'12 सालों में पेपर लीक की 90वीं घटना', कांग्रेस ने BJP को घेरा, दिल्ली में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शामिल होंगे राहुल
NEET समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी अभियान को रफ्तार दे दी है. 25 जून से 9 अगस्त तक 28 राज्यों और 28 शहरों में चल रहे अभियान के तहत 9 अगस्त को दिल्ली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसकी तैयारियों को लेकर रविवार (5 जुलाई, 2026) को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (DPCC) मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक हुई. कार्यक्रम को लेकर दिल्ली में रणनीति तैयार दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव के निर्देश पर आयोजित बैठक में AICC दिल्ली प्रभारी काजी निजामुद्दीन, AICC सचिव और दिल्ली सह-प्रभारी दानिश अबरार और DPCC के महासचिव (संगठन) अनिल भारद्वाज ने महिला कांग्रेस, पूर्वांचल कांग्रेस और दिल्ली कांग्रेस यूनिवर्सिटी टीचर्स ऑर्गनाइजेशन (INTEC) के प्रतिनिधियों के साथ अभियान की तैयारियों की समीक्षा की. बैठक में DPCC के उपाध्यक्ष अब्दुल हनान, महासचिव डॉ. पीके मिश्रा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पा सिंह, INTEC चेयरमैन पंकज गर्ग और पूर्वांचल कांग्रेस के चेयरमैन डॉ. सुधांशु कुमार भी मौजूद रहे. 28 राज्यों और 28 शहरों तक पहुंचाने की तैयारी बैठक में काजी निजामुद्दीन ने कहा कि कांग्रेस पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित भ्रष्टाचार को राष्ट्रीय मुद्दा बनाकर छात्रों की आवाज बुलंद करेगी. उन्होंने बताया कि राहुल गांधी की घोषणा के अनुसार 25 जून से 9 अगस्त तक देश के 28 राज्यों और 28 शहरों में अभियान चलाया जा रहा है. दिल्ली में प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से पहले 2 जुलाई से 6 जुलाई तक विधानसभा स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक छात्रों और युवाओं को अभियान से जोड़ा जा सके. '12 वर्षों में NEET पेपर लीक की 90वीं घटना' का दावा काजी निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि केंद्र में बीजेपी सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है. उन्होंने दावा किया कि हाल में सामने आया NEET पेपर लीक पिछले 12 वर्षों में इस परीक्षा से जुड़ी 90वीं ऐसी घटना थी. उनके मुताबिक, इन घटनाओं ने देश के लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा परीक्षा व्यवस्था से कमजोर किया है. शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग बैठक को संबोधित करते हुए अनिल भारद्वाज ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान को छात्रों का व्यापक समर्थन मिल रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. उनका कहना था कि इसी वजह से छात्रों में नाराजगी बढ़ी है और वे इस अभियान से बड़ी उम्मीदें लगाए हुए हैं. कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर साधा निशाना दिल्ली सह-प्रभारी दानिश अबरार ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अब तक इस्तीफा नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्रों के बीच जाएगी. कांग्रेस का कहना है कि 'छात्रों की गूंज' अभियान केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता, युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में लाने का प्रयास है. पार्टी को उम्मीद है कि 9 अगस्त को दिल्ली में होने वाला कार्यक्रम इस राष्ट्रव्यापी अभियान का सबसे बड़ा पड़ाव साबित होगा. यह भी पढ़ेंः Karnataka News : SIR ड्यूटी ने ली 26 साल की अफसर की जान? रातभर काम, सुबह हादसा... गुस्से में उतरे कर्मचारी
NEET समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी अभियान को रफ्तार दे दी है. 25 जून से 9 अगस्त तक 28 राज्यों और 28 शहरों में चल रहे अभियान के तहत 9 अगस्त को दिल्ली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसकी तैयारियों को लेकर रविवार (5 जुलाई, 2026) को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (DPCC) मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक हुई.
कार्यक्रम को लेकर दिल्ली में रणनीति तैयार
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव के निर्देश पर आयोजित बैठक में AICC दिल्ली प्रभारी काजी निजामुद्दीन, AICC सचिव और दिल्ली सह-प्रभारी दानिश अबरार और DPCC के महासचिव (संगठन) अनिल भारद्वाज ने महिला कांग्रेस, पूर्वांचल कांग्रेस और दिल्ली कांग्रेस यूनिवर्सिटी टीचर्स ऑर्गनाइजेशन (INTEC) के प्रतिनिधियों के साथ अभियान की तैयारियों की समीक्षा की.
बैठक में DPCC के उपाध्यक्ष अब्दुल हनान, महासचिव डॉ. पीके मिश्रा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पा सिंह, INTEC चेयरमैन पंकज गर्ग और पूर्वांचल कांग्रेस के चेयरमैन डॉ. सुधांशु कुमार भी मौजूद रहे.
28 राज्यों और 28 शहरों तक पहुंचाने की तैयारी
बैठक में काजी निजामुद्दीन ने कहा कि कांग्रेस पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित भ्रष्टाचार को राष्ट्रीय मुद्दा बनाकर छात्रों की आवाज बुलंद करेगी. उन्होंने बताया कि राहुल गांधी की घोषणा के अनुसार 25 जून से 9 अगस्त तक देश के 28 राज्यों और 28 शहरों में अभियान चलाया जा रहा है. दिल्ली में प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से पहले 2 जुलाई से 6 जुलाई तक विधानसभा स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक छात्रों और युवाओं को अभियान से जोड़ा जा सके.
'12 वर्षों में NEET पेपर लीक की 90वीं घटना' का दावा
काजी निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि केंद्र में बीजेपी सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है. उन्होंने दावा किया कि हाल में सामने आया NEET पेपर लीक पिछले 12 वर्षों में इस परीक्षा से जुड़ी 90वीं ऐसी घटना थी. उनके मुताबिक, इन घटनाओं ने देश के लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा परीक्षा व्यवस्था से कमजोर किया है.
शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग
बैठक को संबोधित करते हुए अनिल भारद्वाज ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान को छात्रों का व्यापक समर्थन मिल रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. उनका कहना था कि इसी वजह से छात्रों में नाराजगी बढ़ी है और वे इस अभियान से बड़ी उम्मीदें लगाए हुए हैं.
कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर साधा निशाना
दिल्ली सह-प्रभारी दानिश अबरार ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अब तक इस्तीफा नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्रों के बीच जाएगी.
कांग्रेस का कहना है कि 'छात्रों की गूंज' अभियान केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता, युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में लाने का प्रयास है. पार्टी को उम्मीद है कि 9 अगस्त को दिल्ली में होने वाला कार्यक्रम इस राष्ट्रव्यापी अभियान का सबसे बड़ा पड़ाव साबित होगा.
यह भी पढ़ेंः Karnataka News : SIR ड्यूटी ने ली 26 साल की अफसर की जान? रातभर काम, सुबह हादसा... गुस्से में उतरे कर्मचारी
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