योगराज सिंह के विवादित बयानों पर पहली बार बोले कपिल देव, कहा- 'कड़वाहट के साथ जीने वालों को...'
पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने आखिरकार योगराज सिंह के पुराने विवादित बयानों पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है. उन्होंने साफ कहा कि उनके मन में योगराज के लिए कोई नाराजगी नहीं है. हालांकि, वह ऐसे लोगों से दूर रहना पसंद करते हैं जो मन में कड़वाहट लेकर जिंदगी बिताते हैं. कपिल देव और योगराज सिंह ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत लगभग एक साथ की थी. दोनों ने कोच देश प्रेम आजाद से प्रशिक्षण लिया और भारत का प्रतिनिधित्व भी किया. हालांकि, जहां कपिल देव ने 1983 में भारत को विश्व कप जिताकर इतिहास रचा और दुनिया के महान ऑलराउंडरों में अपनी पहचान बनाई, वहीं योगराज सिंह का अंतरराष्ट्रीय करियर ज्यादा लंबा नहीं चल सका. योगराज पहले लगा चुके हैं गंभीर आरोप योगराज सिंह कई इंटरव्यू में कपिल देव पर गंभीर आरोप लगा चुके हैं. उनका कहना था कि कप्तान बनने के बाद कपिल देव ने बिना किसी वजह के उन्हें टीम से बाहर कर दिया. उन्होंने यहां तक दावा किया था कि वह गुस्से में पिस्तौल लेकर कपिल देव के घर पहुंचे थे और उन्हें खरी-खोटी सुनाते हुए इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था. बाद में युवराज सिंह ने एक इंटरव्यू के दौरान अपने पिता की ओर से कपिल देव से माफी भी मांगी थी. कपिल बोले- मेरी तरफ से आज भी दोस्ती है हाल ही में स्पोर्ट्स तक (Sports Tak) के पॉडकास्ट में कपिल देव ने पहली बार इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, 'उन्हें ऐसा करने की जरूरत नहीं थी. जिंदगी में कई बार ऐसी बातें हो जाती हैं. उन्होंने देश के लिए क्रिकेट खेला और अपने प्रदर्शन से इस खेल को पहचान दिलाई. लोग आज भी उन्हें उसी वजह से पसंद करते हैं.' जब कपिल देव से पूछा गया कि योगराज सिंह ने कहा है कि अगर आप दोस्त बनकर आएंगे तो वह आपको गले लगा लेंगे, तो उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता कि वह क्या कहना चाहते हैं. मेरी तरफ से तो आज भी दोस्ती है. लेकिन मुझे जिंदगी में कड़वाहट रखने वाले लोगों से मिलना पसंद नहीं है. मुझे हमेशा खुश रहने वाले लोग अच्छे लगते हैं. जिंदगी में बहुत कुछ होता है, लेकिन आगे बढ़ना जरूरी है. अगर किसी के मन में कड़वाहट होगी, तो लोग उसे पसंद नहीं करेंगे.' खुश रहना ही सबसे बड़ी बात कपिल देव ने कहा कि हर इंसान को जिंदगी में सब कुछ नहीं मिलता. कभी सफलता आपको मिलती है तो कभी आपके परिवार को. उन्होंने कहा, 'सबसे जरूरी बात यह है कि इंसान खुश रहे और मन में कड़वाहट न रखे. अगर मैं किसी को थप्पड़ मारूं या गाली दूं, तो उससे क्या हासिल होगा? जिंदगी में आगे बढ़ना ही सबसे सही रास्ता है.' यह भी पढ़ें- IND vs ENG: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी और जोफ्रा आर्चर के बीच बढ़ी टेंशन, इंग्लिश तेज गेंदबाज ने दिया बड़ा बयान उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर योगराज सिंह उनसे मिलकर गले लगाना चाहें तो उन्हें इसमें कोई दिक्कत नहीं होगी. कपिल ने कहा, 'वह मेरा बचपन का दोस्त है. बाद में हमारी राहें अलग हो गईं, लेकिन हमने साथ बहुत अच्छे दिन बिताए हैं. जैसे शादी के बाद अगर कभी तलाक हो जाए, तो इसका मतलब यह नहीं कि साथ बिताए अच्छे पलों को भुला दिया जाए. मुझे आज भी वे सभी यादगार दिन याद हैं.' यह भी पढ़ें- ICC T20 Ranking: टीम इंडिया हारी, लेकिन श्रेयस अय्यर को रैंकिंग में बंपर फायदा; लगाई 425 की छलांग
पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने आखिरकार योगराज सिंह के पुराने विवादित बयानों पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है. उन्होंने साफ कहा कि उनके मन में योगराज के लिए कोई नाराजगी नहीं है. हालांकि, वह ऐसे लोगों से दूर रहना पसंद करते हैं जो मन में कड़वाहट लेकर जिंदगी बिताते हैं. कपिल देव और योगराज सिंह ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत लगभग एक साथ की थी. दोनों ने कोच देश प्रेम आजाद से प्रशिक्षण लिया और भारत का प्रतिनिधित्व भी किया. हालांकि, जहां कपिल देव ने 1983 में भारत को विश्व कप जिताकर इतिहास रचा और दुनिया के महान ऑलराउंडरों में अपनी पहचान बनाई, वहीं योगराज सिंह का अंतरराष्ट्रीय करियर ज्यादा लंबा नहीं चल सका.
योगराज पहले लगा चुके हैं गंभीर आरोप
योगराज सिंह कई इंटरव्यू में कपिल देव पर गंभीर आरोप लगा चुके हैं. उनका कहना था कि कप्तान बनने के बाद कपिल देव ने बिना किसी वजह के उन्हें टीम से बाहर कर दिया. उन्होंने यहां तक दावा किया था कि वह गुस्से में पिस्तौल लेकर कपिल देव के घर पहुंचे थे और उन्हें खरी-खोटी सुनाते हुए इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था. बाद में युवराज सिंह ने एक इंटरव्यू के दौरान अपने पिता की ओर से कपिल देव से माफी भी मांगी थी.
कपिल बोले- मेरी तरफ से आज भी दोस्ती है
हाल ही में स्पोर्ट्स तक (Sports Tak) के पॉडकास्ट में कपिल देव ने पहली बार इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, 'उन्हें ऐसा करने की जरूरत नहीं थी. जिंदगी में कई बार ऐसी बातें हो जाती हैं. उन्होंने देश के लिए क्रिकेट खेला और अपने प्रदर्शन से इस खेल को पहचान दिलाई. लोग आज भी उन्हें उसी वजह से पसंद करते हैं.'
जब कपिल देव से पूछा गया कि योगराज सिंह ने कहा है कि अगर आप दोस्त बनकर आएंगे तो वह आपको गले लगा लेंगे, तो उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता कि वह क्या कहना चाहते हैं. मेरी तरफ से तो आज भी दोस्ती है. लेकिन मुझे जिंदगी में कड़वाहट रखने वाले लोगों से मिलना पसंद नहीं है. मुझे हमेशा खुश रहने वाले लोग अच्छे लगते हैं. जिंदगी में बहुत कुछ होता है, लेकिन आगे बढ़ना जरूरी है. अगर किसी के मन में कड़वाहट होगी, तो लोग उसे पसंद नहीं करेंगे.'
खुश रहना ही सबसे बड़ी बात
कपिल देव ने कहा कि हर इंसान को जिंदगी में सब कुछ नहीं मिलता. कभी सफलता आपको मिलती है तो कभी आपके परिवार को. उन्होंने कहा, 'सबसे जरूरी बात यह है कि इंसान खुश रहे और मन में कड़वाहट न रखे. अगर मैं किसी को थप्पड़ मारूं या गाली दूं, तो उससे क्या हासिल होगा? जिंदगी में आगे बढ़ना ही सबसे सही रास्ता है.'
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर योगराज सिंह उनसे मिलकर गले लगाना चाहें तो उन्हें इसमें कोई दिक्कत नहीं होगी. कपिल ने कहा, 'वह मेरा बचपन का दोस्त है. बाद में हमारी राहें अलग हो गईं, लेकिन हमने साथ बहुत अच्छे दिन बिताए हैं. जैसे शादी के बाद अगर कभी तलाक हो जाए, तो इसका मतलब यह नहीं कि साथ बिताए अच्छे पलों को भुला दिया जाए. मुझे आज भी वे सभी यादगार दिन याद हैं.'
यह भी पढ़ें- ICC T20 Ranking: टीम इंडिया हारी, लेकिन श्रेयस अय्यर को रैंकिंग में बंपर फायदा; लगाई 425 की छलांग
What's Your Reaction?