू यूनिवर्सिटी ऑफ जेरूसलम के रिसर्चर ने अपने इस स्टडी में पाया गया कि मुंह में लगातार बनी रहने वाली सूजन केवल दांतों और मसूड़ों तक सीमित नहीं रहती. यह शरीर में इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया को बढ़ाकर दूसरे अंगों को भी प्रभावित कर सकती है, जिनमें ओवरी भी शामिल हैं. स्टडी के एनालिसिस जर्नल ऑफ डेंटल रिसर्च में पब्लिश किए गए हैं. किस चीज पर किया गया रिसर्च? रिसर्च के दौरान साइंटिस्ट ने चूहों पर स्टडी किया और दांतों से जुड़ी सूजन की स्थिति का एनालिसिस किया. जांच में सामने आया कि मुंह में होने वाली सूजन से निकलने वाले संकेत पूरे शरीर में फैल जाते हैं और ओवरी तक पहुंच सकते हैं. इसका रिजल्ट ओवरी में सूजन बढ़ाने वाले केमिकल का स्तर अधिक पाया गया. इसके साथ ही इम्यून सिस्टम में बदलाव, टिश्यू को नुकसान और एग्स की क्वालिटी में गिरावट भी देखी गई. जानवरों पर किए गए रिसर्च का किया निकला रिजल्ट? रिसर्चर ने यह भी पाया कि जिन एग्स पर सूजन का असर पड़ा, वहां एग्स के विकास की प्रक्रिया प्रभावित हो गई. ओवरी में मौजूद छोटी थैलियां, जिनमें एग्स विकसित होते हैं, उनकी वृद्धि सामान्य नहीं रही. इसके कारण एग्स की क्वालिटी कमजोर हुई और सफल प्रेग्नेंसी की संभावना कम होती दिखाई दी. स्टडी में शामिल जानवरों में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या भी कम दर्ज की गई. इसे भी पढ़ें - Summer Fatigue: गर्मियों में बार-बार महसूस हो रही थकान, जान लें यह किस बीमारी का संकेत? लंबे समय तक रहने वाले सूजन का क्या होता है असर? सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि एग्स में डीएनए को नुकसान पहुंचने और जीन के काम करने के तरीके में बदलाव के संकेत भी मिले. रिसर्चर के अनुसार ये बदलाव काफी हद तक वैसे ही थे जैसे बढ़ती उम्र के साथ प्रजनन क्षमता में गिरावट के दौरान देखे जाते हैं. इससे संकेत मिलता है कि लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन महिलाओं की फर्टिलिटी क्षमता को समय से पहले प्रभावित कर सकती है. स्टडी का नेतृत्व करने वाले माइकल क्लटस्टाइन ने कहा कि अक्सर सूजन को केवल स्थानीय समस्या माना जाता है, लेकिन हमारे एनालिसिस बताते हैं कि इसका असर पूरे शरीर पर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि मुंह में लगातार बनी रहने वाली सूजन महिलाओं में बांझपन का एक ऐसा कारण हो सकती है, जिस पर अभी तक पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है. इसे भी पढ़ें - जहां बन रहा खाना वहीं पनप रही बीमारी, क्या आपके बच्चों को भी बीमार कर रही किचन की सिंक? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
Poor Oral Health May Increase Infertility Risk: महिलाओं की फर्टिलिटी को प्रभावित करने वाले कारणों की बात होती है तो आमतौर पर हार्मोन, उम्र, लाइफस्टाइल या किसी बीमारी का जिक्र किया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके मसूड़ों की सेहत भी मां बनने की क्षमता पर असर डाल सकती है? हाल ही में सामने आए एक रिसर्च ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. रिसर्चर का कहना है कि मुंह में लंबे समय तक रहने वाली सूजन महिलाओं की फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकती है और कुछ मामलों में बांझपन का खतरा भी बढ़ा सकती है.
कैसे यह फर्टिलिटी को प्रभावित करता है?
हिब्रू यूनिवर्सिटी ऑफ जेरूसलम के रिसर्चर ने अपने इस स्टडी में पाया गया कि मुंह में लगातार बनी रहने वाली सूजन केवल दांतों और मसूड़ों तक सीमित नहीं रहती. यह शरीर में इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया को बढ़ाकर दूसरे अंगों को भी प्रभावित कर सकती है, जिनमें ओवरी भी शामिल हैं. स्टडी के एनालिसिस जर्नल ऑफ डेंटल रिसर्च में पब्लिश किए गए हैं.
किस चीज पर किया गया रिसर्च?
रिसर्च के दौरान साइंटिस्ट ने चूहों पर स्टडी किया और दांतों से जुड़ी सूजन की स्थिति का एनालिसिस किया. जांच में सामने आया कि मुंह में होने वाली सूजन से निकलने वाले संकेत पूरे शरीर में फैल जाते हैं और ओवरी तक पहुंच सकते हैं. इसका रिजल्ट ओवरी में सूजन बढ़ाने वाले केमिकल का स्तर अधिक पाया गया. इसके साथ ही इम्यून सिस्टम में बदलाव, टिश्यू को नुकसान और एग्स की क्वालिटी में गिरावट भी देखी गई.
जानवरों पर किए गए रिसर्च का किया निकला रिजल्ट?
रिसर्चर ने यह भी पाया कि जिन एग्स पर सूजन का असर पड़ा, वहां एग्स के विकास की प्रक्रिया प्रभावित हो गई. ओवरी में मौजूद छोटी थैलियां, जिनमें एग्स विकसित होते हैं, उनकी वृद्धि सामान्य नहीं रही. इसके कारण एग्स की क्वालिटी कमजोर हुई और सफल प्रेग्नेंसी की संभावना कम होती दिखाई दी. स्टडी में शामिल जानवरों में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या भी कम दर्ज की गई.
इसे भी पढ़ें - Summer Fatigue: गर्मियों में बार-बार महसूस हो रही थकान, जान लें यह किस बीमारी का संकेत?
लंबे समय तक रहने वाले सूजन का क्या होता है असर?
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि एग्स में डीएनए को नुकसान पहुंचने और जीन के काम करने के तरीके में बदलाव के संकेत भी मिले. रिसर्चर के अनुसार ये बदलाव काफी हद तक वैसे ही थे जैसे बढ़ती उम्र के साथ प्रजनन क्षमता में गिरावट के दौरान देखे जाते हैं. इससे संकेत मिलता है कि लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन महिलाओं की फर्टिलिटी क्षमता को समय से पहले प्रभावित कर सकती है. स्टडी का नेतृत्व करने वाले माइकल क्लटस्टाइन ने कहा कि अक्सर सूजन को केवल स्थानीय समस्या माना जाता है, लेकिन हमारे एनालिसिस बताते हैं कि इसका असर पूरे शरीर पर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि मुंह में लगातार बनी रहने वाली सूजन महिलाओं में बांझपन का एक ऐसा कारण हो सकती है, जिस पर अभी तक पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है.
इसे भी पढ़ें - जहां बन रहा खाना वहीं पनप रही बीमारी, क्या आपके बच्चों को भी बीमार कर रही किचन की सिंक?
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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