Defence Land Solar Project: UP के सीतापुर में शुरू होगा मेगा ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी मंजूरी, जानें पूरी बात

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर में रक्षा मंत्रालय की जमीन पर बनने वाले पहले बड़े सोलर पावर प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. यह रक्षा विभाग की जमीन पर अपनी तरह का पहला नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट होगा, जिसमें सोलर पावर के साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की सुविधा भी होगी. माना जा रहा है कि यह परियोजना भविष्य में बनने वाले सोलर और एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के लिए एक नया उदाहरण बनेगी. इस परियोजना के तहत सीतापुर के एक्स-कैंटोनमेंट क्षेत्र में रक्षा मंत्रालय की लगभग 850 एकड़ खाली जमीन पर 250 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा. इसके साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा, जिससे बिजली को जरूरत के समय इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षित रखा जा सकेगा. सरकार का कहना है कि यह परियोजना पूरे उत्तर प्रदेश में रक्षा प्रतिष्ठानों की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी. साथ ही लंबे समय तक बिजली खरीद पर होने वाले खर्च में भी बड़ी बचत होगी, जिससे सरकारी खजाने पर आर्थिक बोझ कम होगा. ये भी पढ़ें: ममता के कालीघाट ऑफिस पहुंची सीआईडी टीम, पूर्व टीएमसी विधायक सब्यसाची दत्ता को आठ दिन की पुलिस कस्टडी खाली पड़ी डिफेंस प्लॉट का बेहतर इस्तेमाल यह परियोजना रक्षा मंत्रालय की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत खाली पड़ी डिफेंस प्लॉट का बेहतर इस्तेमाल किया जा रहा है. इस योजना को एनटीपीसी (NTPC) के माध्यम से विकसित किया जाएगा. परियोजना को लागू करने के लिए प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया अपनाई जा रही है, ताकि रक्षा प्रतिष्ठानों को सबसे बेहतर दर पर बिजली मिल सके और अधिकतम बचत हो. रक्षा मंत्रालय, सेना मुख्यालय (IHQ), डायरेक्टरेट जनरल डिफेंस एस्टेट्स (DGDE) और एनटीपीसी मिलकर इस परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए काम करेंगे. यह परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, नई तकनीक और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास है. सोलर और बैटरी स्टोरेज आधारित प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी सरकार का मानना है कि इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए लंबे समय तक स्थिर और सुरक्षित बिजली उपलब्ध हो सकेगी. परियोजना पूरी होने के बाद सीतापुर का यह सोलर पावर प्रोजेक्ट रक्षा मंत्रालय की जमीन पर बनने वाली देश की सबसे बड़ी नई ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल होगा. साथ ही यह आने वाले  समय में रक्षा क्षेत्र में बनने वाले सोलर और बैटरी स्टोरेज आधारित प्रोजेक्ट्स के लिए एक महत्वपूर्ण मानक भी स्थापित करेगा. ये भी पढ़ें: TMC West Bengal: 'युसूफ पठान के पास अमित शाह ने किया फोन, दिल्ली बुलाया', TMC के MP का बड़ा दावा

Jun 9, 2026 - 23:30
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Defence Land Solar Project: UP के सीतापुर में शुरू होगा मेगा ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी मंजूरी, जानें पूरी बात

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर में रक्षा मंत्रालय की जमीन पर बनने वाले पहले बड़े सोलर पावर प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. यह रक्षा विभाग की जमीन पर अपनी तरह का पहला नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट होगा, जिसमें सोलर पावर के साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की सुविधा भी होगी. माना जा रहा है कि यह परियोजना भविष्य में बनने वाले सोलर और एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के लिए एक नया उदाहरण बनेगी.

इस परियोजना के तहत सीतापुर के एक्स-कैंटोनमेंट क्षेत्र में रक्षा मंत्रालय की लगभग 850 एकड़ खाली जमीन पर 250 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा. इसके साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा, जिससे बिजली को जरूरत के समय इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षित रखा जा सकेगा. सरकार का कहना है कि यह परियोजना पूरे उत्तर प्रदेश में रक्षा प्रतिष्ठानों की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी. साथ ही लंबे समय तक बिजली खरीद पर होने वाले खर्च में भी बड़ी बचत होगी, जिससे सरकारी खजाने पर आर्थिक बोझ कम होगा.

ये भी पढ़ें: ममता के कालीघाट ऑफिस पहुंची सीआईडी टीम, पूर्व टीएमसी विधायक सब्यसाची दत्ता को आठ दिन की पुलिस कस्टडी

खाली पड़ी डिफेंस प्लॉट का बेहतर इस्तेमाल

यह परियोजना रक्षा मंत्रालय की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत खाली पड़ी डिफेंस प्लॉट का बेहतर इस्तेमाल किया जा रहा है. इस योजना को एनटीपीसी (NTPC) के माध्यम से विकसित किया जाएगा. परियोजना को लागू करने के लिए प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया अपनाई जा रही है, ताकि रक्षा प्रतिष्ठानों को सबसे बेहतर दर पर बिजली मिल सके और अधिकतम बचत हो. रक्षा मंत्रालय, सेना मुख्यालय (IHQ), डायरेक्टरेट जनरल डिफेंस एस्टेट्स (DGDE) और एनटीपीसी मिलकर इस परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए काम करेंगे. यह परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, नई तकनीक और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास है.

सोलर और बैटरी स्टोरेज आधारित प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी

सरकार का मानना है कि इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए लंबे समय तक स्थिर और सुरक्षित बिजली उपलब्ध हो सकेगी. परियोजना पूरी होने के बाद सीतापुर का यह सोलर पावर प्रोजेक्ट रक्षा मंत्रालय की जमीन पर बनने वाली देश की सबसे बड़ी नई ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल होगा. साथ ही यह आने वाले  समय में रक्षा क्षेत्र में बनने वाले सोलर और बैटरी स्टोरेज आधारित प्रोजेक्ट्स के लिए एक महत्वपूर्ण मानक भी स्थापित करेगा.

ये भी पढ़ें: TMC West Bengal: 'युसूफ पठान के पास अमित शाह ने किया फोन, दिल्ली बुलाया', TMC के MP का बड़ा दावा

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