NIA अफसर बनकर बेरोजगारों को ठग रहा था मुदस्सर, दिल्ली पुलिस ने लाल किले के पास से दबोचा, जानें कश्मीर कनेक्शन
दिल्ली में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी खुद को NIA का अधिकारी बताकर लोगों को झांसा देता था और उनसे मोटी रकम ऐंठता था. उसके पास से एक फर्जी आईडी कार्ड भी मिला है, जिसे दिखाकर वो लोगों को भरोसा दिलाता था कि वो बड़ी एजेंसी में तैनात है. दरअसल 18 फरवरी 2026 को थाना कोतवाली की पुलिस टीम इलाके में गश्त कर रही थी. इसी दौरान लाल किले के पीछे दिल्ली चलो पार्क के पास एक काली हुंडई सेंट्रो कार जिसका नंबर JK01L9913 था संदिग्ध हालत में खड़ी दिखी. पुलिस ने जब कार की तलाशी ली तो उसमें दो लोग बैठे मिले. इनमें एक की पहचान जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के रहने वाले निवासी मुदस्सर के रूप में हुई, जबकि दूसरा एक नाबालिग लड़का था. पुलिस ने थाने ले जाकर पूछताछ कीपूछताछ के दौरान मुदस्सर ने खुद को NIA से जुड़ा अधिकारी बताते हुए एक पहचान पत्र दिखाया लेकिन कार्ड देखने में ही संदिग्ध लग रहा था. पुलिस दोनों को थाने ले आई और गहन पूछताछ शुरू की. जांच में सामने आया कि आरोपी जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को नौकरी का लालच देकर उनसे पैसे लेता था. वो कहता था कि दिल्ली में उसकी ऊपर तक पहुंच है और वो सरकारी या प्राइवेट नौकरी लगवा सकता है. गरीबों से नौकरी के नाम पर करता था ठगीपुलिस के मुताबिक आरोपी ने नाबालिग लड़के के परिवार को भरोसा दिलाया था कि वो दिल्ली में अच्छी नौकरी दिला देगा. इसके बदले उसने एडवांस पैसे भी ले लिए. 12 फरवरी को वो कश्मीर से लड़के को लेकर निकला और 13 फरवरी की रात दिल्ली पहुंचा. दोनों जामा मस्जिद इलाके के एक गेस्ट हाउस में रुके. आरोपी ने दावा किया कि उसने दिल्ली में कुछ लोगों से संपर्क किया है लेकिन वो कोई पुख्ता सबूत या दस्तावेज नहीं दिखा सका. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्पेशल सेल, इंटेलिजेंस ब्यूरो और संबंधित केंद्रीय एजेंसी के साथ संयुक्त पूछताछ की गई. जॉइंट इंटरोगेशन में साफ हुआ कि आरोपी फर्जी आईडी कार्ड बनवाकर खुद को अधिकारी बताता था और आम लोगों को ठग रहा था. ये भी साफ हो गया कि NIA का जो कार्ड वो दिखा रहा था. NIA की तरफ से ऐसा कोई पहचान पत्र जारी ही नहीं किया गया था. पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस ये भी जांच कर रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को इस तरह ठगा है और क्या उसके साथ कोई और भी शामिल है. ये भी पढ़ें पहले योगी से मिले RSS चीफ मोहन भागवत फिर केशव-बृजेश से भी की मुलाकात, यूपी अंदरखाने क्या पक रहा?
दिल्ली में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी खुद को NIA का अधिकारी बताकर लोगों को झांसा देता था और उनसे मोटी रकम ऐंठता था. उसके पास से एक फर्जी आईडी कार्ड भी मिला है, जिसे दिखाकर वो लोगों को भरोसा दिलाता था कि वो बड़ी एजेंसी में तैनात है.
दरअसल 18 फरवरी 2026 को थाना कोतवाली की पुलिस टीम इलाके में गश्त कर रही थी. इसी दौरान लाल किले के पीछे दिल्ली चलो पार्क के पास एक काली हुंडई सेंट्रो कार जिसका नंबर JK01L9913 था संदिग्ध हालत में खड़ी दिखी. पुलिस ने जब कार की तलाशी ली तो उसमें दो लोग बैठे मिले. इनमें एक की पहचान जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के रहने वाले निवासी मुदस्सर के रूप में हुई, जबकि दूसरा एक नाबालिग लड़का था.
पुलिस ने थाने ले जाकर पूछताछ की
पूछताछ के दौरान मुदस्सर ने खुद को NIA से जुड़ा अधिकारी बताते हुए एक पहचान पत्र दिखाया लेकिन कार्ड देखने में ही संदिग्ध लग रहा था. पुलिस दोनों को थाने ले आई और गहन पूछताछ शुरू की. जांच में सामने आया कि आरोपी जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को नौकरी का लालच देकर उनसे पैसे लेता था. वो कहता था कि दिल्ली में उसकी ऊपर तक पहुंच है और वो सरकारी या प्राइवेट नौकरी लगवा सकता है.
गरीबों से नौकरी के नाम पर करता था ठगी
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने नाबालिग लड़के के परिवार को भरोसा दिलाया था कि वो दिल्ली में अच्छी नौकरी दिला देगा. इसके बदले उसने एडवांस पैसे भी ले लिए. 12 फरवरी को वो कश्मीर से लड़के को लेकर निकला और 13 फरवरी की रात दिल्ली पहुंचा. दोनों जामा मस्जिद इलाके के एक गेस्ट हाउस में रुके. आरोपी ने दावा किया कि उसने दिल्ली में कुछ लोगों से संपर्क किया है लेकिन वो कोई पुख्ता सबूत या दस्तावेज नहीं दिखा सका.
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्पेशल सेल, इंटेलिजेंस ब्यूरो और संबंधित केंद्रीय एजेंसी के साथ संयुक्त पूछताछ की गई. जॉइंट इंटरोगेशन में साफ हुआ कि आरोपी फर्जी आईडी कार्ड बनवाकर खुद को अधिकारी बताता था और आम लोगों को ठग रहा था. ये भी साफ हो गया कि NIA का जो कार्ड वो दिखा रहा था. NIA की तरफ से ऐसा कोई पहचान पत्र जारी ही नहीं किया गया था. पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है.
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस ये भी जांच कर रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को इस तरह ठगा है और क्या उसके साथ कोई और भी शामिल है.
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पहले योगी से मिले RSS चीफ मोहन भागवत फिर केशव-बृजेश से भी की मुलाकात, यूपी अंदरखाने क्या पक रहा?
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