8वें वेतन आयोग के बाद कितनी बढ़ेगी बैंक क्लर्क की सैलरी, देखें हिसाब-किताब
बैंकिंग सेक्टर में नौकरी को लेकर युवाओं के बीच हमेशा चर्चा रहती है. इसकी बड़ी वजह अच्छी सैलरी, नौकरी की सुरक्षा और समय के साथ मिलने वाली करियर ग्रोथ है. बैंक क्लर्क की नौकरी भी इसी वजह से काफी पसंद की जाती है. क्लर्क को बेसिक पे के साथ महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और दूसरी सुविधाएं मिलती हैं. अब 8वें वेतन आयोग को लेकर संभावित बदलावों की चर्चा के बीच बैंक क्लर्क की सैलरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर वेतन में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है. अनुमान के मुताबिक, फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बैंक क्लर्क की बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि 8वें वेतन आयोग के बाद बैंक क्लर्क की सैलरी कितनी बढ़ेगी. बैंक क्लर्क की सैलरी कितनी होती है? आईबीपीएस क्लर्क के लिए शुरुआती बेसिक पे 19,900 है. इसके अलावा महंगाई भत्ता, एचआरए, स्पेशल अलाउंस और ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे भत्ते भी सैलरी में शामिल होते हैं. आंकड़ों के अनुसार, शुरुआती स्तर पर इन-हैंड सैलरी लगभग 28,000 से 30,000 तक हो सकती है, जबकि पोस्टिंग और मिलने वाले भत्तों के आधार पर इसमें बदलाव होता है. वहीं एसबीआई क्लर्क की बेसिक सैलरी 17,900 प्रति माह है. इसमें DA, HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और दूसरी सुविधाएं जुड़ने के बाद ग्रॉस सैलरी लगभग 46,000 तक पहुंच सकती है. कटौती के बाद इन-हैंड सैलरी करीब 42,327 है. यह भी पढ़ें - 48 शिक्षकों को मिलेगा National Teacher Award, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित 8वें वेतन आयोग के बाद बैंक क्लर्क की सैलरी कितनी बढ़ेगी? 8वें वेतन आयोग को लेकर 2.57 के फिटमेंट फैक्टर की चर्चा है. अगर इस तरह का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव हो सकता है. अनुमान के मुताबिक, आईबीपीएस क्लर्क की मौजूदा 19,900 बेसिक सैलरी बढ़कर करीब 51,400 तक पहुंच सकती है. वहीं 1.83 के फिटमेंट फैक्टर के अनुमान के आधार पर यह बेसिक पे लगभग 36,600 हो सकती है. 75 हजार तक पहुंच सकती है सैलरी फिटमेंट फैक्टर के साथ संशोधित DA और HRA को जोड़ने पर बैंक क्लर्क की कुल सैलरी में भी बड़ा बदलाव संभव माना जा रहा है. अनुमान के अनुसार, मेट्रो शहरों में नए क्लर्क की मासिक सैलरी करीब 75,000 तक पहुंच सकती है. हालांकि यह आंकड़ा अनुमानित है और सही वेतन फिटमेंट फैक्टर, संशोधित भत्तों, पोस्टिंग लोकेशन और लागू वेतन व्यवस्था पर निर्भर करेगा. यह भी पढ़ें - अब BSc वाले बनेंगे MTech इंजीनियर, AICTE ने दी नई मंजूरी
बैंकिंग सेक्टर में नौकरी को लेकर युवाओं के बीच हमेशा चर्चा रहती है. इसकी बड़ी वजह अच्छी सैलरी, नौकरी की सुरक्षा और समय के साथ मिलने वाली करियर ग्रोथ है. बैंक क्लर्क की नौकरी भी इसी वजह से काफी पसंद की जाती है. क्लर्क को बेसिक पे के साथ महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और दूसरी सुविधाएं मिलती हैं.
अब 8वें वेतन आयोग को लेकर संभावित बदलावों की चर्चा के बीच बैंक क्लर्क की सैलरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर वेतन में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है. अनुमान के मुताबिक, फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बैंक क्लर्क की बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि 8वें वेतन आयोग के बाद बैंक क्लर्क की सैलरी कितनी बढ़ेगी.
बैंक क्लर्क की सैलरी कितनी होती है?
आईबीपीएस क्लर्क के लिए शुरुआती बेसिक पे 19,900 है. इसके अलावा महंगाई भत्ता, एचआरए, स्पेशल अलाउंस और ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे भत्ते भी सैलरी में शामिल होते हैं. आंकड़ों के अनुसार, शुरुआती स्तर पर इन-हैंड सैलरी लगभग 28,000 से 30,000 तक हो सकती है, जबकि पोस्टिंग और मिलने वाले भत्तों के आधार पर इसमें बदलाव होता है. वहीं एसबीआई क्लर्क की बेसिक सैलरी 17,900 प्रति माह है. इसमें DA, HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और दूसरी सुविधाएं जुड़ने के बाद ग्रॉस सैलरी लगभग 46,000 तक पहुंच सकती है. कटौती के बाद इन-हैंड सैलरी करीब 42,327 है.
यह भी पढ़ें - 48 शिक्षकों को मिलेगा National Teacher Award, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित
8वें वेतन आयोग के बाद बैंक क्लर्क की सैलरी कितनी बढ़ेगी?
8वें वेतन आयोग को लेकर 2.57 के फिटमेंट फैक्टर की चर्चा है. अगर इस तरह का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव हो सकता है. अनुमान के मुताबिक, आईबीपीएस क्लर्क की मौजूदा 19,900 बेसिक सैलरी बढ़कर करीब 51,400 तक पहुंच सकती है. वहीं 1.83 के फिटमेंट फैक्टर के अनुमान के आधार पर यह बेसिक पे लगभग 36,600 हो सकती है.
75 हजार तक पहुंच सकती है सैलरी
फिटमेंट फैक्टर के साथ संशोधित DA और HRA को जोड़ने पर बैंक क्लर्क की कुल सैलरी में भी बड़ा बदलाव संभव माना जा रहा है. अनुमान के अनुसार, मेट्रो शहरों में नए क्लर्क की मासिक सैलरी करीब 75,000 तक पहुंच सकती है. हालांकि यह आंकड़ा अनुमानित है और सही वेतन फिटमेंट फैक्टर, संशोधित भत्तों, पोस्टिंग लोकेशन और लागू वेतन व्यवस्था पर निर्भर करेगा.
यह भी पढ़ें - अब BSc वाले बनेंगे MTech इंजीनियर, AICTE ने दी नई मंजूरी
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