राज्यसभा में विपक्ष का गेम ओवर! विधायकों के नंबर से बीजेपी का जैकपॉट, ताश की तरह बिखरेगा अपोजिशन
राज्यसभा चुनाव 2026 में बीजेपी को बड़ी बढ़त मिलने की संभावना है, जो उच्च सदन में उसके बहुमत को और मजबूत कर सकती है. संख्या बल के आधार पर पार्टी 15 से 18 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है, जबकि उसके 9 सांसदों का कार्यकाल अगले महीने समाप्त हो रहा है. महाराष्ट्र, ओडिशा, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा और असम जैसे राज्यों में भाजपा की सरकार या सत्तारूढ़ गठबंधन में उसकी मजबूत पकड़ से यह फायदा होने की उम्मीद है. इन राज्यों में विधानसभा की ताकत बीजेपी के पक्ष में है, जो राज्यसभा सीटों के चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाती है. असम में बीजेपी का तीनों सीटें जीतना तय उदाहरण के तौर पर महाराष्ट्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन को 7 में से 6 सीटें जीतने की संभावना है. यहां विपक्षी महाविकास आघाडी (MVA) अगर एकजुट होकर लड़ती है, तो उसे एक सीट मिल सकती है. लेकिन कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) को यहां एक-एक सीट का नुकसान होने की आशंका है. असम में भी बीजेपी की सत्ता होने से तीनों सीटों पर उसकी जीत तय मानी जा रही है, खासकर जब अगले महीने वहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. विधानसभा ताकत से उच्च सदन में बहुमत पक्का बिहार में बीजेपी गठबंधन को एक एक्सट्रा सीट मिल सकती है, जो पहले से उसके पास 3 सीटों को बढ़ाकर 4 कर देगी. ओडिशा में भी बीजेपी को 2 सीटों का फायदा हो सकता है. छत्तीसगढ़ और हरियाणा में भी सत्ताधारी होने का लाभ मिलेगा, जहां एक-एक सीट बढ़ सकती है. कुल मिलाकर, इन राज्यों में बीजेपी की विधानसभा ताकत से उच्च सदन में उसका बहुमत और पक्का हो जाएगा. विपक्ष को होगा नुकसान, बहुमत पाना मुश्किल वहीं, विपक्षी पार्टियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है. कांग्रेस को तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में एक-एक सीट जीतने की संभावना है, लेकिन उसके 4 सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, जिससे उच्च सदन में उसका बहुमत हासिल करना मुश्किल लगता है. पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को 4 सीटें मिल सकती हैं, जबकि बीजेपी को एक. लेकिन तमिलनाडु में सत्ताधारी DMK को 6 में से 4 सीटें जीतने की संभावना है और AIADMK को एक. शेष एक पर कड़ी टक्कर होगी. हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में विपक्षी पार्टियों की सत्ता होने से बीजेपी को यहां चुनौती मिलेगी, लेकिन कुल आंकड़ों में बीजेपी का पलड़ा भारी रहेगा. कुछ पार्टियां जैसे कांग्रेस और उसके सहयोगी महाराष्ट्र में सीटें गंवा सकती हैं, जबकि तृणमूल और डीएमके को फायदा हो सकता है. लेकिन भाजपा की बढ़त से NDA का उच्च सदन में दबदबा बढ़ेगा, जो विधेयकों को पास करने में आसानी देगा. क्या यह चुनाव विपक्ष के लिए और मुश्किलें लाएगा?
राज्यसभा चुनाव 2026 में बीजेपी को बड़ी बढ़त मिलने की संभावना है, जो उच्च सदन में उसके बहुमत को और मजबूत कर सकती है. संख्या बल के आधार पर पार्टी 15 से 18 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है, जबकि उसके 9 सांसदों का कार्यकाल अगले महीने समाप्त हो रहा है. महाराष्ट्र, ओडिशा, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा और असम जैसे राज्यों में भाजपा की सरकार या सत्तारूढ़ गठबंधन में उसकी मजबूत पकड़ से यह फायदा होने की उम्मीद है. इन राज्यों में विधानसभा की ताकत बीजेपी के पक्ष में है, जो राज्यसभा सीटों के चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाती है.
असम में बीजेपी का तीनों सीटें जीतना तय
उदाहरण के तौर पर महाराष्ट्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन को 7 में से 6 सीटें जीतने की संभावना है. यहां विपक्षी महाविकास आघाडी (MVA) अगर एकजुट होकर लड़ती है, तो उसे एक सीट मिल सकती है. लेकिन कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) को यहां एक-एक सीट का नुकसान होने की आशंका है. असम में भी बीजेपी की सत्ता होने से तीनों सीटों पर उसकी जीत तय मानी जा रही है, खासकर जब अगले महीने वहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.
विधानसभा ताकत से उच्च सदन में बहुमत पक्का
बिहार में बीजेपी गठबंधन को एक एक्सट्रा सीट मिल सकती है, जो पहले से उसके पास 3 सीटों को बढ़ाकर 4 कर देगी. ओडिशा में भी बीजेपी को 2 सीटों का फायदा हो सकता है. छत्तीसगढ़ और हरियाणा में भी सत्ताधारी होने का लाभ मिलेगा, जहां एक-एक सीट बढ़ सकती है. कुल मिलाकर, इन राज्यों में बीजेपी की विधानसभा ताकत से उच्च सदन में उसका बहुमत और पक्का हो जाएगा.
विपक्ष को होगा नुकसान, बहुमत पाना मुश्किल
वहीं, विपक्षी पार्टियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है. कांग्रेस को तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में एक-एक सीट जीतने की संभावना है, लेकिन उसके 4 सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, जिससे उच्च सदन में उसका बहुमत हासिल करना मुश्किल लगता है.
पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को 4 सीटें मिल सकती हैं, जबकि बीजेपी को एक. लेकिन तमिलनाडु में सत्ताधारी DMK को 6 में से 4 सीटें जीतने की संभावना है और AIADMK को एक. शेष एक पर कड़ी टक्कर होगी. हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में विपक्षी पार्टियों की सत्ता होने से बीजेपी को यहां चुनौती मिलेगी, लेकिन कुल आंकड़ों में बीजेपी का पलड़ा भारी रहेगा.
कुछ पार्टियां जैसे कांग्रेस और उसके सहयोगी महाराष्ट्र में सीटें गंवा सकती हैं, जबकि तृणमूल और डीएमके को फायदा हो सकता है. लेकिन भाजपा की बढ़त से NDA का उच्च सदन में दबदबा बढ़ेगा, जो विधेयकों को पास करने में आसानी देगा. क्या यह चुनाव विपक्ष के लिए और मुश्किलें लाएगा?
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