DoT SIM Card limit: अब अपने नाम पर नहीं रख पाएंगे 9 से ज्यादा सिम, तय हो गई लिमिट
DoT SIM Card limit : अगर आपके नाम पर एक से ज्यादा मोबाइल नंबर चल रहे हैं तो यह जानकारी आपके लिए जरूरी है. दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल कनेक्शन की तय सीमा को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं. अब टेलीकॉम कंपनियों को ऐसे ग्राहकों की पहचान करनी होगी, जिनके नाम पर तय सीमा से ज्यादा मोबाइल कनेक्शन हैं. इसके लिए विभाग के Digital Intelligence Platform (DIP) पर उपलब्ध ग्राहक की फोटो का इस्तेमाल किया जाएगा. नए निर्देशों के तहत ज्यादा कनेक्शन रखने वाले ग्राहकों के नंबरों को तय सीमा के अंदर लाने की कार्रवाई की जाएगी. तो आइए हम आपको बताते हैं कि DoT का इस एक्शन में लिमिट से ज्यादा सिम की जांच कैसे होगी. कितने मोबाइल नंबर रखने की है लिमिट? DoT के 7 दिसंबर 2021 के निर्देशों के मुताबिक, एक व्यक्ति अपने नाम पर देशभर में अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों और अलग-अलग सर्विस एरिया में अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रख सकता है. हालांकि जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ-ईस्ट लाइसेंस्ड सर्विस एरिया में यह सीमा 6 मोबाइल कनेक्शन है. अगर किसी ग्राहक के नाम पर तय सीमा से ज्यादा नंबर हैं, तो उसे अतिरिक्त नंबर बंद कराने होंगे. ऐसा नहीं करने पर बाद में लिए गए मोबाइल कनेक्शन को बंद किया जा सकता है, जिससे ग्राहक के नाम पर कुल नंबर तय सीमा के अंदर आ जाएं. DIP से होगी मोबाइल नंबरों की पहचान DoT ने टेलीकॉम कंपनियों के सामने आने वाली उस परेशानी को दूर करने के लिए नई व्यवस्था तय की है, जिसमें यह पता लगाना मुश्किल होता था कि किसी व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग कंपनियों और सर्विस एरिया में कितने मोबाइल नंबर चल रहे हैं. इसके लिए Digital Intelligence Platform (DIP) का इस्तेमाल किया जाएगा. टेलीकॉम कंपनियों की ओर से अपलोड किए गए ग्राहक डेटा के आधार पर DIP ऐसे मोबाइल कनेक्शनों की पहचान करेगा, जो अलग-अलग कंपनियों और सर्विस एरिया में एक ही व्यक्ति के नाम पर चल रहे हैं. इन कनेक्शनों को संबंधित ग्राहक के नाम से ग्रुप किया जाएगा और इसकी जानकारी टेलीकॉम कंपनियों को DIP के जरिए उपलब्ध होगी. लिमिट से ज्यादा सिम की जांच कैसे होगी? DoT के 17 अगस्त 2026 के नए सर्कुलर के मुताबिक, 23 अगस्त 2026 से ऐसे ग्राहकों की फोटो का प्रतिनिधि इमेज DIP पर उपलब्ध कराया जाएगा, जो अपने नाम पर मोबाइल कनेक्शन की तय सीमा तक पहुंच चुके हैं. टेलीकॉम कंपनियों को इन तस्वीरों को रोजाना डाउनलोड करना होगा. इसका मकसद यह पहचानना है कि तय सीमा पूरी कर चुका व्यक्ति दोबारा नया मोबाइल कनेक्शन लेने की कोशिश तो नहीं कर रहा. यह भी पढ़ें - Google Maps in China: चीन में क्यों नहीं चलता गूगल मैप, क्या है इसके पीछे की वजह? 24 अगस्त से कंपनियों को करना होगा एक्शन 24 अगस्त 2026 से टेलीकॉम कंपनियों को तकनीकी और संगठनात्मक उपायों के जरिए ऐसे ग्राहकों की पहचान करनी होगी, जो तय सीमा से ज्यादा मोबाइल कनेक्शन लेने की कोशिश कर रहे हैं. पहचान होने पर ग्राहक को बताया जाएगा कि उसके नाम पर पहले से अधिकतम अनुमत मोबाइल कनेक्शन मौजूद हैं और इसलिए नया कनेक्शन नहीं दिया जा सकता है. शुरुआत में यह प्रक्रिया अगले दिन यानी D+1 आधार पर की जा सकती है. हालांकि, DoT ने इसे मोबाइल कनेक्शन लेने और एक्टिवेट करने की प्रक्रिया में रियल टाइम तरीके से लागू करने के लिए 30 नवंबर 2026 की समयसीमा तय की है. तय सीमा से ज्यादा नंबर पर क्या होगा? जब तक टेलीकॉम कंपनी यह व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं करती, तब तक तय सीमा से ज्यादा एक्टिवेट होने वाला कोई भी मोबाइल कनेक्शन तुरंत सस्पेंड किया जा सकता है. इसके बाद तय सीमा से ज्यादा कनेक्शन रखने से जुड़ी समस्या का समाधान करना होगा. DoT के निर्देशों का उद्देश्य यह तय करना है कि हर व्यक्ति अपने नाम पर तय सीमा के अंदर ही मोबाइल कनेक्शन ले और उनका इस्तेमाल करें. यह भी पढ़ें - Jio Prepaid Plan: जियो का 98 दिनों वाले प्लान को करें एक्टिव, इन चीजों का मिलेगा फायदा
DoT SIM Card limit : अगर आपके नाम पर एक से ज्यादा मोबाइल नंबर चल रहे हैं तो यह जानकारी आपके लिए जरूरी है. दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल कनेक्शन की तय सीमा को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं. अब टेलीकॉम कंपनियों को ऐसे ग्राहकों की पहचान करनी होगी, जिनके नाम पर तय सीमा से ज्यादा मोबाइल कनेक्शन हैं.
इसके लिए विभाग के Digital Intelligence Platform (DIP) पर उपलब्ध ग्राहक की फोटो का इस्तेमाल किया जाएगा. नए निर्देशों के तहत ज्यादा कनेक्शन रखने वाले ग्राहकों के नंबरों को तय सीमा के अंदर लाने की कार्रवाई की जाएगी. तो आइए हम आपको बताते हैं कि DoT का इस एक्शन में लिमिट से ज्यादा सिम की जांच कैसे होगी.
कितने मोबाइल नंबर रखने की है लिमिट?
DoT के 7 दिसंबर 2021 के निर्देशों के मुताबिक, एक व्यक्ति अपने नाम पर देशभर में अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों और अलग-अलग सर्विस एरिया में अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रख सकता है. हालांकि जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ-ईस्ट लाइसेंस्ड सर्विस एरिया में यह सीमा 6 मोबाइल कनेक्शन है. अगर किसी ग्राहक के नाम पर तय सीमा से ज्यादा नंबर हैं, तो उसे अतिरिक्त नंबर बंद कराने होंगे. ऐसा नहीं करने पर बाद में लिए गए मोबाइल कनेक्शन को बंद किया जा सकता है, जिससे ग्राहक के नाम पर कुल नंबर तय सीमा के अंदर आ जाएं.
DIP से होगी मोबाइल नंबरों की पहचान
DoT ने टेलीकॉम कंपनियों के सामने आने वाली उस परेशानी को दूर करने के लिए नई व्यवस्था तय की है, जिसमें यह पता लगाना मुश्किल होता था कि किसी व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग कंपनियों और सर्विस एरिया में कितने मोबाइल नंबर चल रहे हैं. इसके लिए Digital Intelligence Platform (DIP) का इस्तेमाल किया जाएगा. टेलीकॉम कंपनियों की ओर से अपलोड किए गए ग्राहक डेटा के आधार पर DIP ऐसे मोबाइल कनेक्शनों की पहचान करेगा, जो अलग-अलग कंपनियों और सर्विस एरिया में एक ही व्यक्ति के नाम पर चल रहे हैं. इन कनेक्शनों को संबंधित ग्राहक के नाम से ग्रुप किया जाएगा और इसकी जानकारी टेलीकॉम कंपनियों को DIP के जरिए उपलब्ध होगी.
लिमिट से ज्यादा सिम की जांच कैसे होगी?
DoT के 17 अगस्त 2026 के नए सर्कुलर के मुताबिक, 23 अगस्त 2026 से ऐसे ग्राहकों की फोटो का प्रतिनिधि इमेज DIP पर उपलब्ध कराया जाएगा, जो अपने नाम पर मोबाइल कनेक्शन की तय सीमा तक पहुंच चुके हैं. टेलीकॉम कंपनियों को इन तस्वीरों को रोजाना डाउनलोड करना होगा. इसका मकसद यह पहचानना है कि तय सीमा पूरी कर चुका व्यक्ति दोबारा नया मोबाइल कनेक्शन लेने की कोशिश तो नहीं कर रहा.
यह भी पढ़ें - Google Maps in China: चीन में क्यों नहीं चलता गूगल मैप, क्या है इसके पीछे की वजह?
24 अगस्त से कंपनियों को करना होगा एक्शन
24 अगस्त 2026 से टेलीकॉम कंपनियों को तकनीकी और संगठनात्मक उपायों के जरिए ऐसे ग्राहकों की पहचान करनी होगी, जो तय सीमा से ज्यादा मोबाइल कनेक्शन लेने की कोशिश कर रहे हैं. पहचान होने पर ग्राहक को बताया जाएगा कि उसके नाम पर पहले से अधिकतम अनुमत मोबाइल कनेक्शन मौजूद हैं और इसलिए नया कनेक्शन नहीं दिया जा सकता है. शुरुआत में यह प्रक्रिया अगले दिन यानी D+1 आधार पर की जा सकती है. हालांकि, DoT ने इसे मोबाइल कनेक्शन लेने और एक्टिवेट करने की प्रक्रिया में रियल टाइम तरीके से लागू करने के लिए 30 नवंबर 2026 की समयसीमा तय की है.
तय सीमा से ज्यादा नंबर पर क्या होगा?
जब तक टेलीकॉम कंपनी यह व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं करती, तब तक तय सीमा से ज्यादा एक्टिवेट होने वाला कोई भी मोबाइल कनेक्शन तुरंत सस्पेंड किया जा सकता है. इसके बाद तय सीमा से ज्यादा कनेक्शन रखने से जुड़ी समस्या का समाधान करना होगा. DoT के निर्देशों का उद्देश्य यह तय करना है कि हर व्यक्ति अपने नाम पर तय सीमा के अंदर ही मोबाइल कनेक्शन ले और उनका इस्तेमाल करें.
यह भी पढ़ें - Jio Prepaid Plan: जियो का 98 दिनों वाले प्लान को करें एक्टिव, इन चीजों का मिलेगा फायदा
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