Gold Price: सोना महंगा-खरीदार कम, फिर भी कीमत क्यों नहीं गिर रही? इन 4 वजहों से समझ आएगी बात
Gold Import Duty Hike: भारत सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है. मकसद साफ है आयात घटाना और रुपए पर दबाव कम करना. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की है. इसके बावजूद बाजार में सोने की कीमत थम नहीं रही. आज 13 मई 2026 को भारत में सोने का भाव एक बड़े उछाल के साथ खुला. MCX पर सोना आज 6 फीसदी उछलकर करीब 1,62,390 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. इंट्राडे में यह 1.64 लाख रुपए के पार भी गया. अब सवाल यह है कि जब सरकार खरीद रोकना चाहती है खरीदार भी कम हैं तो फिर कीमत ऊपर क्यों जा रही है? इसके जवाब एक नहीं कई हैं. पहला कारण- ईरान-अमेरिका युद्ध का असर जब भी दुनिया में कोई बड़ा संकट आता है, निवेशक सोने की तरफ भागते हैं. सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है. पश्चिम एशिया में तनाव के बीच वैश्विक बाजार में सोने की कीमत पहले से ऊंची है. भारत अपना लगभग पूरा सोना आयात करता है इसलिए बाहर की कीमत यहां सीधे असर डालती है. इंतजार करें या अभी खरीदें? सोने-चांदी में इन्वेस्ट को लेकर निवेशकों के मन में उलझन, कौन सा शेयर है बेस्ट? दूसरा कारण- खुद आयात शुल्क की बढ़ोतरी सरकार ने शुल्क इसलिए बढ़ाया ताकि सोना महंगा हो और लोग कम खरीदें, लेकिन इससे उल्टा भी होता है. जब शुल्क बढ़ता है तो घरेलू बाजार में सोने की कीमत और ऊपर चली जाती है. जो निवेशक पहले से सोना खरीदे हुए हैं उनका मुनाफा बढ़ता है. इससे नए निवेशक भी आकर्षित होते हैं कि कहीं वे पीछे न रह जाएं. तीसरा कारण- निवेश मांग रिकॉर्ड स्तर पर इस साल मार्च तिमाही में पहली बार ऐसा हुआ कि सोने में निवेश की मांग, गहनों की मांग से आगे निकल गई. सोना ETF में निवेश एक साल में 186 फीसदी उछलकर 20 मीट्रिक टन के रिकॉर्ड पर पहुंच गया. शेयर बाजार से कमजोर रिटर्न के बीच लोगों ने सोने को चुना. चौथा कारण- भारतीय खरीदार की मानसिकता पिछले एक दशक में सोने की कीमत 443 फीसदी बढ़ी फिर भी सालाना मांग 666 से 803 मीट्रिक टन के बीच बनी रही. 2012-13 में भी जब शुल्क 2 से 10 फीसदी हुआ था मांग नहीं टूटी थी. ग्रामीण भारत में सोना बचत का साधन है, कर्ज की गारंटी है. इसे आसानी से छोड़ा नहीं जाता. यही वजह है कि कम खरीदार होने के बावजूद कीमत नहीं गिर रही. वैश्विक संकट, बढ़ता हुआ आयात शुल्क, निवेश की बदलती प्राथमिकताएं और भारतीय बाजार की संरचना मिलकर सोने को ऊपर थामे हुए हैं. Fuel Prices Hike: महंगा होगा पेट्रोल-डीजल! RBI गवर्नर का बड़ा बयान- 'कच्चा तेल महंगा रहा तो...'
Gold Import Duty Hike: भारत सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है. मकसद साफ है आयात घटाना और रुपए पर दबाव कम करना. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की है. इसके बावजूद बाजार में सोने की कीमत थम नहीं रही.
आज 13 मई 2026 को भारत में सोने का भाव एक बड़े उछाल के साथ खुला. MCX पर सोना आज 6 फीसदी उछलकर करीब 1,62,390 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. इंट्राडे में यह 1.64 लाख रुपए के पार भी गया.
अब सवाल यह है कि जब सरकार खरीद रोकना चाहती है खरीदार भी कम हैं तो फिर कीमत ऊपर क्यों जा रही है? इसके जवाब एक नहीं कई हैं.
पहला कारण- ईरान-अमेरिका युद्ध का असर
जब भी दुनिया में कोई बड़ा संकट आता है, निवेशक सोने की तरफ भागते हैं. सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है. पश्चिम एशिया में तनाव के बीच वैश्विक बाजार में सोने की कीमत पहले से ऊंची है. भारत अपना लगभग पूरा सोना आयात करता है इसलिए बाहर की कीमत यहां सीधे असर डालती है.
दूसरा कारण- खुद आयात शुल्क की बढ़ोतरी
सरकार ने शुल्क इसलिए बढ़ाया ताकि सोना महंगा हो और लोग कम खरीदें, लेकिन इससे उल्टा भी होता है. जब शुल्क बढ़ता है तो घरेलू बाजार में सोने की कीमत और ऊपर चली जाती है. जो निवेशक पहले से सोना खरीदे हुए हैं उनका मुनाफा बढ़ता है. इससे नए निवेशक भी आकर्षित होते हैं कि कहीं वे पीछे न रह जाएं.
तीसरा कारण- निवेश मांग रिकॉर्ड स्तर पर
इस साल मार्च तिमाही में पहली बार ऐसा हुआ कि सोने में निवेश की मांग, गहनों की मांग से आगे निकल गई. सोना ETF में निवेश एक साल में 186 फीसदी उछलकर 20 मीट्रिक टन के रिकॉर्ड पर पहुंच गया. शेयर बाजार से कमजोर रिटर्न के बीच लोगों ने सोने को चुना.
चौथा कारण- भारतीय खरीदार की मानसिकता
पिछले एक दशक में सोने की कीमत 443 फीसदी बढ़ी फिर भी सालाना मांग 666 से 803 मीट्रिक टन के बीच बनी रही. 2012-13 में भी जब शुल्क 2 से 10 फीसदी हुआ था मांग नहीं टूटी थी. ग्रामीण भारत में सोना बचत का साधन है, कर्ज की गारंटी है. इसे आसानी से छोड़ा नहीं जाता.
यही वजह है कि कम खरीदार होने के बावजूद कीमत नहीं गिर रही. वैश्विक संकट, बढ़ता हुआ आयात शुल्क, निवेश की बदलती प्राथमिकताएं और भारतीय बाजार की संरचना मिलकर सोने को ऊपर थामे हुए हैं.
Fuel Prices Hike: महंगा होगा पेट्रोल-डीजल! RBI गवर्नर का बड़ा बयान- 'कच्चा तेल महंगा रहा तो...'
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