राजेश एक्सपोर्ट्स पर सेबी का बड़ा हंटर, कथित वित्तीय हेरफेर के बाद 5% के लोअर सर्किट पर लगा शेयर

Rajesh Export Shares: सोने और ज्वेलरी के कारोबार से जुड़ी कंपनी रोजश एक्सपोर्ट और उसके प्रोमोटर राजेश मेहता पर मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने तगड़ा एक्शन लिया है. इसके चलते कंपनी के शेयर गुरुवार, 4 जून को 5% के लोअर सर्किट पर पहुंच गए. बीएसई और एनएसई पर यह शेयर गिरकर 103.92 रुपये से 104.65 रुपये के स्तर पर आ गया. कंपनी के शेयरों में यीह गिरावट उस समय आई, जब सेबी ने कंपनी के प्रोमोटर और चेयरमैन राजेश मेहता पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया और शेयर बाजार में उनके कारोबार पर रोक लगा दी.  क्या है आरोप? सेबी के अंतरिम आदेश के मुताबिक, कंपनी ने कारोबारी साल 2021 से 2025 के बीच अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू को करीब 15.35 लाख करोड़ रुपये तक का बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया. इसमें से 15.15 लाख करोड़ यानी कि लगभग 98.7% का रेवेन्यू पूरी तरह से फर्जी पाया गया. असल रेवेन्यू 20111 करोड़ रुपये का था.  सेबी की जांच में और भी कई गंभीर बातें सामने आई हैं. कंपनी के कागजों पर फर्जी कंपनियां बनाई. राजेश एक्सपोर्ट्स खुद ही माल खरीदकर खुल को ही सामान बेचा. इससे घूम-फिरकर अपनी ही कंपनियों को सामान बेचकर रेवेन्यू को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया. जांच में पाया गया कि कंपनी का पैसा बिना बोर्ड याद ऑडिट कमेटी की मंजूरी के बिना प्रोमोटर के पर्सनल बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किए गए और नियमों का उल्लंघन किया गया.  शेयर बाजार और निवेशकों पर असर सेबी के लगाए गए इन आरोपों के बाद राजेश एक्सपोर्ट्स के भविष्य को लेकर निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं. 

Jun 4, 2026 - 14:30
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राजेश एक्सपोर्ट्स पर सेबी का बड़ा हंटर, कथित वित्तीय हेरफेर के बाद 5% के लोअर सर्किट पर लगा शेयर

Rajesh Export Shares: सोने और ज्वेलरी के कारोबार से जुड़ी कंपनी रोजश एक्सपोर्ट और उसके प्रोमोटर राजेश मेहता पर मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने तगड़ा एक्शन लिया है. इसके चलते कंपनी के शेयर गुरुवार, 4 जून को 5% के लोअर सर्किट पर पहुंच गए. बीएसई और एनएसई पर यह शेयर गिरकर 103.92 रुपये से 104.65 रुपये के स्तर पर आ गया. कंपनी के शेयरों में यीह गिरावट उस समय आई, जब सेबी ने कंपनी के प्रोमोटर और चेयरमैन राजेश मेहता पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया और शेयर बाजार में उनके कारोबार पर रोक लगा दी. 

क्या है आरोप?

सेबी के अंतरिम आदेश के मुताबिक, कंपनी ने कारोबारी साल 2021 से 2025 के बीच अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू को करीब 15.35 लाख करोड़ रुपये तक का बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया. इसमें से 15.15 लाख करोड़ यानी कि लगभग 98.7% का रेवेन्यू पूरी तरह से फर्जी पाया गया. असल रेवेन्यू 20111 करोड़ रुपये का था.  सेबी की जांच में और भी कई गंभीर बातें सामने आई हैं.

कंपनी के कागजों पर फर्जी कंपनियां बनाई. राजेश एक्सपोर्ट्स खुद ही माल खरीदकर खुल को ही सामान बेचा. इससे घूम-फिरकर अपनी ही कंपनियों को सामान बेचकर रेवेन्यू को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया. जांच में पाया गया कि कंपनी का पैसा बिना बोर्ड याद ऑडिट कमेटी की मंजूरी के बिना प्रोमोटर के पर्सनल बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किए गए और नियमों का उल्लंघन किया गया. 

शेयर बाजार और निवेशकों पर असर

सेबी के लगाए गए इन आरोपों के बाद राजेश एक्सपोर्ट्स के भविष्य को लेकर निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं. 

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