12 बाइकर्स और एक SUV मालिक पर लद्दाख प्रशासन सख्त, संरक्षित इलाकों में गैरकानूनी तरीके से गाड़ी चलाने पर लगाया भारी जुर्माना
लद्दाख में अधिकारियों ने 12 बाइकर्स और एक SUV के मालिक पर संरक्षित वन्यजीव इलाकों में गैर-कानूनी तरीके से गाड़ी चलाने के लिए जुर्माना लगाया है. वहीं, लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पर्यटकों से अपील की है कि वे केंद्र शासित प्रदेश का आनंद जिम्मेदारी से लें और इसके बेदाग पर्यावरण और वन्यजीवों को बचाने में मदद करें. बाइकर्स ने 10-10 हजार, तो SUV मालिक ने भरा 50 हजार जुर्माना संरक्षित इलाकों में गैर-कानूनी ऑफ-रोडिंग की बढ़ती समस्या के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए लद्दाख प्रशासन ने बाइक सवार समूहों पर जुर्माना लगाया है. सरकारी प्रवक्ता ने मंगलवार (14 जुलाई, 2026) को बताया कि मोरीरी झील के पास पर्यावरण के नजरिए से संवेदनशील संरक्षित इलाकों में गैर-कानूनी तरीके से जाने के लिए 12 बाइकर्स पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. उन्होंने कहा कि पैंगोंग झील के पास SUV चलाने वाले एक और पर्यटक पर भी वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के नियमों का उल्लंघन करने के लिए 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. बाइकर्स का फेवरेट मोटोरिस्ट डेस्टिनेशन बना लद्दाख पिछले कुछ सालों में, लद्दाख मोटरसाइकिल के शौकीनों के लिए देश की सबसे पसंदीदा जगहों में से एक बनकर उभरा है. हालांकि, पर्यटन में बढ़ोतरी के साथ-साथ अधिकारियों ने देखा है कि पर्यटक संरक्षित वन्यजीव इलाकों में जा रहे हैं और नाज़ुक वेटलैंड्स, झील के किनारों और संवेदनशील आवासों में गाड़ियां चला रहे हैं. इससे लद्दाख के अनोखे इकोसिस्टम को कभी न ठीक होने वाला नुकसान पहुंच रहा है और वन्यजीव परेशान हो रहे हैं. मामले पर क्या बोले लद्दाख के उपराज्यपाल? केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा, ‘लद्दाख के पहाड़, झीलें, नदियां और वन्यजीव इसकी सबसे बड़ी धरोहर हैं और ये सिर्फ यहां के लोगों की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की हैं. हम लद्दाख की बेमिसाल खूबसूरती, संस्कृति और मेहमाननवाजी का अनुभव करने आने वाले हर पर्यटक का दिल से स्वागत करते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘मैं सभी पर्यटकों से अपील करता हूं कि वे हमारे शानदार नजारों और अनोखे वन्यजीवों का आनंद जिम्मेदारी से लें और ऐसी किसी भी गतिविधि से बचें, जिससे हमारे नाजुक पर्यावरण को नुकसान पहुंचे या संरक्षित आवासों में खलल पड़े.’ उन्होंने आगे कहा, ‘प्रशासन पर्यटन को बढ़ावा देना जारी रखेगा, लेकिन साथ ही हम उन लोगों के खिलाफ सख्ती से कानून लागू करेंगे, जो लद्दाख की अनमोल प्राकृतिक धरोहर को खतरे में डालते हैं.’ उपराज्यपाल के निर्देशों के मुताबिक की गई कार्रवाई यह सख्ती उपराज्यपाल के उन निर्देशों के बाद की गई है, जिनमें गैर-कानूनी ऑफ-रोडिंग को रोकने और लद्दाख के पर्यावरण की दृष्टि से नाज़ुक इलाकों को बचाने के लिए कहा गया था. प्रवक्ता ने कहा, ‘लद्दाख पर्यावरण संरक्षण बल (EPF) की हालिया तैनाती के बाद इस पहल को तेजी मिली है. इस बल में 100 पूर्व सैनिक शामिल हैं, जिन्हें पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों की निगरानी करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों का मौके पर ही चालान काटने का अधिकार दिया गया है.’ अधिकारी ने आगे कहा, ‘दोनों उल्लंघन वन्यजीव विभाग के कर्मचारियों और वन्यजीव मुखबिरों की सतर्क गश्त के दौरान पकड़े गए, जो संरक्षित इलाकों में प्रशासन की मजबूत निगरानी व्यवस्था को दर्शाता है.’ यह भी पढ़ेंः दिल्ली के लोगों को अभी नहीं मिलेगी गर्मी और उमस से राहत, IMD ने कहा- 18-19 जुलाई से पहले बारिश के आसार नहीं...
लद्दाख में अधिकारियों ने 12 बाइकर्स और एक SUV के मालिक पर संरक्षित वन्यजीव इलाकों में गैर-कानूनी तरीके से गाड़ी चलाने के लिए जुर्माना लगाया है. वहीं, लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने पर्यटकों से अपील की है कि वे केंद्र शासित प्रदेश का आनंद जिम्मेदारी से लें और इसके बेदाग पर्यावरण और वन्यजीवों को बचाने में मदद करें.
बाइकर्स ने 10-10 हजार, तो SUV मालिक ने भरा 50 हजार जुर्माना
संरक्षित इलाकों में गैर-कानूनी ऑफ-रोडिंग की बढ़ती समस्या के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए लद्दाख प्रशासन ने बाइक सवार समूहों पर जुर्माना लगाया है. सरकारी प्रवक्ता ने मंगलवार (14 जुलाई, 2026) को बताया कि मोरीरी झील के पास पर्यावरण के नजरिए से संवेदनशील संरक्षित इलाकों में गैर-कानूनी तरीके से जाने के लिए 12 बाइकर्स पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
उन्होंने कहा कि पैंगोंग झील के पास SUV चलाने वाले एक और पर्यटक पर भी वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के नियमों का उल्लंघन करने के लिए 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
बाइकर्स का फेवरेट मोटोरिस्ट डेस्टिनेशन बना लद्दाख
पिछले कुछ सालों में, लद्दाख मोटरसाइकिल के शौकीनों के लिए देश की सबसे पसंदीदा जगहों में से एक बनकर उभरा है. हालांकि, पर्यटन में बढ़ोतरी के साथ-साथ अधिकारियों ने देखा है कि पर्यटक संरक्षित वन्यजीव इलाकों में जा रहे हैं और नाज़ुक वेटलैंड्स, झील के किनारों और संवेदनशील आवासों में गाड़ियां चला रहे हैं. इससे लद्दाख के अनोखे इकोसिस्टम को कभी न ठीक होने वाला नुकसान पहुंच रहा है और वन्यजीव परेशान हो रहे हैं.
मामले पर क्या बोले लद्दाख के उपराज्यपाल?
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा, ‘लद्दाख के पहाड़, झीलें, नदियां और वन्यजीव इसकी सबसे बड़ी धरोहर हैं और ये सिर्फ यहां के लोगों की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की हैं. हम लद्दाख की बेमिसाल खूबसूरती, संस्कृति और मेहमाननवाजी का अनुभव करने आने वाले हर पर्यटक का दिल से स्वागत करते हैं.’
उन्होंने कहा, ‘मैं सभी पर्यटकों से अपील करता हूं कि वे हमारे शानदार नजारों और अनोखे वन्यजीवों का आनंद जिम्मेदारी से लें और ऐसी किसी भी गतिविधि से बचें, जिससे हमारे नाजुक पर्यावरण को नुकसान पहुंचे या संरक्षित आवासों में खलल पड़े.’ उन्होंने आगे कहा, ‘प्रशासन पर्यटन को बढ़ावा देना जारी रखेगा, लेकिन साथ ही हम उन लोगों के खिलाफ सख्ती से कानून लागू करेंगे, जो लद्दाख की अनमोल प्राकृतिक धरोहर को खतरे में डालते हैं.’
उपराज्यपाल के निर्देशों के मुताबिक की गई कार्रवाई
यह सख्ती उपराज्यपाल के उन निर्देशों के बाद की गई है, जिनमें गैर-कानूनी ऑफ-रोडिंग को रोकने और लद्दाख के पर्यावरण की दृष्टि से नाज़ुक इलाकों को बचाने के लिए कहा गया था. प्रवक्ता ने कहा, ‘लद्दाख पर्यावरण संरक्षण बल (EPF) की हालिया तैनाती के बाद इस पहल को तेजी मिली है. इस बल में 100 पूर्व सैनिक शामिल हैं, जिन्हें पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों की निगरानी करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों का मौके पर ही चालान काटने का अधिकार दिया गया है.’
अधिकारी ने आगे कहा, ‘दोनों उल्लंघन वन्यजीव विभाग के कर्मचारियों और वन्यजीव मुखबिरों की सतर्क गश्त के दौरान पकड़े गए, जो संरक्षित इलाकों में प्रशासन की मजबूत निगरानी व्यवस्था को दर्शाता है.’
यह भी पढ़ेंः दिल्ली के लोगों को अभी नहीं मिलेगी गर्मी और उमस से राहत, IMD ने कहा- 18-19 जुलाई से पहले बारिश के आसार नहीं...
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