Uber Eats Drone Delivery:पिज्जा हो या बर्गर, अब आसमान से होगी डिलीवरी! Uber Eats का नया प्लान

Uber Eats Drone Delivery: फूड डिलीवरी की दुनिया में एक बड़ा बदलाव आने वाला है. उबर ने ड्रोन डिलीवरी कंपनी जिपलाइन के साथ एक बड़ी पार्टनरशिप का ऐलान किया है, जिसके तहत उबर ईट्स पर ऑर्डर की गई पिज्जा, बर्गर और दूसरी चीजें अब सड़क की बजाय आसमान के रास्ते सीधे कस्टमर तक पहुंचेंगी. यह डील अमेरिका में फूड डिलीवरी सेक्टर की सबसे बड़ी ड्रोन पार्टनरशिप मानी जा रही है. आइए जानते हैं यह पूरा प्लान क्या है, और इससे डिलीवरी का अनुभव कैसे बदलने वाला है. कहां से होगी शुरुआत? उबर और जिपलाइन की यह पार्टनरशिप सबसे पहले अमेरिका के डलास और ह्यूस्टन शहरों में शुरू होगी, जहां जिपलाइन पहले से ही शुरू है. इस साल के आखिर तक इन दोनों शहरों में ड्रोन डिलीवरी की सुविधा शुरू हो जाएगी, इसके बाद कंपनियों की योजना अमेरिका के दर्जनों और शहरों में इस सर्विस को फैलाने की है. यह भी पढ़ें: Induction पर सिर्फ बर्तन गर्म होता है, चूल्हा क्यों नहीं? जानें टेक्नोलॉजी कितनी तेज होगी डिलीवरी उबर के मुताबिक फिलहाल ग्राहकों को ऑर्डर मिलने में औसतन करीब 30 मिनट का समय लगता है, लेकिन जिपलाइन के ड्रोन इस समय को घटाकर सिर्फ 5 से 10 मिनट तक ला सकते हैं. यानी ऑर्डर करने के कुछ ही मिनटों में खाना सीधे घर की छत या बालकनी तक पहुंच सकता है. 2029 तक का बड़ी उम्मीद  दोनों कंपनियों ने मिलकर साल 2029 के अंत तक रोजाना 10 लाख ड्रोन डिलीवरी करने का लक्ष्य रखा है. अगर यह लक्ष्य हासिल होता है, तो सालाना करीब 36.5 करोड़ से ज्यादा डिलीवरी सिर्फ ड्रोन के जरिए ही पूरी हो जाएंगी, जिससे ड्रोन डिलीवरी कोई खास तकनीक न रहकर रोजमर्रा का हिस्सा बन जाएगी. जिपलाइन का पहले से है बड़ा नेटवर्क जिपलाइन कोई नई कंपनी नहीं है, यह दुनिया के चार महाद्वीपों में काम करती है और अब तक करीब 27 लाख डिलीवरी कर चुकी है, जिसमें दो करोड़ से ज्यादा आइटम शामिल हैं. कंपनी हर 20 सेकंड में एक डिलीवरी पूरी करती है, और इसका नेटवर्क 5,000 से ज्यादा अस्पतालों को भी सेवा देता है, जिससे इसकी तकनीक और भरोसेमंदी दोनों पहले से साबित हैं. इस पार्टनरशिप के तहत उबर ने जिपलाइन में एक रणनीतिक भी किया है, हालांकि इसकी सटीक रकम अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. उबर के सीईओ दारा खोसरोवशाही के मुताबिक क्विक कॉमर्स अब मूल फूड डिलीवरी मार्केट से भी बड़ा बाज़ार साबित हो रहा है और यह पार्टनरशिप उबर ईट्स के अगले ग्रोथ फेज के लिए एक बड़ा बूस्ट बन सकती है. बाकी कंपनियां भी दौड़ में शामिल ड्रोन डिलीवरी की यह रेस सिर्फ उबर तक सीमित नहीं है. दुरदैश भी अपना खुद का ड्रोन प्रोग्राम तैयार कर रहा है, और हाल ही में उसे इसके लिए फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन से जरूरी सर्टिफिकेशन भी मिल चुका है. इसके अलावा अमेजॉन और वॉलमार्ट भी कुछ चुनिंदा मार्केट्स में पहले से ड्रोन डिलीवरी सर्विस दे रहे हैं. यह भी पढ़ें: TV Remote खराब है या बैटरी? मोबाइल कैमरे से ऐसे करें पता

Aug 21, 2026 - 01:30
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Uber Eats Drone Delivery:पिज्जा हो या बर्गर, अब आसमान से होगी डिलीवरी! Uber Eats का नया प्लान

Uber Eats Drone Delivery: फूड डिलीवरी की दुनिया में एक बड़ा बदलाव आने वाला है. उबर ने ड्रोन डिलीवरी कंपनी जिपलाइन के साथ एक बड़ी पार्टनरशिप का ऐलान किया है, जिसके तहत उबर ईट्स पर ऑर्डर की गई पिज्जा, बर्गर और दूसरी चीजें अब सड़क की बजाय आसमान के रास्ते सीधे कस्टमर तक पहुंचेंगी. यह डील अमेरिका में फूड डिलीवरी सेक्टर की सबसे बड़ी ड्रोन पार्टनरशिप मानी जा रही है. आइए जानते हैं यह पूरा प्लान क्या है, और इससे डिलीवरी का अनुभव कैसे बदलने वाला है.

कहां से होगी शुरुआत?

उबर और जिपलाइन की यह पार्टनरशिप सबसे पहले अमेरिका के डलास और ह्यूस्टन शहरों में शुरू होगी, जहां जिपलाइन पहले से ही शुरू है. इस साल के आखिर तक इन दोनों शहरों में ड्रोन डिलीवरी की सुविधा शुरू हो जाएगी, इसके बाद कंपनियों की योजना अमेरिका के दर्जनों और शहरों में इस सर्विस को फैलाने की है.

यह भी पढ़ें: Induction पर सिर्फ बर्तन गर्म होता है, चूल्हा क्यों नहीं? जानें टेक्नोलॉजी

कितनी तेज होगी डिलीवरी

उबर के मुताबिक फिलहाल ग्राहकों को ऑर्डर मिलने में औसतन करीब 30 मिनट का समय लगता है, लेकिन जिपलाइन के ड्रोन इस समय को घटाकर सिर्फ 5 से 10 मिनट तक ला सकते हैं. यानी ऑर्डर करने के कुछ ही मिनटों में खाना सीधे घर की छत या बालकनी तक पहुंच सकता है.

2029 तक का बड़ी उम्मीद 

दोनों कंपनियों ने मिलकर साल 2029 के अंत तक रोजाना 10 लाख ड्रोन डिलीवरी करने का लक्ष्य रखा है. अगर यह लक्ष्य हासिल होता है, तो सालाना करीब 36.5 करोड़ से ज्यादा डिलीवरी सिर्फ ड्रोन के जरिए ही पूरी हो जाएंगी, जिससे ड्रोन डिलीवरी कोई खास तकनीक न रहकर रोजमर्रा का हिस्सा बन जाएगी.

जिपलाइन का पहले से है बड़ा नेटवर्क

जिपलाइन कोई नई कंपनी नहीं है, यह दुनिया के चार महाद्वीपों में काम करती है और अब तक करीब 27 लाख डिलीवरी कर चुकी है, जिसमें दो करोड़ से ज्यादा आइटम शामिल हैं. कंपनी हर 20 सेकंड में एक डिलीवरी पूरी करती है, और इसका नेटवर्क 5,000 से ज्यादा अस्पतालों को भी सेवा देता है, जिससे इसकी तकनीक और भरोसेमंदी दोनों पहले से साबित हैं. इस पार्टनरशिप के तहत उबर ने जिपलाइन में एक रणनीतिक भी किया है, हालांकि इसकी सटीक रकम अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. उबर के सीईओ दारा खोसरोवशाही के मुताबिक क्विक कॉमर्स अब मूल फूड डिलीवरी मार्केट से भी बड़ा बाज़ार साबित हो रहा है और यह पार्टनरशिप उबर ईट्स के अगले ग्रोथ फेज के लिए एक बड़ा बूस्ट बन सकती है.

बाकी कंपनियां भी दौड़ में शामिल

ड्रोन डिलीवरी की यह रेस सिर्फ उबर तक सीमित नहीं है. दुरदैश भी अपना खुद का ड्रोन प्रोग्राम तैयार कर रहा है, और हाल ही में उसे इसके लिए फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन से जरूरी सर्टिफिकेशन भी मिल चुका है. इसके अलावा अमेजॉन और वॉलमार्ट भी कुछ चुनिंदा मार्केट्स में पहले से ड्रोन डिलीवरी सर्विस दे रहे हैं.

यह भी पढ़ें: TV Remote खराब है या बैटरी? मोबाइल कैमरे से ऐसे करें पता

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